कानपुर/पलक्कड़। भारतीय भाषाओं और संस्कृति के क्षेत्र में काम करने के लिए कानपुर की कलम एक स्वैच्छिक संस्था के चार पदाधिकारियों व सदस्यों को ‘भारतीय भाषा संस्कृति रत्न सम्मान-2026’ से सम्मानित किया गया। इनमें संस्था के सचिव डॉ. विपिन शुक्ला के अलावा डॉ. अजय सिन्हा, डॉ. अलका गुप्ता और अतुल त्रिपाठी शामिल हैं। सम्मान समारोह पलक्कड़ के मलमपुझा स्थित स्प्रिचुअल रिट्रीट सेंटर में आयोजित चार दिवसीय ‘मलयगिरि आध्यात्मिक चेतना शिविर’ के दौरान हुआ। शिविर का आयोजन 1 अक्टूबर से किया गया था। समारोह में भारतीय भाषाओं, संस्कृति, आध्यात्मिक चेतना और मानवता के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों के लिए विभिन्न प्रतिभागियों को सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम का आयोजन अभिषेक जी भारतीय भाषा समन्वयक एवं सहयोग परिषद तथा दिव्य प्रेरक कहानियां मानवता अनुसंधान केंद्र न्यास, ठेकमा, आजमगढ़ के संयुक्त सहयोग से किया गया। सम्मान मिलने के बाद डॉ. विपिन शुक्ला ने कहा कि भारतीय भाषाएं और संस्कृति देश की विविधता में एकता की पहचान हैं। इनके संरक्षण और संवर्धन के साथ युवा पीढ़ी तक इनके मूल्यों को पहुंचाना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। संस्था के पदाधिकारियों और सदस्यों को सम्मान मिलने पर कलम से जुड़े लोगों ने खुशी जताई। उन्होंने इसे संस्था के सामाजिक, सांस्कृतिक और जनसेवा से जुड़े कार्यों की महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया।
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