• आॅइली स्किनः समस्याएं और बचाव

    महिला जगत

    2016-09-23-6-sspjsआॅइली स्किन का मतलब है आपकी स्किन में लिपिड लेवल यानि वसा की मात्रा ज्यादा होना। आपकी स्किन किस टाइप की है, यह तीन फैक्टर पर निर्भर होता है- पानी, लिपिड लेवल और संवेदनशीलता। आॅइली स्किन अकसर हार्मोनल बदलाव की वजह से होती है, इसका सम्बन्ध लाइफस्टाइल से भी है। आॅइली स्किन चमकदार, मोटी और बेजान होती है। इस तरह की स्किन वाले पुरुष और महिलाओं की आंख के नीचे काले धब्बे आने का खतरा रहता है। आॅइली स्किन में पोर्स यानि त्वचा में पाए जाने वाले छिद्र बड़े-बड़े होते हैं और सैबेकियस ग्लैंड ज्यादा सक्रिय होते हैं। नतीजा ऐसी स्किन आॅइली हो जाती है।
    क्यों होती है आॅइली स्किन की समस्या
    माहवारी के दौरान हार्मोनल बदलाव (Hormonal changes during menstruation) हर महीने मासिक धर्म के दौरान महिलाओं के शरीर में हुए हार्मोनल बदलाव से तैलीय ग्रंथि ज्यादा सक्रिय हो जाती है। इस दौरान निकले एंड्रोजेन हार्मोन की वजह से त्वचा में ज्यादा मात्रा में तेल निकलने लगता है, जिससे त्वचा के छिद्र भी बंद हो जाते हैं।
    तनाव से भी बढ़ती है आॅइली स्किन की समस्याः टेंशन ज्यादा लेने से हार्मोनल संतुलन बिगड़ता है। एक शोध के अनुसार तनाव के दौरान शरीर से काॅर्टिसोल हार्मोन का रिसाव होता है जिस वजह से त्वचा तैलीय हो जाती है। § Read_More....

..प्रकाशकः श्याम सिंह पंवार
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