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अधिक से अधिक श्रमिकों का  पंजीयन कराकर लाभान्वित करें- जिलाधिकारी

फिरोजाबादः जन सामना ब्यूरो। जिलाधिकारी नेहा शर्मा की अध्यक्षता में श्रम बन्धु की बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में संपन्न हुयी। बैठक के दौरान अनुपस्थित जीएमडीआईसी का वेतन रोकने के निर्देश जिलाधिकारी को दिए। उन्होंने श्रमिकों के कल्याण के लिए सरकार की ओर से चलाई जा रही योजनाओं के व्यापक प्रचार प्रसार के निर्देश सम्बंधित अधिकारियों को दिए। उन्होंने कर्मचारी राज्य बीमा निगम की ओर से तैनात सोशल सिक्योरिटी आफीसर पंकज सिंह को सर्वे का कार्य अभी तक प्रारम्भ न करने पर और अन्य कार्यों व दायित्वों के निष्पादन में शिथिलता बरते जाने पर कड़ी फटकार लगाते हुए निर्देश दिए कि कारखानों में नियोजित सभी श्रमिकों को समूहित भविष्य निधि के साथ अन्य लाभप्रद योजनाओं से अक्षादित किये जाने सेवायोजकों के माध्यम से शिविर लगाकर उन्हें जानकारी उपलब्ध कराएं तथा भ्रमण करके सेवायोजको को इसके लिए प्रेरित करें। उन्होंने इएसआईसी के माध्यम से जनपद में संचालित दो डिस्पेंसरी जो कि फिरोजाबाद में जैन मंदिर के पास व शिकोहाबाद में संयुक्त चिकित्सालय में स्थित हैं, का व्यापक प्रचार प्रसार कराए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने एसीएमओ को निर्देश दिए कि इन डिस्पेंसरी के संचालन की जांच करें और यदि नियमित संचालन न हो रहा हो तो समबन्धित डाक्टर की सेवायें समाप्त किये जाने की संस्तुति शासन प्रेषित करा दी जाएँ। उन्होंने सभी सेवायोजक संस्थाओं को निर्देश दिए कि उत्तर प्रदेश भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार(नियोजन तथा सेवा शर्त विनिमय) 1996 तथा उससे सम्बंधित नियमावली 2009 के अंतर्गत पंजीयन व श्रमिकों के हितार्थ संचालित योजनाओं आदि की कार्यवाही सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि यदि कार्यदायी संस्थाओं जैसे पीडब्ल्यूडी, आवास विकास परिषद, आरएसआई आदि द्वारा इसमें शिथिलता बरती गयी तो सम्बंधित अधिकारियों का वितरण रोंके जाने की कार्यवाही की जायेगी। बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने जिला उद्योग केंद्र के प्रतिनिधियों को निर्देश दिए कि रिहायशी इलाकों में चल रहे उद्योगों को सर्वे करके उन्हें औद्योगिक क्षेत्र में स्थानान्तरित कराएं। उन्होंने सभी श्रम प्रवर्तन अधिकारियों को निर्देश दिए कि कि वह कारखानों का भ्रमण करके नियोजित श्रमिकों के उपस्थिति रजिस्टर, निर्धारित न्यूनतम वेतन मान, वेतन पर्ची जारी किये जाने,  और श्रमिकों की कार्यवधि की जांच करें। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि सभी श्रम प्रवर्तन अधिकारी जांच करते समय यह अवश्य देखें कि कार्यस्थल पर शुद्ध पेयजल, शौचालय, साफ सफाई और शुद्ध वायु   की व्यवस्था है अथवा नहीं तथा आपात स्थित हेतु पर्याप्त सुरक्षा उपकरण मौजूद हैं अथवा नहीं और आख्या एक सप्ताह के भीतर उन्हें प्रस्तुत करें। उन्होंने सुरक्षा मानकों के सभी बिन्दुओं पर गहनता से जांच करके आख्या देने के निर्देश सहायक निदेशक कारखाना को भी दिए।  उन्होंने चूड़ी जुड़ाई श्रमिकों को मिटटी का तेल उपलब्ध करने हेतु जीएमडीआईसी और जिला पूर्ती अधिकारी को संयुक्त सर्वे करके रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। बैठक के दौरान जिलाधिकारी श्रमिक संघों के प्रतिनिधियों की ओर से प्रस्तुत शिकायतों को ध्यानपूर्वक सुनकर उनके प्रभावी निस्तारण किये जाने के निर्देश सम्बंधित विभागों के अधिकारियों को दिए।  उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी दशा में श्रमिकों का शोषण नहीं होना चाहियें।  बैठक एक दौरान एएलसी राजीव सिंह, अपर नगर आयुक्त प्रमोद कुमार, सहित सभी सम्बंधित विभागों के अधिकारी और श्रमिक संगठनों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।