Tuesday, October 23, 2018
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नमामि गंगे योजनांतर्गत 1725.49 किमी सीवर लाइन डाले जाने का कार्य पूर्ण कराने हेतु समयसारिणी निर्धारित: मुख्य सचिव

नमामि गंगे योजनांतर्गत प्रदेश में स्वीकृत 30 परियोजनाओं से 607 एम0एल0डी0 के सीवेज शोधन संयत्र स्थापित कराकर 1725.49 किमी सीवर लाइन डाले जाने का कार्य अधिकतम दिसम्बर, 2018 तक पूर्ण कराने हेतु समयसारिणी निर्धारित: मुख्य सचिव
स्वीकृत 30 परियोजनाओं में से विगत 30 अप्रैल तक पूर्ण हो चुकी छः परियोजनाओं के अतिरिक्त 05 परियोजनाओं को दिसम्बर, 2018 तक तथा 02 परियोजनाओं को दिसम्बर, 2018 के बाद पूर्ण कराना होगा अनिवार्य: राजीव कुमार
अमृत योजनांतर्गत आवंटित 11000 करोड़ रूपये धनराशि में से 4 हजार करोड़ रूपये की योजनायें स्वीकृत, शासन स्तर पर लंबित अवशेष 4 हजार करोड़ रूपये की योजनायें के डी0पी0आर0 यथाशीघ्र नियमानुसार कराईं जायें स्वीकृति: मुख्य सचिव
अवशेष 3 हजार करोड़ रूपये की योजनाओं की डी0पी0आर0 आगामी 30 जून, 2018 तक जल निगम एवं नगर विकास को को बनाकर प्रस्तुत करना होगा अनिवार्य: राजीव कुमार 
अवशेष 13 परियोजनाओं – वृन्दावन, मथुरा, चुनार, मीरजापुर, रामनगर, बिठूर, इलाहाबाद, शुक्लागंज, उन्नाव, फर्ररूखाबाद, गाजीपुर पर निविदा की कार्यवाही प्रचलित: प्रमुख सचिव, नगर विकास
लखनऊ, जन सामना ब्यूरो। उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव राजीव कुमार ने निर्देश दिये हैं कि नमामि गंगे योजनांतर्गत प्रदेश में स्वीकृत 30 परियोजनाओं से 607 एम0एल0डी0 के सीवेज शोधन संयत्र स्थापित करा कर 1725.49 किमी सीवर लाइन डाले जाने का कार्य अधिकतम दिसम्बर, 2018 तक पूर्ण करा दिया जाये। उन्होंने कहा कि स्वीकृत 30 परियोजनाओं में से विगत 30 अप्रैल तक पूर्ण हो चुकी छः परियोजनाओं (इलाहाबाद की 05 एवं कन्नौज की 01 परियोजना) के अतिरिक्त 04 परियोजनाओं (इलाहाबाद, मुरादाबाद, नरौरा एवं गढ़मुक्तेश्वर की 01-01 परियोजनायें) को जून, 2018 , 05 परियोजनाओं (इलाहाबाद की 02 कानपुर, अनूप शहर एवं वाराणसी की 01-01 परियोजनायें)को दिसम्बर, 2018 तक तथा 02 परियोजनाओं(कानपुर एवं वाराणसी की 01-01 परियोजनायें) को दिसम्बर, 2018 के बाद पूर्ण कराना अनिवार्य होगा। मुख्य सचिव आज शास्त्री भवन स्थित अपने कार्यालय कक्ष के सभागार में जल निगम की बैठक कर परियोजनाओं की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि अवशेष 13 परियोजनाओं – वृन्दावन, मथुरा, चुनार, मीरजापुर, रामनगर, बिठूर, इलाहाबाद, शुक्लागंज, उन्नाव, फर्रूखाबाद, गाजीपुर पर निविदा की कार्यवाही प्रचलित है। उन पर अन्य नियमानुसार आवश्यक कार्यवाहियां प्राथमिकता से सुनिश्चित करा कर परियोजनाओं को यथाशीघ्र पूर्ण कराने हेतु कार्य प्रारम्भ कराया जाये। उन्होंने कहा कि परियोजनाओं को निर्धारित लक्ष्य के अंतर्गत पूर्ण करने हेतु माइक्रो लेवल पर वर्क प्रोग्राम निर्धारित करते हुए पूर्ण कराया जाये।श्री राजीव कुमार ने अमृत योजनांतर्गत आवंटित 11000 करोड़ रूपये धनराशि के सापेक्ष 4 हजार करोड़ रूपये की योजनायें स्वीकृत हो जाने के फलस्वरूप शासन स्तर पर लंबित अवशेष 4 हजार करोड़ रूपये की योजनायें के डी0पी0आर0 यथाशीघ्र नियमानुसार स्वीकृत कराने के निर्देश दिये हैं उन्होंने जल निगम एवं नगर विकास के वरिष्ठ अधिकारियों को निर्देश दिये हैं कि अवशेष 3 हजार करोड़ रूपये की योजनाओं की डी0पी0आर0 आगामी 30 जून, 2018 तक बनाकर स्वीकृत हेतु प्रस्तुत करा दी जायें। उन्होंने आगामी कुम्भ पर्व को दृष्टिगत रखते हुए इलाहाबाद, कानपुर एवं वाराणसी की परियोजनाओं पर विशेष ध्यान दे कर परियोजनाओं को निर्धारित मानक एवं गुणवत्ता के साथ यथाशीघ्र पूर्ण कराया जाये।  प्रमुख सचिव, नगर विकास, मनोज कुमार सिंह ने बताया कि है। मार्च, 2018 में 04 नग एस0टी0पी0 कुल क्षमता 84 एम0एलडी0 पूर्ण कर चालू करा दिया गया है। जिसमें कन्नौज में 13 एम0एल0डी, नरौरा में 04 एम0एल0डी, गढ़मुक्तेश्वर में 09 एम0एल0डी0 तथा मुरादाबाद में 58 एम0एल0डी0 क्षमता के सीवरेज संशोधन संयत्र स्थापित कराये गये हैं। इसके अतिरिक्त इलाहाबाद नगर में 119 एम0एल0डी0 क्षमतायुक्त 04 सीवेज शोधन संयत्र का संचालन करा कर सीवर नेटवर्क का कार्य भी पूर्ण करा लिया गया है। मनोज कुमार ने बताया कि नरौरा, गढ़मुक्तेश्वर, इलाहाबाद (डिस्ट्रिक्ट सी एवं ए), मुरादाबाद (फेज-1), अनूप शहर, वाराणसी (जायका घोषित), कानपुर, रमना, वाराणसी का कार्य वर्तमान में प्रगति पर हैं। उन्होंने बताया कि 2018-19 में निर्धारित लक्ष्य के अनुसार चुनार, वृन्दावन, रामनगर, बिठूर, नैनी एवं फाफामऊ, शुक्लागंज, उन्नाव, र्फरूखाबाद-फतेहगढ़, मथुरा, गाजीपुर, मीरजापुर, इलाहाबाद शहर में एस0टी0पी0 एवं सीवर नेटवर्क के कार्यों हेतु निविदा कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। उन्होंने बताया कि हाऊस सीवर कनेक्शन को विशेष प्राथमिकता देते हुए 1400 करोड़ रूपये अमृत योजना में स्वीकृत किया गया है।