Monday, September 14, 2026
Breaking News
Home » मुख्य समाचार » पृथ्वी पर जब-जब असुरों का आतंक बढ़ा, तब-तब ईश्वर ने अवतार लिया

पृथ्वी पर जब-जब असुरों का आतंक बढ़ा, तब-तब ईश्वर ने अवतार लिया

जन सामना-संवाददाता/आशीष बाजपेयीः कानपुर। उत्तरीपुरा नवीन गल्ला मंडी में चल रही रामकथा में विश्व के सबसे कम उम्र के कथावाचक शाश्वत महाराज ने विचार व्यक्त किए । उन्होंने कहा कि आज का व्यक्ति ईश्वर की सत्ता को मानने से भले ही इंकार कर दे लेकिन एक ना एक दिन उसे ईश्वर की महत्ता को स्वीकार करना ही पड़ता है। संसार में जितने भी असुर उत्पन्न हुए सभी ने ईश्वर के अस्तित्व को नकार दिया और स्वयं भगवान बनने का ढोंग करने लगे, लेकिन जब ईश्वर ने अपनी सत्ता की झलक दिखाई तो सभी का अस्तित्व धरा से ही समाप्त हो गया अधर्म के मार्ग पर चलने वाला व्यक्ति कितना ही शक्तिशाली क्यों न हो लेकिन धर्म के मार्ग पर चलने वाले के आगे अधिक समय तक नहीं टिक सकता। कथा व्यास ने कहा कि ब्राह्मण पूजनीय होता है। ब्राह्मण का कभी उपहास नहीं करना चाहिए जिसने ब्राह्मण का उपहास किया है उसका सर्वनाश ही हुआ है व्यास ने ब्राह्मण द्वारा भानु प्रताप को दिए गए श्राप की कथा का विस्तार से वर्णन किया । आचार्य ने श्री राम जन्म की कथा सुनाते हुए कहा कि जब अयोध्या में भगवान राम का जन्म होने वाला था तब समस्त अयोध्या नगरी में शुभ शकुन होने लगे। भगवान राम का जन्म होने पर अयोध्या नगरी में खुशी का माहौल हो गया। चारों और मंगल गान होने लगे। राम जन्म की कथा को सुन पांडाल में उपस्थित समस्त भक्त गण महिला एवं पुरुष बच्चे एवं वृद्ध नृत्य मुद्रा में आ गए। इस अवसर पर शशिकांत मिश्रा अनिल मिश्रा मोहित बाजपेई नियति कॉस्मेटिक के प्रोपराइटर रोहित बाजपेई, ईशान बाजपेयी, हर्ष आदि महान श्रद्धालुओं ने कथा श्रवण कर पुण्य का लाभ लिया ।