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Daily Archives: 10th October 2016

ईंट को जीएसटी से कर मुक्त रखने की मांग

हाथरस, जन सामना ब्यूरो। हाथरस जिला ब्रिक क्लिन एसोसियेशन की बैठक मेंडू गेट स्थित गोपालधाम में हुई। बैठक में जनपद की चारों तहसीलों के भट्टा स्वामियों ने सर्वसम्मति से निर्णय लेते हुये ईंट को जी.एस.टी. से कर मुक्त रखने की मांग सरकार से की है। क्योंकि ईंट उद्योग ग्रामीण, कुम्हरी, सीजनल, कुटीर उद्योग के साथ-साथ अति आवश्यक वस्तु है अन्यथा एसोसियेशन को आन्दोलनों का सहारा लेना पड़ेगा।
बैठक में ईंट व्यापारियों ने कहा कि गत सीजन वर्ष में शासन द्वारा (वैट) समाधान योजना में, एकपक्षीय अतर्किक वृद्धि की है के विरोध में सर्वे का बहिष्कार किया जाता है। गत सीजन में मिट्टी खनन राॅयल्टी में लगभग ढाई गुना जो वृद्धि की है उसके विरोध में उच्च न्यायालय इलाहाबाद में केस की सुनवाई होने वाली है। उसके निर्णय के बाद ही राॅयल्टी जमा की जायेगी। वक्ताओं ने कहा कि उत्पादित लाल ईंट के प्रयोग के विपरीत सीमेंट की इंटरलाकिंग ईंट के प्रयोग से पर्यावरण पर विपरीत प्रभाव पड़ रहा है और जनता के पैसों की खुली लूट हो रही है। चार रूपये की ईंट के स्थान पर 26 रूपये की एक ईंट लगाई जा रही है। जबकि यह ईंट बाजार में 11 व 12 रूपये में आसानी से उपलब्ध है।  § Read_More....

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मां दुर्गा पूजा महोत्सव शुरू

2016-10-10-2-sspjs-niraj-chakहाथरस, जन सामना ब्यूरो। आवास विकास कालौनी स्थित मंदिर श्री मनकामेश्वर के प्रांगण में प्रथम मां दुर्गा पूजा महोत्सव का आयोजन भारी धूमधाम के साथ मनाया जा रहा है। छः दिवसीय महोत्सव 7 अक्टूबर को माता दुर्गा जी की नगर फेरी एवं स्थापना के साथ शुरू हुआ जिसका समापन 12 अक्टूबर को विसर्जन माता के साथ राजघाट पर किया जायेगा।
कार्यक्रम के तहत बीती रात्रि को डांडिया नृत्य रास एवं सांस्कृतिक प्रस्तुति के साथ-साथ सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता का आयोजन किया गया जिसमें कालौनी के दर्जनों प्रतिभागियों ने भाग लेकर मईया का चोला है रंगला, सबसे बडा तेरा नाम, राधा नाचेगी, मुकुट सिर मोर का, प्रेम रतन धन पायो, कंकडिया से मटकी फोडी, झमझम नाचे तेरी मोरनी सहित दर्जनों भजनों पर डांडिया नृत्य एवं सांस्कृतिक नृत्य की मनमोहक प्रस्तुति की गई जिसमें रश्मि वाष्र्णेय, ज्योति सारस्वत एवं उनकी टीम का सहयोग रहा। § Read_More....

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भव्य झांकियों के साथ निकला मां काली मेला

2016-10-10-1-sspjs-niraj-chakहाथरस/सासनी। मां दुर्गा, काली, सरस्वती, जिस नाम से पुकारो उसी रुप में आकर भक्तों के कष्टों का निवारण कर उनके भंडार भरती है। इसके लिए मनुष्य को आशावादी नहीं होना चाहिए बल्कि मां पर पूरा भरोसा रखना चाहिए और उसकी शरण में ध्यान लगाकर ही सच्ची भक्ति प्राप्त की जा सकती है। शास्त्रों में कहा भी गया है कि जो मां आदि शक्ति की शरण में आ जाते हैं। जिन्हें मां की कृपा प्राप्त हो जाती है। वह दूसरों को कृपा देने वाले हो जाते हैं। उन्हें किसी भी क्षेत्र में कोई भय नहीं सताता।यह उद्गार गांव नया नगला में मां काली मेला महोत्सव के दौरान मुख्यातिथि के रुप में मौजूद समाजवादी पार्टी विधान सभा प्रत्याशी मूलचंद निम ने फीता काटकर तथा मां काली का पूजन करते वक्त व्यक्त किए। गांव में काली मेला कई वर्षों से निकाला जा रहा है। इस बार भी भव्य झांकियों के साथ मां काली मेला निकाला गया जिसमें विभिन्न देवी देवताओं की प्रतिमाओं को सजाकर झांकियां निकाली गई। मां काली का रुप स्वराज सिंह ने लिया तो तलवारवाजी दिखाने के लिए मां के साथ खरदूषण रनवीर तथा बच्चू सिंह रहे। मां को रास्ता दिखाने के लिए लांगुरा कमल सिंह आगे चले तो मां का खप्पर दिनेश चंद्र ने संभाला। काली को मंत्रशक्ति से उस्ताद श्यामलाल तथा छोटे लाल ने अवतरित किया। § Read_More....

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बृजमोहन कुशवाहा कोर्डीनेटर बने

हाथरस, जन सामना ब्यूरो। महान दल की बैठक मंडल अध्यक्ष प्रेमसिंह कुशवाहा की अध्यक्षता में आगरा रोड स्थित आशीर्वाद धाम कालौनी में हुई। बैठक में जिलाध्यक्ष बृजमोहन कुशवाहा को हाईकमान द्वारा अलीगढ़, आगरा, झांसी मंडल का कोर्डीनेटर बनाये जाने पर हर्ष व्यक्त करते हुये कहा कि 2017 के विधानसभा चुनाव को देखते हुये तथा संगठन को गति प्रदान करने के उद्देश्य से बृजमोहन कुशवाहा को कोर्डीनेटर बनाये जाने से रिक्त हुये हाथरस जिलाध्यक्ष की घोषणा 12 अक्टूबर को बेलनशाह की कोठी स्थित श्रीराम बगीची पर होगी। महिला मंच की जिलाध्यक्ष की भी घोषण्ण की जायेगी।
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कश्मीर को कुछ नहीं दे सकते अलगाववादी

pankaj-k-singhबुनियादी सच्चाईयों और तथ्यों की की अनदेखी करते हुए पाकपरस्त अलगाववादी राज्य में सक्रिय आतंकी ताकतों के साथ मिलकर ‘धरती का स्वर्ग’ समझे जाने वाले कश्मीर को ‘जहन्नुम’ बना देने पर आमादा हैं। इन अलगाववादियों द्वारा फैलाई जा रही हिंसा,आगजनी, व तोड़-फोड़ के बाद जब कभी सुरक्षाबल जवाबी कार्रवाई करता है और उसमें किसी प्रदर्शनकारी की मौत हो जाती है, तो यही अलगाववादी सुरक्षा बलों के विरुद्ध आक्रोशित होकर नारेबाजी करने लगते हैं। कुल मिलाकर पाकिस्तान और उसकी शह पर निजी हित साध रहे कश्मीरी अलगाववादी नेता कश्मीर को कुछ नहीं दे सकते। इनकी धोखे की राजनीति ने कश्मीर और कश्मीरी जनता का बहुत अहित किया है। कश्मीरी जनता अब समझदार और परिपक्व ढंग से इन परिस्थितियों का अवलोकन कर रही हैं। विश्वास किया जाना चाहिए कि कश्मीर में पाकिस्तान और उसकी शह पर मजे कूट रहे कश्मीरी अलगाववादी नेता शीघ्र ही हाशिए पर दिखाई पड़ेंगे।
जन आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए भारत सरकार के निरंतर प्रयासों के कारण ही आज कश्मीर घाटी में लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं और संवैधानिक मूल्यों को स्थापित किया जा सका है। कश्मीर की जनता अब सत्य को समझने लगी है। जनता को यह समझ में आ रहा है कि शांति और स्थिरता से ही विकासपरक गतिविधियों को दिशा दी जा सकती है। कश्मीर के चुनाव भारत में लोकतांत्रिक मूल्यों की विजयगाथा कहते हैं। 2015 के जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनाव में अलगाववादी शक्तियों को दरकिनार कर जनता ने भारी संख्या में उत्साहपूर्वक मतदान में हिस्सा लिया।  § Read_More....

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