ऊंचाहार, रायबरेली। शहजादपुर ग्राम पंचायत में संभावित प्रधान प्रत्याशी पर निजता के हनन की आशंका जताते हुए ग्रामीण तहसील मुख्यालय पर आमरण अनशन पर बैठ गए। ग्रामीणों ने स्थानीय पुलिस और प्रशासन पर शिकायत के बावजूद कार्रवाई न करने का आरोप लगाया है। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक मामले में कार्रवाई नहीं होती, तब तक उनका आमरण अनशन जारी रहेगा। गांव निवासी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के खंड सेवा प्रमुख एवं समाजसेवी शत्रुघ्न सिंह ने आरोप लगाया कि ग्राम पंचायत में संभावित प्रधान प्रत्याशी की ओर से करीब 50 सीसीटीवी कैमरे लगवाए गए हैं और उनका डिजिटल वीडियो रिकॉर्डर (डीवीआर) उसके घर में रखा हुआ है। उन्होंने आशंका जताई कि कैमरों में रिकॉर्ड महिलाओं के वीडियो का दुरुपयोग किया जा सकता है। हालांकि, इस संबंध में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
शत्रुघ्न सिंह के अनुसार, उन्होंने करीब एक वर्ष से इस मामले को लेकर उपजिलाधिकारी (एसडीएम), खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) और जिलाधिकारी से शिकायत की है। इसके बावजूद उनकी मांग पर कार्रवाई नहीं हुई। उनका कहना है कि डीवीआर को ग्राम पंचायत के पंचायत भवन में अथवा प्रशासन की निगरानी में सुरक्षित रखने की मांग भी की गई थी, लेकिन इस दिशा में कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया गया। उन्होंने बताया कि बीते समाधान दिवस में भी जिलाधिकारी सरनीत कौर ब्रोका से व्यक्तिगत रूप से मामले की शिकायत की गई थी। इसके बाद भी कार्रवाई नहीं होने से नाराज ग्रामीणों ने तहसील परिसर में आमरण अनशन शुरू कर दिया। गुरुवार को तहसील परिसर में आमरण अनशन को लेकर लोगों के बीच चर्चा रही। वहीं, ग्रामीणों ने स्थानीय पुलिस और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए मामले में जल्द कार्रवाई की मांग की। इस संबंध में एसडीएम विवेक राजपूत ने आमरण अनशन की जानकारी होने से इनकार किया है।
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