♦ मोबाइल उत्पादन से माइक्रोचिप और डेटा सेंटर से एआई सिटी तक बढ़ रहा प्रदेश: मुख्यमंत्री
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश आज तकनीक और नवाचार के क्षेत्र में तेजी से नई पहचान बना रहा है। कभी तकनीक के बड़े बाजार के रूप में पहचाने जाने वाला प्रदेश अब मोबाइल फोन, इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट, डेटा सेंटर और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में उत्पादन एवं निवेश का प्रमुख केंद्र बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्ववर्ती सरकारों ने उत्तर प्रदेश की असीम संभावनाओं का अपेक्षित उपयोग नहीं किया और प्रदेश को बीमारू राज्य की श्रेणी में बनाए रखा। वर्ष 2017 के बाद प्रदेश में विकास की प्राथमिकताओं में बदलाव किया गया। परिवारवाद और माफियाकरण की जगह प्रदेश के विकास, निवेशकों की सुरक्षा और तकनीक को प्राथमिकता दी गई।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मेक इन इंडिया, डिजिटल इंडिया और आत्मनिर्भर भारत के विजन को उत्तर प्रदेश की डबल इंजन सरकार ने नीति, निवेश और उत्पादन से जोड़कर धरातल पर उतारा है। पिछले साढ़े नौ वर्षों में देश के करीब 60 प्रतिशत मोबाइल फोन और 55 प्रतिशत इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट के उत्पादन में उत्तर प्रदेश की हिस्सेदारी होने का दावा किया गया।
मुख्यमंत्री के अनुसार, जेवर में 3,706 करोड़ रुपये की लागत से एचसीएल-फॉक्सकॉन की चिप इकाई स्थापित की जा रही है। प्रदेश में 644 मेगावाट क्षमता के डेटा सेंटर के प्रस्ताव सामने आए हैं। इसके अलावा उत्तर प्रदेश में 24 हजार से अधिक स्टार्टअप और आठ यूनिकॉर्न हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश की यात्रा अब मोबाइल से मॉड्यूल और मॉड्यूल से माइक्रोचिप तक पहुंच रही है।
उन्होंने कहा कि इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योग के विस्तार के साथ डेटा सेंटर की जरूरत बढ़ी और अब प्रदेश डेटा सेंटर से आगे बढ़कर एआई सिटी जैसी भविष्य की डिजिटल अर्थव्यवस्था की आधारभूत संरचना तैयार कर रहा है। एआई-प्रज्ञा के माध्यम से 10 लाख युवाओं को नई तकनीक से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश का बढ़ता स्टार्टअप इकोसिस्टम युवाओं को केवल नौकरी तलाशने वाला नहीं, बल्कि रोजगार देने वाला बनाने की दिशा में भी काम कर रहा है। तकनीकी क्षेत्र में बढ़ते निवेश से युवाओं के लिए रोजगार, उद्यमिता और आर्थिक समृद्धि के नए अवसर पैदा हो रहे हैं।
उन्होंने कहा कि आज उत्तर प्रदेश केवल तकनीक का बाजार नहीं, बल्कि तकनीक का निर्माता बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। असेंबली से एआई तक की यह यात्रा केवल तकनीकी बदलाव नहीं, बल्कि प्रदेश के युवाओं के रोजगार, उद्यम और समृद्धि की यात्रा है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि लखनऊ में एचसीएल टेक की स्थापना के 10 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में वह सहभागिता करेंगे। इसी अवसर पर एचसीएल-गुवी इमर्जिंग टेक स्किलिंग सेंटर का शुभारंभ भी किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि ‘विकसित भारत-विकसित उत्तर प्रदेश’ के संकल्प के साथ तकनीक, निवेश और नवाचार के क्षेत्र में आगे बढ़ता प्रदेश ही नए उत्तर प्रदेश की नई उड़ान का आधार है।
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