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सम्पादक के भाई की मौत, हत्या या हादसा

मृतक का फाइल फोटो

⇒बिधनू पुलिस की भूमिका पर मृतक के परिजनों ने उठाये सवाल
⇒मुकदमा दर्ज होने के बाद नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी क्यों नहीं?
कानपुरः जन सामना संवाददाता। बिधनू थाना क्षेत्र में नौबस्ता निवासी दैनिक नगर संवाद समाचार पत्र के सम्पादक राघवेन्द्र सिंह चौहान के भाई की मौत हो गई।
पुलिस के मुताबिक सड़क हादसा है लेकिन मृतक के परिजनों ने घटना स्थल पर पहुंचकर जो दृश्य देखा उससे उन्होंने इसे सड़क हादसा होने से साफ इन्कार कर दिया और आरोप लगाया कि मृतक के दोस्तों ने उसकी हत्याकर सड़क हादसा का षडयन्त्र रच दिया। वहीं मृतक के भाई राघवेन्द्र सिंह चैहान चौहान के मुताबिक करमेन्द्र के दोस्तों ने उसे घर से ले जाकर कठारा स्थित करिया झाल मोड़ के पास उसकी हत्या कर सड़क हादसा का रूप दे दिया क्योंकि घायलावस्था में करमेन्द्र ने खुद अपने दोस्तों पर ही उसे मारने की बात कही और इसके बाद उसकी मौत हो गई।
मृतक के भाई राघवेन्द्र ने मोहित वर्मा, आलोक पाण्डेय, विकास दीक्षित और गौरी शंकर को नाम जद करते हुए साजिश के तहत घर से ले जाकर हत्या करने की तहरीर दी जिसके बाद तमाम आना करने के बाद आखिरकार बिधनू थाने में मुअसं 0289/2018 धारा 302 के तहत दिनांक 29 मई को दर्ज किया गया जबकि घटना 27 मई की है। परिजनों ने बताया कि मुकदमा दर्ज करने में थानाध्यक्ष ने बहुत टरकाने का प्रयास किया लेकिन अधिकारियों तक जब मामला पहुचा और स्थानीय पत्रकारों थाने पर प्रदर्शन किया तब मुकदमा दर्ज किया गया। लेकिन किसी भी आरोपी की गिरफ्तारी अभी तक ना होना पुलिस की भूमिका पर संदेह पैदा करता है।
इन सवालों के जवाब खोजना जरूरी-
-मृतक का मोबाइल कैसे बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया जबकि कार के अन्दर रखा था।
-मृतक का फोन काफी देर तक पहुंच से बाहर बताता रहा, क्या वह नेटवर्क से बाहर था या उसे तोड़ दिया गया था?
-पावना (पहिया खोलने का रिन्च) घटना स्थल पर जमीन पर पड़ा था जबकि उसे कार की डिग्गी में रखा गया था और कार की डिग्गी पूरी तरह से लाॅक थी।
-कार में सवार अन्य लोग घायल नहीं हुए यह भी संदेहजनक तथ्य है।