♦ मांट क्षेत्र की राजनीति में मची हलचल
♦ अब कांग्रेस गठबंधन में अपने हिस्से में चाएगी यह विधान सभा सीट
बाजना: श्याम बिहारी भार्गव। जनपद की राजनीति के चाणक्य के रूप में जाने वाले पूर्व मंत्री श्याम सुंदर शर्मा की चाल से मांट विधान सभा चुनाव का गणित बदल गया है। लम्बी राजनीतिक पारी में पूर्व विधायक श्याम सुंदर शर्मा फिर वहीं पहुंच गये हैं जिस राजनीतिक दल से राजनीति शुरू की थी, मांट विधानसभा सीट से 8 बार के पूर्व विधायक श्याम सुंदर शर्मा की 33 साल बाद कांग्रेस में घर वापसी ने ब्रज क्षेत्र का सियासी पारा चढ़ा दिया है। उनके इस दांव से आगामी विधानसभा चुनाव के समीकरण पूरी तरह उलट गए हैं जिससे एनडीए और इंडिया गठबंधन दोनों के भीतर टिकट को लेकर जबरदस्त मारामारी होना तय माना जा रहा है ।
भाजपा और रालोद के एनडीए गठबंधन में मांट सीट को लेकर खींचतान मचना तय है। वर्तमान में यहाँ से भाजपा के राजेश चौधरी विधायक हैं जिन्होंने 2022 में यह सीट जीती थी। वहीं रालोद के कद्दावर नेता योगेश नौहवार भी इस क्षेत्र में मजबूत जमीन रखते हैं और एमएलसी हैं। इसके साथ पूर्व में दो चुनाव श्याम सुंदर शर्मा से मामूली अंतर से हार चुके हैं, वह फिलहाल लंबे समय से दावेदारी ठोक रहे हैं, दोनों ही नेताओं के बीच बयानबाजी किसी से छुपी नहीं है। बरहहाल श्याम सुंदर शर्मा के कांग्रेस में आने के बाद पैदा हुई नई चुनौती से निपटने के लिए दोनों दलों में इस सीट को अपने पाले में करने की होड़ मचेगी, सपा और कांग्रेस के इंडिया गठबंधन में भी टिकट की राह आसान नहीं होगी ।
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता और अखिलेश यादव के बेहद करीबी संजय लाठर पिछले चुनाव में उपविजेता रहे थे और लगातार करीब 2012 से क्षेत्र में सक्रिय हैं। एमएलसी रहते हुए भी क्षेत्र में अनेकों जगह विकास भी कराया था। वहीं दूसरी ओर श्याम सुंदर शर्मा का इस सीट पर 8 बार जीतने का अपना अनुभव और व्यक्तिगत वोट बैंक है। ऐसे में गठबंधन के तहत यह सीट सपा के खाते में जाएगी या कांग्रेस के और लाठर व शर्मा में से किसे टिकट मिलेगा। यह देखना दिलचस्प होगा, राजनीति के खेल में माहिर होने में तमगा लिए बैठी पूर्व मुख्यमंत्री सुश्री मायावती के पत्ते का सभी को इंतजार है। यह पत्ता अच्छे अच्छे राजनीति के धुरंधरों के दांत खट्टे कर देगा ।
Jansaamna