रायबरेली। जिला कारागार में महिला बंदियों को मूंज शिल्पकला का प्रशिक्षण दिया जाएगा। एनटीपीसी ऊंचाहार की ओर से सीएसआर के तहत सोमवार को मूंज शिल्पकला कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रम की शुरुआत की गई। इसका उद्देश्य महिला बंदियों को पारंपरिक मूंज शिल्पकला में दक्ष बनाकर उन्हें रचनात्मक और आजीविका से जुड़ी गतिविधियों से जोड़ना है। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि जिलाधिकारी सरनीत कौर ब्रोका रहीं। उन्होंने महिला बंदियों को कौशल विकास और आत्मनिर्भरता से जोड़ने के लिए शुरू किए गए प्रशिक्षण की सराहना की।
कार्यक्रम में मुख्य विकास अधिकारी अंजुलता, एनटीपीसी ऊंचाहार के कार्यकारी निदेशक एवं परियोजना प्रमुख बिश्व मोहन सिंह, जिला कारागार के जेल अधीक्षक प्रभात सिंह, जेलर हिमांशु रौतेला तथा एनटीपीसी के अपर महाप्रबंधक (मानव संसाधन) पंकज कुमार सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। परियोजना प्रमुख बिश्व मोहन सिंह ने कहा कि कौशल विकास से आत्मविश्वास बढ़ता है और भविष्य में आत्मनिर्भरता के साथ सम्मानजनक आजीविका का रास्ता भी खुलता है। उन्होंने महिला बंदियों से प्रशिक्षण में रुचि के साथ भाग लेने और सीखी गई कला को आगे बढ़ाने का आह्वान किया। प्रशिक्षण के दौरान महिला बंदियों को मूंज से विभिन्न उपयोगी और सजावटी उत्पाद तैयार करने का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा। कार्यक्रम के दौरान ‘स्वच्छता ही सेवा’ अभियान के तहत एनटीपीसी के नवनियुक्त प्रशिक्षु अधिकारियों ने नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत कर स्वच्छता और व्यक्तिगत एवं सामुदायिक जिम्मेदारी का संदेश दिया। कार्यक्रम के समापन पर महिला बंदियों को भोजन के पैकेट और कंबल वितरित किए गए। अधिकारियों ने महिला बंदियों से संवाद कर उनका उत्साहवर्धन भी किया। एनटीपीसी ऊंचाहार अपने सीएसआर प्रयासों के माध्यम से शिक्षा, स्वास्थ्य, कौशल विकास, महिला सशक्तिकरण एवं आजीविका संवर्धन के क्षेत्रों में स्थानीय समुदायों के समग्र विकास के लिए निरंतर कार्य कर रहा है।
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