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Daily Archives: 28th April 2018

कैसे करें क्लासिक स्मोकी आई मेकअप

Shalini Yogendra Gupta

परफेक्ट आईलाइनर्स, आईशैडो और ग्लिटर आपका मेकअप पूरा करता है। आपको जगह के हिसाब से अपना मेकअप बदलना चाहिए। भले ही आपके बाल, कपड़े और चेहरा बिलकुल परफेक्ट हो, लेकिन आँखों के मेकअप के बगैर आपका लुक अधूरा ही रहेगा। भले ही आपकी आँखें भूरी हों या काली, आप ‘जन सामना’ की ब्यूटी एडवाइजर व सेलेब्रिएटी मेकअप आर्टिस्ट शालिनी योगेन्द्र गुप्ता की दी गयी आँखों की मेकअप की टिप्स को आसानी से इस्तेमाल कर सकती हैं।
क्लासिक स्मोकी आँखों के लिए मेकअपः अगर आप अपनी आँखों को लोगों के सामने स्मोकी लुक देना चाहते हैं तो नीचे दिए गए नुस्खे इस्तेमाल करें।
हाइलाइटर प्रयोग करेंः सबसे पहले हाइलाइटर को आँखों की पत्तियों पर लगाएं क्योंकि यह 3 आईशैडो शेड्स में सबसे हल्का होता है। हाइलाइटर लगाने के बाद उसे पलकों के कोनों पर फैला दें। यह प्रक्रिया ऊपरी एवं निचली पलकों पर प्रयोग करें। इसे भौहों के नीचे अच्छे से लगाएं
मध्यम शेडः हाइलाइटर लगाने के बाद कुछ शेड हल्का आईशैडो लगाएं। यह कलर आईशैडो से एक शेड गाढ़ा होना चाहिए। आईशैडो का दूसरा शेड लगाने के बाद पूरी पलकों में इसे लगाएं। इसको आँखों के अंदरूनी कोनों में ब्लेंड करें जिससे ये दिखने में ज्यादा अटपटा ना लगे। नेचुरल क्रीज बनाने के लिए पलकों के ऊपर ब्रश का प्रयोग करें।
गहरा रंग इस्तेमाल करेंः तीसरा कदम होता है आँखों पर गहरे रंग का शेड प्रयोग करना। इसे आँखों के कोने से लगाना शुरू करें और सी का आकार बनाते हुए बीच के हिस्से तक लाएं। आपको पलकों की क्रीज के आधे भाग से बैकअप बनाने की आवश्यकता है। याद रखें कि सबसे गहरा पाॅइंट पलकों के ऊपरी भाग पर होता है।
ध्यान रखें कि आईशैडो आँखों के ज्यादा अंदर तक ना लगाएं क्योंकि आँखों की पत्तियों में ज्यादा गहरा आईशैडो अच्छा नहीं लगता। इस टिप को अपनाने से आपकी आँखें चमकदार दिखेंगी। § Read_More....

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बिजली का मसला

आज हर क्षेत्र में बिजली का दायरा व महत्व बहुत बढ़ गया है। ऐसे हालात बन चुके हैं कि चाहे ग्रामीण क्षेत्र हो या शहरी दोनों को बिजली की आवश्यकता है। बिजली का उत्पादन होने के बाद जितना उपयोग हो रहा है लगभग उसी अनुपात में दुरुपयोग भी किया जा रहा है। लेकिन बिजली बनाने को लेकर और बचाने को लेकर समाज को जितना आगे आना चाहिए और बिजली के क्षेत्र में कोशिश करनी चाहिए थी, उतनी नहीं हुई। आज वो लोग जो बिजली को चोरी छिपे उपयोग में ला रहे हैं और उन्हें उसकी कीमत नहीं चुकानी पड़ रही है वास्तव में वो लोग बिजली का दुरुपयोग कहीं ज्यादा कर रहे हैं। लोगों को समझना चाहिए कि जिस तरह से अचानक बिजली जाते ही हर घर के लोग अपने अपने घरों में उजाला करने की कोशिश अपने अपने हिसाब से करते हैं ठीक उसी तरह से हमें कारोबारों व घरों में भी बिजली बचाने की ओर सोंचना चाहिए और छोटी छोटी परियोजनाएं लगाकर बिजली का उत्पादन करने के बारे में प्रयास करना चाहिए। इससे सरकार के प्रयासों को काफी मदद मिलेगी। उप्र में पिछली सरकार ने भी बिजली के उत्पादन की ओर काफी प्रयास किए और वर्तमान सरकार भी इस ओर कार्य कर रही है।
हकीकत यह है कि घरों में, दफ्तरों में और औद्यौगिक क्षेत्रों बिजली की खपत बढ़ती ही जा रही है। साथ ही अब तो ग्रामीण क्षेत्रों में घरों में उपयोग के अलावा कृषिकार्य में भी बिजली का महत्व दिनों दिन बढ़ता ही जा रहा है। फसलों की सिचाई का एक बेहतर विकल्प भी बिजली बनती जा रही है। लेकिन यह सच है कि शहरों की अपेक्षा ग्रामीण इलाकों में जितनी बिजली की जरूरत है उतनी नहीं हो पा रही है इस लिए बिजली उत्पादन व उसके सदुपयोग पर हम सबको ध्यान देने की जरूरत है।
समय समय पर बिजली उत्पादन के कई उपायों पर कार्य किया गया लेकिन वो सफल नहीं दिखे जैसे कूड़े कचरे से बिजली उत्पादन का कार्य प्रभावी तरीके से सफल नहीं हो पाया। लेकिन सौर्य ऊर्जा सफल होती दिख रही है और लोग इस ओर रुचि भी ले रहे हैं। वहीं बिजली बचाने के लिए आधुनिक यन्त्रों का उपयोग भी काफी कारगर साबित हो रहा है लेकिन खास बात यह है जो लोग अवैध रूप से बिजली का संयोजन किए हैं वो लोग बिजली का दुरूपयोग ज्यादा कर रहे हैं और सरकारी मशीनरी इसे रोकने में सिर्फ खानापूर्ति करती दिखती है। इससे वैध उपभोक्ताओं को बिजली की ज्यादा कीमत अदा करनी पड़ रही है। इस ओर भी सरकार को ध्यान देने की जरूरत है ताकि ईमानदार लोगों को अपनी जेब ना ढीली करनी पड़े। § Read_More....

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