लोकतंत्र में चुनाव केवल सरकार चुनने की प्रक्रिया नहीं, बल्कि जनता के विश्वास की सबसे बड़ी परीक्षा है। मतदाता को यह भरोसा होना चाहिए कि उसकी उंगली पर लगी स्याही उसके अधिकार की गारंटी है और मतदाता सूची से लेकर मतगणना तक पूरी प्रक्रिया निष्पक्ष, पारदर्शी और किसी भी राजनीतिक दबाव से मुक्त है। लेकिन जब इसी चुनावी व्यवस्था की निष्पक्षता पर सवाल उठने लगें तो चिंता स्वाभाविक है।
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार इन दिनों विपक्षी दलों के तीखे निशाने पर हैं। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर), फॉर्म-6 में कथित बदलाव और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर विपक्ष लगातार सवाल उठा रहा है। आरोपों की राजनीतिक प्रकृति अपनी जगह है, लेकिन जब इन्हीं आरोपों के बीच सर्वाेच्च न्यायालय को भी चुनाव आयोग से जवाब मांगना पड़े, तो पूरे मामले को केवल राजनीतिक बयानबाजी कहकर खारिज कर देना उचित नहीं होगा।
सवाल यह नहीं है कि विपक्ष चुनाव आयोग पर आरोप क्यों लगा रहा है। असली सवाल यह है कि क्या चुनाव आयोग उन आरोपों का पर्याप्त, स्पष्ट और सार्वजनिक रूप से संतोषजनक जवाब दे पा रहा है?
चुनाव आयोग एक संवैधानिक संस्था है। उसकी विश्वसनीयता किसी एक दल, सरकार या व्यक्ति की विश्वसनीयता नहीं होती। आयोग पर उठने वाला सवाल अंततः लोकतांत्रिक व्यवस्था पर उठता है। इसलिए आयोग की जिम्मेदारी केवल चुनाव कराना नहीं, बल्कि यह विश्वास कायम रखना भी है कि चुनावी प्रक्रिया निष्पक्ष है और हर मतदाता के अधिकार की समान रूप से रक्षा की जा रही है।
एस आई आर को लेकर देश के अलग-अलग हिस्सों में बहस तेज है। मतदाता सूची को अद्यतन और त्रुटिरहित बनाना निश्चित रूप से आवश्यक है। फर्जी या अपात्र नाम हटाने के साथ पात्र मतदाताओं के नाम सुरक्षित रखना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। यदि किसी वास्तविक मतदाता का नाम प्रक्रिया की खामी से सूची से बाहर हो जाता है, तो यह महज प्रशासनिक गलती नहीं, बल्कि उसके लोक तांत्रिक अधिकार से जुड़ा गंभीर विषय है।
यही कारण है कि चुनाव आयोग को सवालों से बचने के बजाय सवालों का सामना करना चाहिए। फॉर्म-6 में क्या बदलाव हुए? क्यों हुए? किस प्रक्रिया के तहत हुए? मतदाता सूची में नाम जोड़ने और हटाने की प्रक्रिया कितनी पारदर्शी है?
सड़े-गले गुड़ और चीनी के सीरे से बनता मिला ‘स्पेशल गुड़’
♦ 15 कुंतल संदिग्ध गुड़ नष्ट, चार नमूने जांच के लिए भेजे
खखरेरू, फतेहपुर। त्योहारों के सीजन के बीच खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की टीम ने मंगलवार को खखरेरू थाना क्षेत्र के चकिया गांव में संचालित कथित गुड़ भट्ठी पर छापा मारा। टीम को मौके पर सड़ा-गला गुड़, चीनी का सीरा और गंदगी के बीच गुड़ तैयार करने की सामग्री मिली। कार्रवाई के दौरान करीब 15 कुंतल संदिग्ध गुड़ जेसीबी से नष्ट कराया गया। चार नमूने लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए हैं।
खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारियों के अनुसार, भट्ठी में गुड़ बनाने के लिए इस्तेमाल की जा रही सामग्री की गुणवत्ता संदिग्ध मिली। परिसर में गंदगी भी पाई गई। सहायक आयुक्त खाद्य बीरन सिंह कुशवाहा ने बताया कि चार नमूने जांच के लिए भेजे गए हैं। प्रयोगशाला रिपोर्ट के आधार पर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि तैयार गुड़ को गत्तों में पैक कर आसपास के बाजारों में ‘स्पेशल देसी गुड़’ के नाम से भेजा जाता था। भट्ठी का संचालन कौशांबी निवासी बृजेश कुमार केसरवानी द्वारा किए जाने की जानकारी सामने आई है।
सपा ने निकाला पैदल मार्च, मुख्य निर्वाचन आयुक्त का पुतला फूंका
हाथरस। समाजवादी पार्टी के ‘वोट बचाओ देश बचाओ’ अभियान के तहत जिलाध्यक्ष देवेंद्र कुशवाहा के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने सोमवार को विरोध प्रदर्शन किया। जिला कार्यालय से पैदल मार्च निकालकर कार्यकर्ता अलीगढ़ रोड स्थित आंबेडकर पार्क पहुंचे और बाबा साहेब की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। इसके बाद निर्वाचन प्रक्रिया और मतदाता सूची में पारदर्शिता की मांग को लेकर मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार का पुतला फूंका गया।
इस दौरान पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच धक्का-मुक्की भी हुई। बाद में कार्यकर्ताओं ने तहसील सदर पहुंचकर नायब तहसीलदार शिवकुमार को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में पात्र नागरिकों के नाम मतदाता सूची में शामिल करने, बिना प्रक्रिया नाम न हटाने, निर्वाचन प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने तथा मुख्य निर्वाचन आयुक्त को हटाने की मांग की गई।
दीपावली से पहले सजेगा 11 दिवसीय ब्रज रज उत्सव
♦ धौली प्याऊ रेलवे ग्राउंड में दिखेगा देशभर के शिल्प और व्यंजनों का संगम
मथुरा। दीपावली से पहले 23 अक्टूबर से 2 नवंबर तक 11 दिवसीय ब्रज रज उत्सव का आयोजन धौली प्याऊ स्थित रेलवे ग्राउंड में किया जाएगा। उत्सव में विभिन्न राज्यों के प्रसिद्ध उत्पाद, शिल्प, हस्तकला और व्यंजनों की स्टॉल लगेंगी। ब्रज के स्थानीय व्यंजनों को भी विशेष प्राथमिकता दी जाएगी।
उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद की मुख्य कार्यपालक अधिकारी लक्ष्मी नागप्पन ने बताया कि उत्सव की तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। आयोजन परिषद, पुलिस, जिला प्रशासन और पर्यटन विभाग के संयुक्त तत्वावधान में होगा। विभिन्न विभागों की स्टॉल के माध्यम से लोगों को जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी भी दी जाएगी।
बच्चों और परिवारों के लिए झूले व मनोरंजन के साधन उपलब्ध रहेंगे। सांस्कृतिक मंच पर स्थानीय कलाकारों के साथ देश के प्रसिद्ध कलाकार प्रस्तुतियां देंगे। इस बार वृंदावन में भी पहली बार सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित होंगे।
30 नवंबर तक लागू रहेगी धारा 163, जुलूस-प्रदर्शन और भीड़ जुटाने पर रोक
हाथरस। त्योहारों और प्रतियोगी परीक्षाओं के मद्देनजर जिलाधिकारी सत्यप्रकाश पटेल ने जनपद में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 के तहत प्रतिबंध लागू किए हैं। आदेश के अनुसार दशहरा, दीपावली, गोवर्धन पूजा, भैया दूज, कार्तिक पूर्णिमा/गुरु नानक जयंती और प्रतियोगी परीक्षाओं के दौरान शांति एवं कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए विभिन्न गतिविधियों पर रोक रहेगी।आदेश के तहत बिना अनुमति धरना-प्रदर्शन, जुलूस, राजनीतिक गतिविधियां, हथियार लेकर चलना, भड़काऊ भाषण, पोस्टर-पंपलेट के जरिए उकसाने और भीड़ जुटाने पर प्रतिबंध रहेगा। सार्वजनिक स्थानों पर लाउडस्पीकर के इस्तेमाल के लिए अनुमति लेना अनिवार्य होगा तथा धार्मिक स्थलों के राजनीतिक उपयोग पर भी रोक रहेगी। एक स्थान पर पांच से अधिक लोगों के एकत्र होने की अनुमति नहीं होगी।परीक्षा केंद्रों के 200 मीटर के दायरे में धरना-प्रदर्शन, नारेबाजी, जुलूस, हथियार, लाउडस्पीकर और भीड़ जुटाने के साथ फोटोकॉपी मशीन, स्कैनर, मोबाइल फोन व अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के प्रयोग पर भी प्रतिबंध रहेगा।
असेंबली से एआई तक नए उत्तर प्रदेश की नई उड़ान
♦ मोबाइल उत्पादन से माइक्रोचिप और डेटा सेंटर से एआई सिटी तक बढ़ रहा प्रदेश: मुख्यमंत्री
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश आज तकनीक और नवाचार के क्षेत्र में तेजी से नई पहचान बना रहा है। कभी तकनीक के बड़े बाजार के रूप में पहचाने जाने वाला प्रदेश अब मोबाइल फोन, इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट, डेटा सेंटर और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में उत्पादन एवं निवेश का प्रमुख केंद्र बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्ववर्ती सरकारों ने उत्तर प्रदेश की असीम संभावनाओं का अपेक्षित उपयोग नहीं किया और प्रदेश को बीमारू राज्य की श्रेणी में बनाए रखा। वर्ष 2017 के बाद प्रदेश में विकास की प्राथमिकताओं में बदलाव किया गया। परिवारवाद और माफियाकरण की जगह प्रदेश के विकास, निवेशकों की सुरक्षा और तकनीक को प्राथमिकता दी गई।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मेक इन इंडिया, डिजिटल इंडिया और आत्मनिर्भर भारत के विजन को उत्तर प्रदेश की डबल इंजन सरकार ने नीति, निवेश और उत्पादन से जोड़कर धरातल पर उतारा है। पिछले साढ़े नौ वर्षों में देश के करीब 60 प्रतिशत मोबाइल फोन और 55 प्रतिशत इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट के उत्पादन में उत्तर प्रदेश की हिस्सेदारी होने का दावा किया गया।
मुख्यमंत्री के अनुसार, जेवर में 3,706 करोड़ रुपये की लागत से एचसीएल-फॉक्सकॉन की चिप इकाई स्थापित की जा रही है। प्रदेश में 644 मेगावाट क्षमता के डेटा सेंटर के प्रस्ताव सामने आए हैं। इसके अलावा उत्तर प्रदेश में 24 हजार से अधिक स्टार्टअप और आठ यूनिकॉर्न हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश की यात्रा अब मोबाइल से मॉड्यूल और मॉड्यूल से माइक्रोचिप तक पहुंच रही है।
उन्होंने कहा कि इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योग के विस्तार के साथ डेटा सेंटर की जरूरत बढ़ी और अब प्रदेश डेटा सेंटर से आगे बढ़कर एआई सिटी जैसी भविष्य की डिजिटल अर्थव्यवस्था की आधारभूत संरचना तैयार कर रहा है।
डिजिटल अरेस्ट के नाम पर ठगी से रहें सावधान
♦ बैंक ऑफ इंडिया में वित्तीय साक्षरता एवं साइबर जागरूकता अभियान
कानपुर। बैंक ऑफ इंडिया के कानपुर आंचलिक कार्यालय में सोमवार को वित्तीय साक्षरता एवं साइबर जागरूकता अभियान आयोजित किया गया। इसमें ग्राहकों और बैंक स्टाफ को सुरक्षित बैंकिंग, डिजिटल लेन-देन तथा बढ़ते साइबर अपराधों से बचाव के प्रति जागरूक किया गया।
आंचलिक प्रबंधक अभय कुमार ने कहा कि साइबर अपराधी पुलिस, सीबीआई, आरबीआई या अन्य सरकारी एजेंसियों का अधिकारी बनकर फोन अथवा वीडियो कॉल करते हैं और डराकर रुपये ट्रांसफर करने का दबाव बनाते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि कोई भी सरकारी अथवा जांच एजेंसी फोन या वीडियो कॉल पर किसी व्यक्ति को ‘डिजिटल अरेस्ट’ कर धनराशि जमा कराने के लिए नहीं कहती। ऐसी कॉल आने पर घबराने के बजाय तत्काल कॉल काटकर संबंधित अधिकारियों या परिजनों से संपर्क करें।
उन्होंने लोगों से ओटीपी, एटीएम/डेबिट कार्ड का विवरण, पिन, सीवीवी, पासवर्ड तथा बैंक खाते या इंटरनेट बैंकिंग से जुड़ी गोपनीय जानकारी किसी अनजान व्यक्ति से साझा नहीं करने की अपील की। साथ ही प्रधानमंत्री जन-धन योजना, अटल पेंशन योजना, प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना और प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना की जानकारी दी।
प्रेसिडेंशियल अवार्ड से नवाजे गये डॉ. एस. के. गौतम
कानपुर: हरी शंकर शर्मा। जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज, कानपुर के मेडिसिन विभाग के प्रोफेसर डॉ. एस. के. गौतम को उनके चिकित्सा एवं अकादमिक क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए उन्हें प्रेसिडेंशियल अवार्ड से सम्मानित किया गया।
क्लीनिकल कार्डियो-डायबिटिक सोसाइटी ऑफ इंडिया (सीसीडीएसआई) के तत्वावधान में 10वाँ राष्ट्रीय वार्षिक अधिवेशनकृसीसीडीएसआई 2026 का आयोजन 2 से 4 अक्टूबर 2026 तक देवघर, झारखंड में सफलतापूर्वक किया गया। देशभर से आए चिकित्सकों एवं चिकित्सा शिक्षकों की गरिमामयी उपस्थिति में आयोजित इस राष्ट्रीय अधिवेशन में जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के डॉ एस के गौतम को President’s Appreciation Award से सम्मानित किया गया। डॉ. गौतम को यह प्रतिष्ठित सम्मान विशेष रूप से मेटाबॉलिक डिजीजकृडायबिटीज, हाइपरटेंशन एवं ओबेसिटी के क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट योगदान, शैक्षणिक गतिविधियों तथा जन-जागरूकता के लिए प्रदान किया गया। यह सम्मान सीसीडीएसआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. के. के. पारीक एवं एम्स देवघर के निदेशक प्रो. (डॉ.) नितिन एम. गंगाने द्वारा प्रदान किया गया। अधिवेशन के दौरान डॉ. गौतम ने “Adult Vaccination in Diabetes” विषय पर अपना व्याख्यान प्रस्तुत किया, जिसमें मधुमेह रोगियों में विभिन्न वयस्क टीकाकरणों की आवश्यकता, उपयोगिता एवं वर्तमान टीकाकरण रणनीतियों पर विस्तार से चर्चा की।
गोमती बाढ़ पर सीएम योगी ने किया हवाई सर्वेक्षण
♦ फैजुल्लागंज से नैमिष तक तटबंध बनाने के निर्देश, प्रभावित परिवारों को तत्काल राहत देने पर जोर
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को फैजुल्लागंज से नैमिष तक गोमती नदी में आई बाढ़ का हवाई सर्वेक्षण किया। उन्होंने बाढ़ प्रभावित परिवारों को राहत सामग्री वितरित करने के साथ स्थानीय नागरिकों और एसडीआरएफ जवानों से संवाद कर राहत-बचाव कार्यों की जानकारी ली।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आपदा की इस घड़ी में डबल इंजन सरकार पूरी मजबूती से प्रभावित परिवारों के साथ खड़ी है। उन्होंने सिंचाई विभाग को फैजुल्लागंज से नैमिष तक गोमती नदी के पूरे तट का विस्तृत सर्वे कराने और तटबंध निर्माण की कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए।
योगी ने कहा कि गोमती पर तटबंध बनने से बाढ़ की विभीषिका को काफी हद तक रोका जा सकता है। तटबंध को दोहरे उपयोग के दृष्टिकोण से विकसित करने पर भी विचार किया जाए, ताकि वह नदी के पानी से गांवों और आबादी की सुरक्षा के साथ आवागमन में भी उपयोगी हो सके। तटबंध के बाहर बसे गांवों में बारिश के पानी की निकासी के लिए पंपिंग सेट की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।
उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल मौजूदा संकट से निपटना नहीं, बल्कि ऐसा स्थायी तंत्र विकसित करना है जिससे हर वर्ष बाढ़ की समस्या से लोगों को सुरक्षा मिल सके। राहत एवं बचाव कार्यों के लिए प्रशासन को पर्याप्त धनराशि उपलब्ध कराई गई है और प्रभावित लोगों तक राहत पहुंचाने में किसी प्रकार की कमी नहीं होने दी जाएगी।
राहत शिविरों में भोजन, दूध और पौष्टिक आहार की व्यवस्था
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि बाढ़ प्रभावित लोगों को खुले या असुरक्षित स्थानों पर रात न बितानी पड़े। स्कूलों, मैरिज हॉल और अन्य सुरक्षित भवनों को राहत शिविर के रूप में इस्तेमाल किया जाए।
राष्ट्र निर्माण की आधारशिला हैं शिक्षकः ब्रजेश पाठक
♦ डिप्टी सीएम ने टीचर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया के वार्षिक अधिवेशन में रखे विचार
♦ कहा- शिक्षकों के सम्मान व हितों के लिए प्रदेश सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध
लखनऊ। उप्र के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि शिक्षक केवल विद्यार्थियों को शिक्षा प्रदान करने का कार्य नहीं करते, बल्कि वे नई पीढ़ी के व्यक्तित्व, चरित्र और भविष्य का निर्माण करते हुए राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। शिक्षक समाज के वास्तविक निर्माता हैं और उनके सम्मान एवं हितों के लिए प्रदेश सरकार पूरी संवेदनशीलता के साथ कार्य कर रही है।
उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने लखनऊ में टीचर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया के वार्षिक अधिवेशन समारोह को संबोधित किया। देश के विभिन्न प्रांतों से आए शिक्षकगणों का स्वागत करते हुए उन्होंने वार्षिक अधिवेशन की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि किसी भी राष्ट्र की प्रगति का आधार उसकी शिक्षा व्यवस्था होती है और शिक्षा व्यवस्था की सबसे मजबूत कड़ी शिक्षक हैं। शिक्षक बच्चों को केवल पाठ्यक्रम का ज्ञान नहीं देते, बल्कि उन्हें जीवन की चुनौतियों के लिए तैयार करते हैं, उनमें संस्कार, अनुशासन, जिम्मेदारी और राष्ट्र के प्रति कर्तव्यबोध का निर्माण करते हैं। इसलिए शिक्षक समाज का सम्मान और उनके हितों की रक्षा सरकार की प्राथमिकताओं में है।
डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने कहा कि आप सभी शिक्षकगण भविष्य के निर्माता हैं। आप बच्चों को उनके भावी जीवन के लिए तैयार करते हैं। मैं सरकार की ओर से आपको विश्वास दिलाता हूं कि हर परिस्थिति में हम आपके साथ खड़े हैं।
Jansaamna