रायबरेली। गंगा नदी की मत्स्य संपदा और जलीय पारिस्थितिकी को मजबूत करने के उद्देश्य से डलमऊ के रानी शिवाला घाट पर रिवर रैंचिंग कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान गंगा नदी में भारतीय मेजर कार्प की एक लाख मत्स्य अंगुलिकाएं डाली गईं। इसके साथ ही लोगों को नदी की स्वच्छता और जलीय जीवों के संरक्षण के प्रति जागरूक किया गया। मत्स्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार, रिवर रैंचिंग का उद्देश्य गंगा में मत्स्य संपदा को बढ़ावा देना और जलीय पारिस्थितिकी को मजबूत करना है। इससे मत्स्य उत्पादन बढ़ाने के साथ मछुआरा समुदाय के लिए आय और आजीविका के अवसर बढ़ाने में भी मदद मिलने की उम्मीद है।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि नगर पंचायत डलमऊ के अध्यक्ष बृजेश कुमार गौड़ ने कहा कि गंगा धार्मिक आस्था का केंद्र होने के साथ बड़ी आबादी की आजीविका और महत्वपूर्ण जलीय पारिस्थितिकी का आधार है। उन्होंने कहा कि नदी में मत्स्य अंगुलिकाओं के संचय से जैव विविधता को बढ़ावा मिलने और स्थानीय मछुआरा समुदाय को लाभ मिलने की उम्मीद है। उपजिलाधिकारी डलमऊ प्रीती सिंह ने लोगों को गंगा की स्वच्छता बनाए रखने और जलीय जीवों के संरक्षण के प्रति जागरूक किया। इस दौरान लोगों ने गंगा को स्वच्छ रखने और प्रतिबंधित जालों का इस्तेमाल नहीं करने की शपथ भी ली। कार्यक्रम में मत्स्य विभाग के अधिकारी-कर्मचारी, स्थानीय जनप्रतिनिधि, नाविक, मछुआरा समुदाय के प्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में मत्स्य पालक और मछुआरा समुदाय के लोग मौजूद रहे।
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