आगरा। डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय (डीबीआरएयू) ने उच्च शिक्षा को अधिक लचीला और सुलभ बनाने की दिशा में आठ ऑनलाइन डिग्री कार्यक्रम शुरू किए हैं। विश्वविद्यालय के दूरस्थ एवं ऑनलाइन शिक्षा केंद्र (सीडीओई) के माध्यम से शुरू किए गए इन पाठ्यक्रमों में नियमित कक्षाओं में उपस्थित होने में असमर्थ विद्यार्थियों के साथ-साथ कामकाजी पेशेवरों को भी पढ़ाई जारी रखने का अवसर मिलेगा। विश्वविद्यालय की ओर से शुरू किए गए ऑनलाइन कार्यक्रमों में बीबीए, बीसीए, बी.कॉम., एमबीए, एमसीए, एम.कॉम., एमए (समाजशास्त्र) और एमबीए (ट्रैवल एंड टूरिज्म मैनेजमेंट) शामिल हैं।
वार्ड 2 और 5 में 1.12 करोड़ रुपये से होंगे विकास कार्य
फिरोजाबाद। नगर निगम की ओर से शहर के वार्ड संख्या 2 और 5 में करीब 1.12 करोड़ रुपये की लागत से नाली और सीसी सड़क निर्माण समेत विभिन्न विकास कार्य कराए जाएंगे। गुरुवार को महापौर कामिनी राठौर ने क्षेत्रीय पार्षदों की मौजूदगी में सम्राट नगर स्थित ट्यूबवेल के पास हवन-पूजन कर निर्माण कार्यों का शिलान्यास किया। महापौर ने बताया कि वार्ड संख्या 2 और 5 के सम्राट नगर अंबेडकर पार्क क्षेत्र में 39 लाख 95 हजार 526 रुपये की लागत से महेश चंद्र ट्यूबवेल से फैजान कपड़े वाले के मकान तक और अशोक से मोतीलाल नेताजी के मकान तक नाली मरम्मत एवं सीसी सड़क निर्माण कराया जाएगा।
व्यापार प्रतिनिधि मंडल की प्रांतीय कार्य समिति की बैठक 13 सितंबर को
फिरोजाबाद। उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल की प्रांतीय कार्य समिति की बैठक 13 सितंबर को फिरोजाबाद क्लब में आयोजित की जाएगी। बैठक की अध्यक्षता प्रांतीय अध्यक्ष लोकेश अग्रवाल करेंगे। इसमें विभिन्न जनपदों के जिला एवं महानगर अध्यक्ष, नगर अध्यक्ष और प्रांतीय पदाधिकारी शामिल होंगे। प्रांतीय वरिष्ठ उपाध्यक्ष अंबेश शर्मा ने बताया कि 12 सितंबर को शाम चार बजे प्रांतीय अध्यक्ष लोकेश अग्रवाल का व्यापारियों की ओर से टूंडला टोल प्लाजा पर स्वागत किया जाएगा। इसके बाद वह वाहनों के काफिले के साथ फिरोजाबाद के लिए रवाना होंगे। उन्होंने बताया कि सुभाष चौराहे पर प्रांतीय अध्यक्ष का ढोल-नगाड़ों के साथ स्वागत किया जाएगा। यहां से पथ संचालन करते हुए कार्यक्रम गांधी पार्क चौराहे पर पहुंचेगा। इसके बाद जन औषधि केंद्र पर भी उनका स्वागत किया जाएगा। अंबेश शर्मा ने बताया कि 13 सितंबर को फिरोजाबाद क्लब में होने वाली प्रांतीय कार्य समिति की बैठक में व्यापारियों की समस्याओं पर चर्चा की जाएगी।
फेयरवेल पार्टी में विद्यार्थियों ने मचाया धमाल
फिरोजाबाद। एफएस विश्वविद्यालय, शिकोहाबाद में छात्र-छात्राओं के सम्मान एवं विदाई के लिए फेयरवेल पार्टी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देकर जमकर धमाल मचाया। मनोरंजक गतिविधियों और प्रस्तुतियों से समारोह में पूरे समय उत्साह का माहौल बना रहा। कार्यक्रम का शुभारंभ विश्वविद्यालय के कुलाधिपति डॉ. दिलीप यादव, प्रतिकुलाधिपति डॉ. योगेश यादव, ट्रस्टी डॉ. राहुल यादव, डॉ. नितिन यादव, कुलपति डॉ. संजीव भारद्वाज और महानिदेशक डॉ. अभिनव श्रीवास्तव ने मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इसके बाद विद्यार्थियों ने गीत, नृत्य सहित विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। कार्यक्रम में मिस्टर फेयरवेल का खिताब जीएनएम के शिवम कुशवाह को दिया गया।
देहदान का संकल्प हुआ पूरा, मेडिकल कॉलेज को सौंपी सुरेश चंद्र की देह
कानपुर। मंगला विहार प्रथम, न्यू पीएसी लाइन निवासी 71 वर्षीय व्यवसायी सुरेश चंद्र सैनी की पार्थिव देह उनके देहदान संकल्प के तहत जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के एनाटॉमी विभाग को विद्यार्थियों के अध्ययन के लिए दान की गई। यह युग दधीचि देहदान महायज्ञ अभियान के तहत 326वां देहदान है। परिजनों के अनुसार सुरेश चंद्र सैनी ने वर्ष 2018 में देहदान का संकल्प लिया था। गुरुवार तड़के संक्षिप्त बीमारी के बाद उनका निधन हो गया। इसके बाद उनके पुत्र रोहित सैनी ने युग दधीचि देहदान महायज्ञ के अभियान प्रमुख मनोज सेंगर को सूचना दी और देहदान की प्रक्रिया पूरी कराने का आग्रह किया।
डोर-टू-डोर सफाई कर्मचारियों ने उठाईं समस्याएं
➤ समाधान न होने पर आंदोलन की चेतावनी
➤ वेतन, ईपीएफ-ईएसआई, सुरक्षा किट और काम के घंटे को लेकर उठाई आवाज
कानपुर। नगर निगम के अंतर्गत डोर-टू-डोर सफाई व्यवस्था में कार्यरत कर्मचारियों ने वेतन, ईपीएफ-ईएसआई, सुरक्षा उपकरण और काम के निर्धारित समय समेत विभिन्न समस्याओं को लेकर आवाज उठाई है। डोर-टू-डोर सफाई कर्मचारी एसोसिएशन ने संबंधित अधिकारियों को ज्ञापन सौंपकर समस्याओं के समाधान की मांग की है। एसोसिएशन ने चेतावनी दी है कि मांगों का समयबद्ध समाधान नहीं होने पर कर्मचारी नियमानुसार शांतिपूर्ण आंदोलन और हड़ताल का रास्ता अपनाने को मजबूर होंगे। एसोसिएशन का कहना है कि नगर निगम क्षेत्र में डोर-टू-डोर सफाई का काम निजी कंपनियों/ठेकेदारों के माध्यम से कराया जा रहा है। सफाई कर्मचारी शहर को स्वच्छ रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं, लेकिन उन्हें कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
ऊंचाहार में भव्य कलश यात्रा, हेलीकॉप्टर से हुई पुष्पवर्षा
➤ हजारों श्रद्धालुओं का उमड़ा सैलाब, हर-हर महादेव के जयघोष से गूंजा ऊंचाहार
पवन कुमार गुप्ता: रायबरेली। ऊंचाहार में शुक्रवार से शुरू होने वाली श्री शिव महापुराण कथा से एक दिन पहले गुरुवार को भव्य कलश यात्रा निकाली गई। गोकना गंगा घाट से शुरू हुई यात्रा में हजारों की संख्या में श्रद्धालु और मातृशक्ति शामिल हुए। हाथी-घोड़ों, धार्मिक एवं सांस्कृतिक टोलियों, ढोल-नगाड़ों और भक्ति संगीत के बीच निकली यात्रा में हर-हर महादेव और बम-बम भोले के जयघोष गूंजते रहे। कलश यात्रा का शुभारंभ आयोजक एवं प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री खाद्य एवं रसद तथा नागरिक आपूर्ति मनोज कुमार पांडेय ने पत्नी नीलम पांडेय और पुत्री मणि पांडेय के साथ गोकना गंगा घाट से पवित्र गंगाजल भरकर किया। इसके बाद श्रद्धालुओं का कारवां कथा स्थल की ओर रवाना हुआ।
2075 के भारत के लिए रेलवे का निर्माण
माननीय प्रधानमंत्री द्वारा 8 सितंबर को पूर्ण हो चुके पश्चिमी समर्पित माल गलियारे—वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर—को राष्ट्र को समर्पित किया जाना भारतीय रेल के बदलते स्वरूप की यात्रा में एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। पिछले कुछ वर्षों में सरकार ने रेलवे के बुनियादी ढाँचे पर विशेष बल दिया है—विद्युतीकरण, नई रेल लाइनें, दोहरी और बहुल लाइनें, स्टेशनों का पुनर्विकास, आधुनिक ट्रेनें, बेहतर सुरक्षा एवं सिग्नल प्रणाली और देश के सर्वाधिक व्यस्त रेलमार्गों पर अतिरिक्त क्षमता का निर्माण इसी प्रयास का हिस्सा हैं।
वडोदरा में प्रधानमंत्री ने इस व्यापक सोच को कुछ शब्दों में बहुत प्रभावशाली ढंग से व्यक्त किया—“हम लोगों और सामान को अधिक तेजी से पहुँचाने, नए अवसर पैदा करने और आर्थिक विकास को गति देने के लिए भारत के बुनियादी ढाँचे को मजबूत कर रहे हैं।”
Read More »AI द्वारा खोज रहे भूत, भविष्य और आज के वर्तमान के लोग
आज 80 के दशक को खोज रहा युवा, Gen Z…
अतीत में लौटना चाह रहा है, क्योंकि वह भीड़ से दूर आत्मिक प्रेम, शांति और मानवीय संवेदनाओं को महसूस करना चाहता है। कई लोग, जो 80 के दशक में पैदा हुए, वे भी अपने आप को उसी दशक में लौटा रहे हैं। हैरत की बात है कि लोग वर्तमान में नहीं, बल्कि अतीत में खुद को खोज रहे हैं। यह बात आज सिर्फ भविष्य में भूतकाल को खोजने तक ही सीमित नहीं है। जैसे-जैसे टेक्नोलॉजी विकसित हो रही है, वैसे-वैसे दिमागी विस्तार के साथ बहुत कुछ संभव है। आज हो न हो, कल बहुत कुछ होगा। जैसे फेसबुक का ही फीचर था, आपके फोटो को कई सारे कैप्शन में परिवर्तित करने का। वह डेवलप होकर आज AI बन चुका है। आज AI आपको बहुत सारे फीचर दे रहा है।
Read More »मिट्टी बचेगी, तभी खेती बचेगी
भारतीय कृषि अब एक नए युग की ओर अग्रसर है, जहाँ विकास का आकलन करने के लिए केवल वृद्धि ही एकमात्र मापदंड नहीं रह गया है। मिट्टी की घटती उर्वरता, भूजल की कमी, जैव विविधता का क्षय, जलवायु परिवर्तनशीलता और बढ़ती खेती लागत के कारण किसान और कृषि क्षेत्र पर लगातार दबाव बढ़ रहा है। इस संदर्भ में, पुनर्योजी कृषि एक आशाजनक मार्ग है। यह एक समग्र दृष्टिकोण है जो न केवल वर्तमान प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण करेगा, बल्कि वास्तव में मिट्टी के स्वास्थ्य, जैव विविधता, जल प्रणालियों और पारिस्थितिकी तंत्र के कार्यों को बेहतर बनाकर कृषि उत्पादकता को बनाए रखेगा।
मुख्य बात पुनर्योजी कृषि पर ध्यान केंद्रित करना और कृषि के पारिस्थितिक स्तंभों को पुनर्स्थापित करना है। गहन खेती, रासायनिक इनपुट पर अत्यधिक निर्भरता और एक ही फसल की खेती के कारण पिछले कई दशकों से कुछ क्षेत्रों में पोषक तत्वों का असंतुलन और मिट्टी की गुणवत्ता खराब हो गई है।
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