Thursday, September 24, 2026
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‘वेस्ट टू वेल्थ’ के माध्यम से स्कूली बच्चों की रचनात्मक प्रतिभा को किया सम्मानित

रायबरेली। आधुनिक रेल डिब्बा कारखाना (आरेडिका), रायबरेली की ओर से पर्यावरण संरक्षण, रचनात्मकता और पुनर्चक्रण की भावना को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से ‘वेस्ट टू वेल्थ’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में आरेडिका के आसपास स्थित 18 विद्यालयों के करीब 317 विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने पुरानी एवं अनुपयोगी वस्तुओं से कलात्मक आकृतियां, खिलौने, सजावटी सामान और अन्य उपयोगी सामग्री तैयार कर अपनी रचनात्मक प्रतिभा का प्रदर्शन किया। पहल का उद्देश्य बच्चों में अनुपयोगी वस्तुओं के पुन: उपयोग, पर्यावरण संरक्षण और रचनात्मक सोच के प्रति जागरूकता विकसित करना था। कार्यक्रम में सिद्धार्थ ज्ञानोदय इंटर कॉलेज बेलाखारा, प्रज्ञा अकादमी शेखवापुर, गणेश इंटर कॉलेज ऐहार, पीएम श्री विद्यालय लालगंज, केपीएम इंटर कॉलेज लालगंज, यूपीएस लालगंज, ब्राइटलैंड पब्लिक स्कूल लालगंज, प्राथमिक विद्यालय लालगंज, प्राथमिक विद्यालय सुदनखेड़ा, एमसीएफ स्काउट एवं गाइड, सरस्वती बालिका विद्या मंदिर रामलीला ग्राउंड लालगंज, यूपीएस गौरा रुपई, ज्ञानदा बाल मंदिर आरेडिका, केंद्रीय विद्यालय आरेडिका, ए.जी. कॉन्वेंट स्कूल ऐहार, न्यू स्टैंडर्ड पब्लिक स्कूल लालगंज, इंडस हेरिटेज इंटरनेशनल बरस और सर्वोदय इंटर कॉलेज किलौली के विद्यार्थियों ने प्रतिभाग किया।

महाप्रबंधक आरेडिका श्री रामन कृष्णन की अध्यक्षता में सरस्वती वंदना के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। इसके बाद आरेडिका में आयोजित ‘वेस्ट टू वेल्थ’ गतिविधियों पर आधारित लघु वीडियो प्रदर्शित किया गया। महाप्रबंधक ने विद्यार्थियों की रचनात्मक प्रस्तुतियों की सराहना की। उन्होंने विद्यालयों के प्रबंधकों एवं प्रधानाचार्यों को प्रशस्ति-पत्र तथा प्रतिभागी विद्यार्थियों को प्रमाण-पत्र और स्मृति-चिह्न प्रदान कर सम्मानित किया। इस दौरान विद्यार्थियों की रचनात्मकता की सराहना करते हुए कहा गया कि ऐसी गतिविधियों से बच्चों में पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी, नवाचार, आत्मविश्वास और रचनात्मक सोच विकसित होती है। अनुपयोगी वस्तुओं का रचनात्मक उपयोग न केवल कचरे को कम करने में सहायक है, बल्कि ‘वेस्ट टू वेल्थ’ की अवधारणा को व्यवहार में लाने का प्रभावी माध्यम भी है।

रेलवे कर्मचारियों के 63 बच्चों को तकनीकी एवं व्यावसायिक शिक्षा के लिए छात्रवृत्ति

कार्यक्रम के दौरान रेलवे कर्मचारियों के बच्चों को तकनीकी एवं व्यावसायिक उच्च शिक्षा के लिए छात्रवृत्ति भी वितरित की गई। वित्तीय वर्ष 2025-26 में उच्च तकनीकी एवं व्यावसायिक शिक्षा प्राप्त कर रहे रेलवे कर्मचारियों के 63 बच्चों को कुल 11.34 लाख रुपये की छात्रवृत्ति प्रदान की गई। छात्रवृत्ति प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों में इंजीनियरिंग के 27, चिकित्सा के 15, कंप्यूटर साइंस के तीन, बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन/लॉ के छह, सीए का एक तथा बीएससी, एमएससी एवं कृषि विज्ञान के 11 विद्यार्थी शामिल हैं। छात्रवृत्ति का उद्देश्य रेलवे कर्मचारियों के बच्चों को उच्च तकनीकी एवं व्यावसायिक शिक्षा के लिए आर्थिक सहायता और प्रोत्साहन प्रदान करना है, ताकि वे अपनी शिक्षा जारी रखकर बेहतर भविष्य का निर्माण कर सकें। कार्यक्रम के अंतर्गत कर्मचारी हित निधि (एसबीएफ) से कर्मचारी एवं अधिकारी क्लबों तथा सांस्कृतिक संगठन के लिए निर्धारित धनराशि का भी वितरण किया गया। कार्यक्रम के अंत में कार्मिक विभाग की ओर से सभी अतिथियों, विद्यालयों, विद्यार्थियों तथा आयोजन में सहयोग करने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों के प्रति आभार व्यक्त किया गया। इस अवसर पर आरेडिका के प्रधान मुख्य यांत्रिक इंजीनियर विवेक खरे, प्रधान मुख्य विद्युत इंजीनियर मनोज कुमार जिंदल, प्रधान मुख्य कार्मिक अधिकारी रूपेश श्रीवास्तव सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी, यूनियन प्रतिनिधि, महिलाएं और बच्चे मौजूद रहे।