-महापौर ने सफाई कर्मचारियों के धरने का किया समर्थन
-वेतन में कटौती रोकने, मृतक कर्मियों के परिवार को 30 लाख सहायता और एक सदस्य को नौकरी देने की मांग
फिरोजाबाद। उत्तर प्रदेश ठेका सफाई कर्मचारी संघ के बैनर तले सोमवार को ठेका सफाई कर्मचारियों, सीवर हेल्परों, डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन कर्मचारियों समेत अन्य ठेका कर्मियों ने विभिन्न मांगों को लेकर नगर निगम परिसर में धरना-प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने हाथों में मांगों से संबंधित तख्तियां लेकर विरोध जताया और जल्द समाधान की मांग की। वहीं ठेका सफाई कर्मचारियों के धरने की जानकारी होने पर महापौर कामिनी राठौर नगर निगम पहुंची और धरने पर बैठ गई।
ठेका सफाई कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष विनय कुमार बाल्मीकि ने कहा कि अकुशल ठेका कर्मियों को 15,007 रुपये और कुशल कर्मियों को 18 हजार रुपये वेतन तत्काल उनके खातों में दिया जाए। साथ ही वेतन से किसी भी प्रकार की कटौती नहीं की जाए।
कर्मचारियों ने साईनाथ कंपनी पर अनुबंध के नाम पर कथित रूप से अनुचित शर्तों वाला समझौता कराने का आरोप लगाते हुए उसे तत्काल निरस्त करने की मांग की। संघ की प्रमुख मांगों में कार्य के दौरान किसी ठेका कर्मी की मृत्यु होने पर उसके परिवार को ठेकेदार की ओर से 30 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने का लिखित आश्वासन और मृतक कर्मचारी के परिवार के एक सदस्य को नौकरी देना शामिल है। प्राकृतिक मृत्यु होने पर दाह संस्कार के लिए 25 हजार रुपये तत्काल देने की भी मांग की गई।
कर्मचारियों ने स्थानांतरण और नियुक्ति से पहले संघ की सहमति लेने तथा ठेका सफाई कर्मचारियों से जुड़े ठेकों में कथित अनियमितताओं और दस्तावेजों में गड़बड़ी की एसआईटी जांच कराने की मांग भी उठाई। कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। वहीं महापौर कामिनी राठौर ने सफाई कर्मचारियों के धरने का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि जब तक सफाई कर्मचारियों की जायज समस्याओं का समाधान किया जाये।
धरना देने वालों मे विकास चंद्र बाल्मीकि, प्रवीन उमराय, शेरा बाल्मीकि, योगेश बाल्मीकि, अनिकेत चौहान, विवेक कुमार बंटी, पार्षद अवधेश कुमार बाल्मीकि, अमन टागोर, राज बाल्मीकि मौजूद रहे।
Jansaamna