➤ बड़ौत की धरती से निकली शिक्षा की धारा ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बनाई विशिष्ट पहचान
बागपत। उत्तर प्रदेश में बागपत के बड़ौत नगर स्थित जनता वैदिक कॉलेज आज केवल एक शिक्षण संस्थान नहीं, बल्कि जनसहयोग, सामाजिक जागृति, ग्रामीण समाज की सामूहिक चेतना और शिक्षा के प्रति समर्पण का एक महत्वपूर्ण प्रतीक है। 20 अक्टूबर 1917 को एक छोटे से वैदिक हाईस्कूल के रूप में शुरू हुई यह संस्था आज अपनी गौरवशाली यात्रा के शताब्दी वर्ष एवं हीरक जयंती के अवसर पर विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से अपनी ऐतिहासिक विरासत को स्मरण कर रही है। यह अवसर संस्था के विकास में योगदान देने वाले उन असंख्य लोगों और किसान परिवारों को याद करने का भी है, जिनके त्याग और सहयोग से इसकी नींव मजबूत हुई।
Jansaamna
अब की बरसी तो जोर से बरसी…
जब सृष्टि में कुछ भी नहीं था तब भी महाकाल विद्यमान थे। स्कंद पुराण के अवंती खण्ड में महाकाल की कथा विस्तार से दी गई है-
सखी रे गाओ मंगल गीत, अवध में राम पधारे हैं।
‘देखनी है तो इसकी उमर देखें, गलतियां नहीं इसका हुनर देखें।