पवन कुमार गुप्ताः ऊंचाहार, रायबरेली। क्षेत्र के पिपरहा समेत अन्य गांव के ग्रामीणों द्वारा करीबन दो सप्ताह पूर्व सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अधीक्षक व स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी पर गंभीर आरोप लगाते हुए जिला अधिकारी से मामले की शिकायत की गई थी। जिला अधिकारी ने मामले में अब जांच के लिए निर्देशित किया है।
गांव के वीरेंद्र यादव, संजय यादव आदि ग्रामीणों ने जिला अधिकारी को दिये शिकायती पत्र में बताया था कि सीएचसी अधीक्षक सीएचसी में रात्रि विश्राम नहीं करते हैं और समय से पहले ही सीएचसी छोड़ देते हैं। उनका सीयूजी नम्बर भी बन्द रहता है।उनके द्वारा झोलाछाप डॉक्टरों को नोटिस भेजकर उनके द्वारा पैसे की मांग की जाती है। जिसमें स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी की पूर्णतया संलिप्तता रहती है।
इससे पूर्व जगतपुर सीएचसी अधीक्षक रहते हुए उन पर भ्रष्टाचार के आरोप भी लगे थे। उन पर प्राथमिकी भी दर्ज हुई थी लेकिन इसके बावजूद भी उन्हें ऊंचाहार का सीएचसी अधीक्षक बनाया गया है।इसके अलावा प्रसव के दौरान उनके द्वारा प्रसूताओं को कंप्यूटराइज्ड भारी भरकम कीमत की दवा की पर्ची भी दी जाती है। इसी मामले की शिकायत पर जिला अधिकारी ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को जांच के आदेश दिए हैं।
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