Tuesday, June 16, 2026
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JAN SAAMNA DESK

बजबजाती नालियों व गंदगी से लोग परेशान, सांस लेना दुश्वार

कानपुर। एक तरफ मौसम में बदलाव के चलते बीमारियाँ फैलने की आशंका बढ़ जाती है तो दूसरी ओर स्थानीय जन प्रतिनिधियों व जिम्मेदार अधिकारियों की नजरअन्दाजी के कारण वार्ड-70 के बर्रा-कर्रही की गुंजन विहार कालोनी बस्ती की नालियाँ इन दिनों बजबजा रहीं हैं। नालियाँ खुली होने के चलते कूड़ा-कचरा इकट्ठा हो गया और पानी का बहाव रुक गया है। इसके चलते नालियों में पानी में सड़ान्ध पैदा हो रही है। पवन सविता, मोनू कुशवाहा, निर्मल तिवारी, बबलू राजपूत सहित आस पास के अनेक लोगों ने बताया कि कई वर्षों से क्षेत्र के नाले- नालियों की सफाई नहीं हुई है। नालियाँ पूरी तरह से जाम हो गई हैं और उनसे बदबू आती है। सांस लेना दुश्वार हो गया है।

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जया अम्मा के जैसा दमदार और प्रेरणादायक किरदार निभाना मेरे लिए सबसे बड़ी प्रेरणा थी: कंगना राणावत

एंड पिक्चर्स 27 फरवरी को रात 8 बजे फिल्म ‘थलाइवी’ के प्रीमियर के साथ आपको एक ऐसे शख्स की कहानी से प्रेरित करने जा रहा है, जिन्होंने अपने लोगों के लिए संघर्ष किया और भारत के इतिहास की सबसे प्रभावशाली राजनेताओं में से एक बनकर उभरीं। इस फिल्म में काम करने के अपने अनुभव बताते हुए कंगना ने इस किरदार को निभाने की प्रेरणा और हावभाव अपनाने के बारे में चर्चा की।
      फिल्म के बारे में वे कहती हैं, “मेरे लिए थलाइवी निश्चित तौर पर जिंदगी बदल देने वाला अनुभव था, क्योंकि इसमें सीखने के लिए बहुत कुछ था। जया अम्मा जैसा दमदार और प्रेरणादायक किरदार निभाना मेरे लिए एक शानदार अनुभव था। वे एक प्रभावशाली राजनेता थीं, जो जीवन पर्यन्त अपने लोगों के लिए लड़ती रहीं। उनके जैसी फिज़ीक और हाव-भाव अपनाने के लिए मुझे बहुत मेहनत करनी पड़ी। इस कहानी में जया अम्मा का किरदार, उनकी किशोरावस्था से उनकी उम्र के 40वें दशक के शुरुआती दौर तक का है। इस बदलाव को अपनाना अपने आप में बेहद चुनौतीपूर्ण था। हालाँकि, फिल्म के डायरेक्टर विजय सर ने मुझमें विश्वास जगाया और मैं थलाइवी का हिस्सा बनीं। मुझे खुशी है कि मैंने यह फैसला किया।”
   जयललिता के किरदार को लेकर कंगना कहती हैं, “जब भी मैं कोई प्रोजेक्ट करती हूँ, तो मैं यह सुनिश्चित करती हूँ कि मैं उसके साथ पूरा न्याय करूँ। मैंने उनके किरदार, तौर-तरीके और व्यक्तित्व से जुड़ी हर बारीकी पर गौर किया और इसे अपनी परफॉर्मेंस में शामिल किया। जया अम्मा की कई खूबियों में से एक खूबी यह भी थी कि वे एक प्रशिक्षित पेशेवर डांसर भी थीं। उनकी इस खूबी को अपनी परफॉर्मेंस में शामिल करना बहुत बड़ा चैलेंज था। इस सफर के हर पहलु ने मुझे अपना सर्वश्रेष्ठ देने के लिए प्रेरित किया। यह कुछ ऐसा था, जिसके बारे में जानने का मौका मुझे इससे पहले कभी नहीं मिला था।”

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ज़ी बॉलीवुड मना रहा है 101% शुद्ध ब्लॉकबस्टर फिल्म ‘जुदाई’ के शानदार 25 साल का जश्न, 28 फरवरी को

“लालच बहुत बड़ी कमजोरी है इंसान की”….. 90 के दशक की ब्लॉकबस्टर फिल्म ‘जुदाई’ का यह डायलॉग इस फिल्म के संदेश को बखूबी समेटता है। इस फिल्म में बॉलीवुड की बेमिसाल जोड़ी – अनिल कपूर और श्रीदेवी के साथ खूबसूरत उर्मिला मातोंडकर ने प्रमुख भूमिकाएं निभाई हैं। इस फिल्म को दुनिया भर में बड़ी पहचान और तारीफें मिलीं, वहीं उपासना सिंह के पॉपुलर डायलॉग ‘अब्बा डब्बा जब्बा’ और माथे पर सवाल का निशान लिए परेश रावल के किरदार ‘हमशक्ल’ ने इस फिल्म में कॉमेडी एलिमेंट शामिल किया था, जिसका दर्शकों पर लंबे समय तक असर रहा। इस फिल्म में न सिर्फ शानदार परफॉर्मेंस थीं, बल्कि यह बॉलीवुड का एक सफल प्रयास भी था, जिसमें पैसों की लालची एक औरत और उसका सफर दिखाया गया था। एक ताज़गी भरी कहानी, हिट गाने और बेहतरीन डायलॉग्स के साथ यह फिल्म उस साल की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्मों में से एक बन गई। हालांकि जुदाई श्रीदेवी और अनिल कपूर की एक साथ आखिरी फिल्म थी, लेकिन यह मशहूर जोड़ी आज भी लोगों की फेवरेट है। यह फिल्म 28 फरवरी को 25 साल का धमाकेदार सफर पूरा कर रही है। इस मौके का जश्न मनाते हुए 101% शुद्ध बॉलीवुड चैनल ज़ी बॉलीवुड 28 फरवरी को रात 9 बजे 90 के दशक का यह 101% शुद्ध ड्रामा प्रसारित करने जा रहा है।

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डिजिटल प्रौद्योगिकियों के विकास ने हमें अपनी भाषाओं और संस्कृति विरासत को संरक्षण और विकास के नए अवसर प्रदान किए

भारत सॉफ्टवेयर की एक महाशक्ति के रूप में जाना जाता है। अगर हम वैश्विक विकसित देशों की सॉफ्टवेयर कंपनियों के कर्मचारियों पर अनुमान लगाएं तो मेरा मानना है कि हमें कई भारतीय मूल के डेवलपर, प्रोग्रामर सॉफ्टवेयर, विशेषज्ञ मिलेंगे जो बड़े-बड़े पैकेजों से अपनी सेवाएं प्रदान कर रहे हैं। परंतु अगर हम कृषि और गांव प्रधान देश में जीरो ग्राउंड पर जाकर विश्लेषण करेंगे तो अभी भी डिजिटल विकास का जनसैलाब हमारे ग्रामीण व कृषि भाइयों तक अपेक्षाकृत कम पहुंचा है। हालांकि केंद्र और राज्य सरकारें भरपूर प्रयत्न कर रहे हैं कि कृषि और ग्रामीण इलाकों में डिजिटलाइजेशन की क्रांति तेजी से पहुंचे हालांकि अनेक शासकीय कार्य आसानी से शीघ्र हो सके तथा उनको मिलने वाली सहायता राशि, पैकेज, उनके मेहनत और कृषि वस्तुओं का पैसा, उनके अकाउंट में सीधे ट्रांसफर हो सके ताकि बिचौलिए, रिश्वतखोरी और अवैध वसूली करने वालों का आंकड़ा जीरो हो जाए और ग्रामीण किसानों के जीवन समृद्धि में वृद्धि हो सके।
साथियों बात अगर हम विभिन्न डिजिटल प्रौद्योगिकियों से हमारे जीवन, जीवनस्तर, हमारी विरासत के संरक्षण, विकास के अवसर की करें तो हमारी डिजिटल प्रौद्योगिकी ने हमारी जीवनशैली ही बदल कर रख दी है। अधिकतम सकारात्मक दिशा में तो कुछ हद तक नकारात्मक दिशा में भी हुई है जिस तरह सिक्के के दो पहलू होते हैं उसी तरह हर आयाम के भी कुछ नकारात्मक पहलू होते हैं। पर हमें कोशिश करके नकारात्मक पहलू छोड़कर सकारात्मकता की ओर बढ़ कर डिजिटल प्रौद्योगिकी के विभिन्न सुविधाओं का लाभ उठाने की ज़रूरत है।
साथियों बात अगर हम अपनी भाषा और संस्कृति विरासत हजारों वर्ष पूर्व इतिहास के उन संदर्भित पन्नों की बात करें तो उन्हें संजोकर रखने का महत्वपूर्ण और काम इस डिजिटल प्रौद्योगिकी की तकनीकी के कारण हो सकता है। आज हजारों लाखों पृष्ठों की हमारी विरासत, संस्कृति, भाषाओं नीतियों का संरक्षण हम डिजिटल प्रौद्योगिकी की विभिन्न तकनीकों से करने में सफल हुए हैं। नहीं तो आगे चलकर हमारी अगली पीढ़ियों तक यह स्वर्ण पन्नों की लिखित विरासत पहुंचती या नहीं इसका जवाब समय के गर्भ में छिपा था। परंतु अभी हम डिजिटल प्रौद्योगिकी के ऐप के भरोसे कह सकते हैं कि यह विरासत मानव प्रजाति होने तक सुरक्षित रहेगी, यह उसका सकारात्मक उपयोग और संरक्षण योग्य और सुरक्षित हाथों में रहने पर निर्भर है।

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लड़कियों को तंदुरुस्त बनाईये

माँ जो जगदाधार है, माँ जो परिवार की नींव है उसे खुद को स्वस्थ और तंदुरुस्त रहने पर विशेष ध्यान देना चाहिए। स्त्री को ममता की मूरत माना जाता है, माँ बनना हर औरत का सपना होता है। लड़की की शादी के बाद कुछ ही समय में परिवार और रिश्तेदार वाले पूछते रहते है, खुश ख़बर कब सुना रही हो? लेकिन आजकल देखा जा रहा है की कई महिलाएं मां नहीं बन पा रही है। या तो गर्भ ठहरता भी है तो दो ढ़ाई महीने बाद बच्चे का विकास अटक जाता है, और अबोर्शन करके अविकसित गर्भ निकलवाना पड़ता है। हर माता-पिता का फ़र्ज़ है की अपनी बच्ची को बचपन से ही हैल्दी खानपान से तंदुरुस्त बनाईये, क्यूँकि बेटी को अपने अंदर एक जीव को पालना है, जिसके लिए उसका खुद का शरीर स्वस्थ होना बहुत जरूरी है। आजकल हर पाँचवी लड़की को माँ बनने में कोई न कोई दिक्कत आती है। महिलाओं के मां न बन पाने के कई कारण हो सकते है। जिसमें काफ़ी हद तक उनकी लाइफस्टाइल ज़िम्मेदार होती है। खासकर खान-पान बाहर का खाना जिसमें प्रिज़र्वेटिव और फूड़ कलर की मात्रा अधिक होती है। मैदे से बने जंक फूड का अधिक सेवन, ओवर ईटिंग, मोटापा, ज़रूरत से ज़्यादा डायटिंग, अचानक वज़न बढ़ना या बहुत ज़्यादा वज़न घटना, एक्सरसाइज़ बिल्कुल न करना या ज़रूरत से ज्यादा एक्सरसाइज़ करना भी मां बनने में बाधक होता है। चरबी युक्त खाना खाकर जब मोटापा बढ़ जाता है, तो क्रैश डायटिंग करना शुरू कर देती है। इन सबके चलते शरीर में इतनी तेज़ी से हार्माेनल बदलाव होता है कि शरीर का हार्माेनल बैलेंस ही बिगड़ जाता है, जो माँ नहीं बन पाने का कारण बन जाता है।
आजकल लड़कियों में बहुत कम उम्र में ही पीसीओएस की समस्या भी देखी जा रही है। इसका कारण उनका ग़लत खानपान और स्ट्रेस है। पीसीओएस/पीसीओडी के कारण महिलाओं में ओवेल्यूशन नहीं होता, महिलाओं के शरीर में सामान्य की तुलना में बहुत अधिक हार्माेन्स बनते है। हार्माेन में इस असंतुलन की वजह से पीरियड्स नियमित नहीं रहते है ,आगे चलकर इससे प्रेग्नेंसी में समस्या आ जाती है।

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आवारा गौवंशों को अस्थाई बाढ़ों में किया जा रहा है संरक्षित

कानपुर देहात । जिला पंचायत अधिकारी नमित शरण ने बताया कि जनपद में आवारा घूम रहे गौवंशों हेतु अस्थाई बाढ़े का निर्माण कराया जा रहा है, जिससे आवारा गौवंशों को उनमें संरक्षित किया जा सके, इसके लिए सम्पूर्ण व्यवस्थाऐं पूर्ण की जा रही है, गौवंशों हेतु हरा चारा, पानी, चोकर इत्यादि की भी व्यवस्था की जा रही है, जिससे कि किसानों की फसलों के नुकसान से बचाया जा सके और सड़कों में गौवंशों के घूमने से हो रही दुर्घटनाओं से निजात दिलाया जा सके, इसके लिए सम्पूर्ण व्यवस्थाऐं की जा रही है।

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नगर पंचायत अध्यक्षा शाहीन सुल्तान ने मतदान कर नागरिकों को भी मतदान के लिए किया प्रेरित

ऊंचाहार, रायबरेली । उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2022 के चौथे चरण की मतदान प्रक्रिया आज संपन्न हुई। समाज के हर वर्ग हर समुदाय के लोगों ने बढ़-चढ़कर मतदान किया। परंतु इस बार देखा जाए तो मुस्लिम समुदाय की सियासत दिन पर दिन बदल रही है। कुछ पार्टियों के लिए मुसलमान वोंट सत्ता की कुर्सी के लिए रास्ता बनाती है। मुस्लिम समुदाय की जो नई पीढ़ी है वह पढ़ी-लिखी है और उसकी सोच देश और समाज की तरक्की पर निर्भर करती है। चुनाव के माहौल के दरमियान राजनीतिक पार्टियां और मुस्लिम वोटर दोनों ही यह तय नहीं कर पा रहे हैं कि किसके साथ चलें या किस को साथ लेकर चलें। फिलहाल जनता अभी कुछ बोल नहीं रही है। जनता की खामोशी चुनाव में वोट की चोट करेगी और परिणाम घोषित होने के बाद ही अंदाजा लगाया जा सकता है।

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अत्याचार को समाप्त करके धर्म की स्थापना के लिए भगवान लेते हैं अवतार : मुकुल उपाध्याय

सिकंदराराऊ, हाथरस। बुधवार को गांव खिजरपुर में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा के दौरान पांचवें दिन पूर्व विधायक मुकुल उपाध्याय ने पूजा अर्चना करके कथा का शुभारंभ किया। इस अवसर पर आयोजक देवेंद्र उपाध्याय एवं मनोज उपाध्याय ने साफा बांधकर तथा 51 किलो की फूल माला पहनाकर मुख्य अतिथि मुकुल उपाध्याय का भव्य स्वागत किया।
मुकुल उपाध्याय ने कहा कि कलयुग में भागवत की कथा सुनने मात्र से हर प्राणी को मोक्ष की प्राप्ति होती है। साथ ही सभी जन्मों के पापों का नाश होता है। जब-जब अत्याचार और अन्याय बढ़ता है, तब तक प्रभु का अवतार होता है। प्रभु का अवतार अत्याचार को समाप्त करने और धर्म की स्थापना के लिए होता है। जब रावण का अत्याचार बढ़ा तब राम का जन्म हुआ । जब कंस ने सारी मर्यादाऐं तोड़ी तो प्रभु श्री कृष्ण का जन्म हुआ।

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खो-खो, म्यूजिकल चेयर, सेक रेस, फ्रॉग रेस, स्पून रेस, कबड्डी जूनियर का भव्य आयोजन

हाथरस। श्याम कुंज स्थित एम.एल.डी.वी. इंटर कॉलेज में खो-खो, म्यूजिकल चेयर, सेक रेस, फ्रॉग रेस, स्पून रेस, कबड्डी जूनियर का भव्य आयोजन किया गया। जिसमें छात्र-छात्राओं ने उल्लास एवं उत्साह के साथ प्रतिभाग किया। क्रीड़ा प्रतियोगिता का उद्घाटन संस्था के डायरेक्टर स्वतंत्र कुमार गुप्त एवं प्रधानाचार्या पूनम वार्ष्णेय ने संयुक्त रूप से किया।
खो-खो में पायल, तानिया, हर्षा, अंजलि, तनिष्का, दीक्षा, अनुष्का, महक, अन्नू, चित्रांशी, शैलजा ने प्रथम स्थान प्राप्त किया एवं काजल, प्रियानी, मुस्कान, नेहा, कुमकुम, रितु, दीपा, हर्षिका, सोनल, खुशी, तमन्ना, सलोनी, रनर अप रहे। जूनियर खो-खो में पल्लवी, खुशी, मानवी, वंशिका, राधिका, अनामिका, खुशी, दिव्यांशी ने प्रथम स्थान प्राप्त किया एवं डिंपल, तान्या, निकुंज, राशि, नव्या, आराध्या, प्रविका, नंदिनी, गुंजन रनर अप रहे। म्यूजिकल चेयर में प्राथमिक स्तर पर हर्ष, काव्या, ज्योति, उमंग ने प्रथम स्थान प्राप्त किया एवं जीवंतिका, आध्या, मोनिका, पुनीत ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया।
फ्रॉग रेस में प्रथम स्थान पर पुलकित, ऐश्वर्या, जयेश, गौरी, शिवम, प्रनिका, डिंपल एवं द्वितीय स्थान पर आशु, चंचल, भव्य, प्रिंस, आध्या, मयंक, मनीषा, नायरा रहे। स्पून रेस में पलक, देवांश, जय, हिना ने प्रथम स्थान एवं ऐश्वर्या, शौर्य, कशिश, आयुषी ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया। सेक रेस में पुलकित, आयुषी, शिवम, प्रनिका, डिंपल प्रथम रहे। कबड्डी जूनियर में डिंपल, अनुष्का, रितिका, शगुन, सृष्टि प्रथम एवं वंशिका, जानवी यशिका, अनामिका, कशिश, मानवी प्रथम स्थान पर रहे।

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पुलिया निर्माण न होने पर पालिका प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन

हाथरस। अलीगढ़ रोड पर लहरा रोड की टूटी पुलिया नहीं बनने के कारण मंदिर दर्शन करने जाने वाले भक्तों एवँ रोड पर स्थित कॉलोनी निवासियों को काफी परेशानी हो रही है। एक माह से अधिक समय से टूटी लहरा रोड की पुलिया नहीं बनने पर आज आसपास के निवासियों एवँ मंदिर जाने वाले भक्तों का धैर्य टूट गया। उन्होंने पालिका प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन कर जल्द पुलिया के निर्माण की मांग की।
अलीगढ़ रोड स्थित लहरा रोड पर प्रसिद्ध मंदिर रामेश्वरम धाम है। जंहां भगवान शिवशंकर विराजमान हैं। गांव लहरा एवँ अन्य गांव व बाईपास को जाने वाले राहगीर भी इसी रास्ते व इसी रोड का इस्तेमाल करते हैं। एक माह पूर्व इस पुलिया को ऊंचा उठाकर बनाने की बात कहकर ठेकेदार ने पुलिया को तोड़ दिया था। अब एक माह से अधिक समय हो गया लेकिन अभी तक पुलिया का निर्माण नहीं कराया जा रहा है। इस रोड पर वसुंधरा पुरम, कान्हा विहार, राधे कृष्णा कालौनी, अनमोल गार्डन सहित कई कॉलोनियों में पहुँचने का रास्ता है। वहीं बाईपास पर जाने का भी यही रास्ता है। पुलिया नहीं बनने के कारण लोगो को काफी परेशानी हो रही है।

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