Sunday, October 4, 2026
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एससी-एसटी एक्ट में संशोधन और निष्पक्ष जांच की मांग

फिरोजाबाद। राष्ट्रीय अधिकार मोर्चा (आरएएम) पार्टी ने अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के कथित दुरुपयोग की शिकायतों और निष्पक्ष जांच की व्यवस्था को लेकर राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपा है। संगठन ने कानून में आवश्यक सुधार, दोनों पक्षों को सुनने का अवसर और निर्दोष नागरिकों के अधिकारों की सुरक्षा की मांग उठाई। ज्ञापन में संगठन ने कहा कि एससी-एसटी एक्ट का उद्देश्य वंचित वर्गों को जातिगत अत्याचार, भेदभाव और अपमान से सुरक्षा प्रदान करना है। मोर्चा इस उद्देश्य का समर्थन करता है, लेकिन कुछ मामलों में कानून के दुरुपयोग के आरोपों के कारण निर्दोष व्यक्तियों और उनके परिवारों को सामाजिक, आर्थिक एवं मानसिक परेशानियों का सामना करना पड़ता है। संगठन ने मांग की है कि केंद्र सरकार और संसद के माध्यम से अधिनियम की समीक्षा कर आवश्यक संशोधन किए जाएं। विवादित मामलों में निष्पक्ष एवं वैज्ञानिक जांच की प्रभावी व्यवस्था हो तथा दोनों पक्षों को सुनवाई का उचित अवसर दिया जाए। झूठे या दुर्भावनापूर्ण आरोप साबित होने पर जिम्मेदार व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई और पीड़ित पक्ष को उचित राहत देने की व्यवस्था भी की जाए। ज्ञापन में राष्ट्रीय स्तर पर समीक्षा समिति गठित करने, जातीय तनाव रोकने के लिए संतुलित कानून व्यवस्था बनाने और संविधान के अनुच्छेद 14 एवं 21 के तहत सभी नागरिकों के समान अधिकारों की रक्षा करने की मांग की गई। ज्ञापन देने वालों में जिलाध्यक्ष विपिन शर्मा, महानगर अध्यक्ष सौरभ लहरी, विकास लहरी, सर्वेश उपाध्याय, प्रदीप पचौरी, हनी तैनगुरिया, संदीप शर्मा, विवेक पाठक, शोभित भारद्वाज, मेघेंद्र उर्फ पिंकी आदि मौजूद रहे।