ऊंचाहार, रायबरेली। ऊंचाहार विधानसभा क्षेत्र के अरखा गांव निवासी पूर्व विधायक कुंवर अजयपाल सिंह की क्षेत्र में बढ़ती सक्रियता से राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। करीब दस साल तक सार्वजनिक और राजनीतिक गतिविधियों से दूर रहने के बाद अब वह क्षेत्र के गांवों का दौरा कर रहे हैं। इस दौरान उनके समर्थकों और स्थानीय लोगों की ओर से उनका स्वागत किया जा रहा है। क्षेत्र में उनकी सक्रियता को लेकर राजनीतिक चर्चाएं भी तेज हो गई हैं। ‘राजा अरखा’ के नाम से पहचाने जाने वाले कुंवर अजयपाल सिंह का क्षेत्र में पुराना राजनीतिक आधार रहा है। उनके समर्थकों का कहना है कि गांव-गांव में लोगों से उनका जुड़ाव और जनसंपर्क उनकी पहचान का अहम हिस्सा रहा है। लंबे अंतराल के बाद उनकी सक्रियता से समर्थकों में उत्साह दिखाई दे रहा है। ऊंचाहार नगर निवासी डॉ. अजहर अब्बास नकवी का कहना है कि जब कोई नेता लंबे समय बाद जनता के बीच लौटकर उनके सुख-दुख और समस्याओं से जुड़ता है, तो लोगों के बीच पुराने संबंध फिर मजबूत हो सकते हैं। उनके मुताबिक, ऐसा जुड़ाव केवल राजनीतिक नहीं, बल्कि भावनात्मक भी होता है। इंटर कॉलेज के पूर्व प्रवक्ता शिवकरन तिवारी के अनुसार, राजनीति में जनता का विश्वास और भावनात्मक जुड़ाव महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। जब लोगों को किसी नेता से अपनापन महसूस होता है, तो वे उसके प्रति अपना समर्थन व्यक्त करने के लिए आगे आते हैं। उनके अनुसार, कुंवर अजयपाल सिंह को मिल रहा समर्थन इसी जुड़ाव का संकेत है। वहीं, नगर पंचायत के पूर्व उपाध्यक्ष बाबा ज्ञान बहादुर सिंह का कहना है कि जब कोई जनप्रतिनिधि लोगों के बीच पहुंचकर सड़क, बिजली, पानी और स्वास्थ्य जैसी बुनियादी समस्याओं को उठाता है, तो जनता में भरोसा बढ़ता है। लोगों को उम्मीद रहती है कि उनकी समस्याओं को सुनने और समाधान के लिए प्रयास करने वाला व्यक्ति उनके बीच मौजूद है। राजनीतिक जानकारों के बीच भी कुंवर अजयपाल सिंह की सक्रियता चर्चा का विषय बनी हुई है। इसे आगामी चुनावों से पहले क्षेत्र में राजनीतिक पकड़ मजबूत करने की संभावित कवायद के रूप में देखा जा रहा है। हालांकि, उनकी सक्रियता का आगामी चुनावी राजनीति पर क्या असर पड़ेगा, यह आने वाले समय में स्पष्ट होगा। फिलहाल, ऊंचाहार क्षेत्र में उनकी वापसी ने राजनीतिक गतिविधियों को नई चर्चा जरूर दी है।
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