Friday, October 16, 2026
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स्पाई ग्लास एंडोस्कोपी से बुजुर्ग महिला की पित्त की नली में फंसी पथरी निकाली

➤ दो सेंटीमीटर की पथरी को छोटे टुकड़ों में तोड़कर ईआरसीपी विधि से किया गया साफ

कानपुर। जीएसवीएम पीजीआई, कानपुर के गैस्ट्रोएंटरोलॉजी विभाग के डॉक्टरों ने 90 वर्षीय बुजुर्ग महिला की पित्त की नली में फंसी बड़ी पथरी को बिना ऑपरेशन के निकालने में सफलता हासिल की है। स्पाई ग्लास एंडोस्कोपी और इलेक्ट्रो हाइड्रोलिक लिथोट्रिप्सी तकनीक की मदद से पथरी को छोटे-छोटे टुकड़ों में तोड़कर ईआरसीपी विधि से बाहर निकाला गया। करीब 30 मिनट तक चली इस प्रक्रिया के बाद मरीज की स्थिति में तेजी से सुधार हो रहा है। जानकारी के अनुसार, बुजुर्ग महिला पेट दर्द, पीलिया और तेज ठंड लगने के साथ बुखार की समस्या से पीड़ित थीं। परिजन उन्हें जीएसवीएम पीजीआई, कानपुर के गैस्ट्रोएंटरोलॉजी विभाग के अध्यक्ष डॉ. विनय कुमार की ओपीडी में लेकर पहुंचे। मरीज की स्थिति को देखते हुए उन्हें सोमवार को अस्पताल में भर्ती किया गया। जांच में पता चला कि उनकी पित्त की नली में करीब दो सेंटीमीटर की बड़ी पथरी फंसी हुई है, जिसके कारण पित्त का प्रवाह बाधित होने के साथ संक्रमण और मवाद बनने की समस्या भी हो गई थी।

मरीज की अधिक उम्र और स्वास्थ्य स्थिति को देखते हुए पारंपरिक ऑपरेशन के बजाय बिना चीरा लगाए उपचार करने का निर्णय लिया गया। बुधवार को विभागाध्यक्ष डॉ. विनय कुमार के नेतृत्व में डॉ. ध्रुव ठाकुर और डॉ. सत्यम कुमार सिंह की टीम ने स्पाई ग्लास एंडोस्कोपी तथा इलेक्ट्रो हाइड्रोलिक लिथोट्रिप्सी तकनीक का इस्तेमाल किया। इस प्रक्रिया में पित्त की नली में फंसी बड़ी पथरी को छोटे टुकड़ों में तोड़कर ईआरसीपी के माध्यम से बाहर निकाला गया। इस सफल प्रक्रिया के बाद मरीज की हालत में तेजी से सुधार होने की जानकारी दी गई। जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. संजय काला ने इस जटिल प्रक्रिया को सफलतापूर्वक पूरा करने के लिए गैस्ट्रोएंटरोलॉजी विभाग की पूरी टीम को बधाई दी।

क्या है स्पाई ग्लास एंडोस्कोपी?

स्पाई ग्लास एंडोस्कोपी एक आधुनिक चिकित्सा तकनीक है, जिसमें कैमरे से युक्त बेहद पतली और लचीली ट्यूब के जरिए पित्त की नलियों के भीतर सीधे देखा जा सकता है। इससे पथरी की स्थिति और आकार का सटीक पता लगाने में मदद मिलती है। जरूरत पड़ने पर इलेक्ट्रो हाइड्रोलिक लिथोट्रिप्सी जैसी तकनीक से बड़ी पथरी को छोटे टुकड़ों में तोड़कर निकाला जा सकता है। इस तकनीक का उपयोग ईआरसीपी प्रक्रिया के साथ भी किया जाता है।

पित्त की नली की बीमारियों में भी उपयोगी

डॉ. विनय कुमार के अनुसार, स्पाई ग्लास एंडोस्कोपी पित्त की नली में फंसी बड़ी पथरी को पहचानने और निकालने के अलावा कई अन्य समस्याओं के निदान में भी उपयोगी है। इसकी मदद से पित्त की नली में कैंसर या ट्यूमर की पहचान, संकुचन अथवा रुकावट के कारणों की जांच और जरूरत पड़ने पर स्टेंट डालने में सहायता मिलती है। इसके अलावा, नली के अंदरूनी हिस्से से ऊतक का नमूना लेकर बायोप्सी करने में भी यह तकनीक उपयोगी साबित होती है।