हाथरस। कोरोना महामारी के चलते हुए आज एक जागरूकता कार्यक्रम रामोजी रिसोर्ट में आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता भाजपा शहर अध्यक्ष शरद माहेश्वरी ने की। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रुप में सदर विधायक हरीशंकर माहौर मौजूद रहे।
कार्यक्रम के आयोजक नोएडा निवासी महागुरु गौरव मित्तल व मेक यू बिग कंपनी के फाउंडर आशीष गुप्ता रहे। महागुरु गौरव मित्तल ने इम्यूनिटी पावर ड्रॉप्स के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि कोरोना महामारी की रोकथाम के लिए इस ड्रॉप्स को लेना बहुत आवश्यक है, जिससे कि शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बहुत ही विशेष रूप से बढ़ जाती है और हमारा शरीर रोगों से लड़ने में सक्षम होगा। मुख्य अतिथि सदर विधायक हरीशंकर माहौर, राष्ट्र स्वाभिमान दल के संस्थापक दीपक शर्मा, पूर्व जिला उपाध्यक्ष भाजपा रामकुमार माहेश्वरी, शहर अध्यक्ष भाजपा शरद माहेश्वरी द्वारा नागरिकों को नवग्रह इम्यूनिटी बिल्डर ड्रॉप्स का निशुल्क वितरण किया गया।
JAN SAAMNA DESK
कोविड मरीजों का इलाज बेहतर होः जिलाधिकारी
कानपुर। जिलाधिकारी द्वारा कोविड फैसिलिटी का औचक निरीक्षण प्रतिदिन किया जा रहा है, जिसके क्रम में आज सुबह 10 बजे गोविंद नगर स्थित रीजेंसी हॉस्पिटल का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान मुख्य विकास अधिकारी डॉ0 महेन्द्र कुमार, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ0 अनिल मिश्रा ने अस्पताल की व्यवस्थाओं के संबंध में निरीक्षण किया। इस मौके पर जिलाधिकारी ने निर्देशित करते हुए कहा कि सभी मरीजों का इलाज बेहतर हो इसके लिए विशेषज्ञ डाक्टर उपस्थित रहे,मरीजों की लगातार उनके द्वारा निगरानी रखी जाए। जिलाधिकारी ने उपस्थित डाक्टरों का रोस्टर मांगा और अस्पताल प्रशासन को निर्देश दिया कि भविष्य में मरीजों को कोई समस्या नही होनी चाहिए। यह भी कहा कि निर्धारित नियत मूल्य पर ही इलाज कराया जाये। किसी भी स्थिति में ओवर बिलिंग नही होनी चाहिए। बताया गया कि सभी कोविड फैसिलिटी पर स्टैटिक मजिस्ट्रेट द्वारा निगरानी रखी जायेगी। स्टैटिक मजिस्ट्रेट द्वारा ओवर बिलिंग, समस्त व्यवस्थाएं, सीनियर डॉक्टरों का रोस्टर के अनुसार भ्रमण तथा विशेषज्ञ डॉक्टर की उपस्थिति व अस्पताल में लगे सीसीटीवी कैमरों की मॉनिटरिंग की जायेगी। उन्होंने कहा कि सभी कोविड फैसिलिटी में लगे सीसीटीवी की लाइव फिड एन आईसी को दी जाए ताकि वहां से भी निगरानी की जा सके। जिलाधिकारी ने अस्पताल में भर्ती मरीजों से संवाद करने के लिए कहा इस पर अस्पताल प्रशासन द्वारा भर्ती पॉजिटिव मरीज का नंबर उपलब्ध कराया गया।
सुन्दर काण्ड का आयोजन किया
कानपुर। हमीरपुर कानपुर रोड हाईवे में स्थित ग्राम हरबसपुर में सुंदरकांड एवं भंडारे का आयोजन किया गया। भंडारे में श्रद्धालुओं ने सैकड़ों की तादात में प्रसाद को गृहण किया। कोविड-19 महामारी के करण इस बार हिंदू सनातन धर्म के लोगों ने इस पर्व पर कोरोना से बचाव और कानून का पालन करते हुए घरों में ही पूजा पाठ कर इस भयावह बीमारी से निजात दिलाने के लिए भगवान श्री हनुमान जी महाराज से प्रार्थना की। कार्यक्रम में, गोपाल मिश्रा, राकेश कुमार मिश्रा, शैलेंद्र कुमार मिश्रा, अतुल, राजू तिवारी, बबलू दीक्षित, पंकज शुक्ला आदि लोग शामिल थे।
जानिए कौन कहलाते हैं पितृ, महाभारत में छुपा है श्राद्ध का पौराणिक रहस्य
इस साल पितृ पक्ष भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि से से शुरू हो गया है और आश्विन के कृष्ण अमावस्या तक रहेगा। 17 सितंबर 2020 को पितृ विसर्जन यानी सर्वपितृ अमावस्या होगा। हिन्दू रीति- रिवाजों में पितृपक्ष का बड़ा महत्त्व है। इन दिनों लोग अपने पितरों को प्रसन्न करने के लिए श्राद्ध करते हैं। श्राद्ध करने से पितृ तृप्त होते हैं। जब पितर तृप्त होते हैं, तो वे अपने जनों को आशीर्वाद देते हैं।
कौन कहलाते हैं पितृ?
जिस किसी के परिजन चाहे वो विवाहित हों या अविवाहित, बच्चा हो या बुजुर्ग, स्त्री हो या पुरुष उनकी मृत्यु हो चुकी है, उन्हें पितृ कहा जाता है। पितृपक्ष में पितरों की आत्मा की शांति के लिए तर्पण किया जाता है। पितरों के प्रसन्न होने पर घर में सुख- शांति आती है।
जब याद ना हो श्राद्ध की तिथि
पितृपक्ष में पूर्वजों का स्मरण और उनकी पूजा करने से उनकी आत्मा को शांति मिलती है। जिस तिथि पर हमारे परिजनों की मृत्यु होती है, उसे श्राद्ध की तिथि कहते हैं। बहुत से लोगों को अपने परिजनों की मृत्यु की तिथि याद नहीं रहती, ऐसी स्थिति में शास्त्रों के अनुसार, आश्विन अमावस्या को तर्पण किया जा सकता है। इसलिए इस अमावस्या को सर्वपितृ अमावस्या कहा जाता है।
क्या कैग की संवैधानिकता बनी रहेगी?
भारत के चौदहवें कॉम्प्ट्रोलर एंड ऑडिटर जनरल (कैग) के रूप में गिरीश चंद्र मूर्मु की नियुक्ति के कारण ‘कैग’ की कार्यप्रणाली पर एक बार फिर चर्चा हो रही है। 1985 के बैच के गुजरात कैडर के आईएएस अधिकारी (अब सेवानिवृत्त) मूर्मु प्रधानमंत्री और गृहमंत्री के पसंद के अधिकारी होने की वजह से उनकी ‘कैग’ के रूप में नियुक्ति से इस संवैधानिक संस्था की तटस्थता पर सवाल उठाए जा रहे हैं। मूर्मु की नियुक्ति वरिष्ठता और योग्यता के आधार पर होने के बारे में दलीलें दी जा रही हैं। इंडियन ऑडिट एंड एकाउंट सर्विस के सात अधिकारियों की वरिष्ठता को किनारे कर के इन्हें इस पद के लिए लाया गया है। दिल्ली में गांधीजी और डा0 बाबासाहेब अंबेडकर की प्रतिमा की वंदना कर के यह नई जिम्मेदारी संभालने वाले मूर्मु उड़ीसा के संथाल आदिवासी परिवार से आते हैं। 21 नवंबर, 1959 में जन्मे मूम्रु उड़ीसा की प्रतिष्ठित उत्कल यूनीर्सिटी से राजनीति शास्त्र से एमए हैं। उसके बाद यूके की बर्मिघंम यूनिवार्सिटी से एमबीए किया है। 1985 से गुजरात में आईएएस अधिकारी के रूप में कार्यरत मूर्मु कैग बनने के पूर्व गुजरात के मुख्यमंत्री कार्यालय में सचिव, भारत सरकार के वित्त मंत्रलय में सचिव और जम्मू-कश्मीर के प्रथम उपराज्यपाल के रूप में कार्य कर चुके हैं। उच्च शिक्षा और लंबे प्रशासनिक कार्य का अनुभव रखने वाले मूर्मु की सत्ता पक्ष से निकटता ‘कैग’ के कामकाज के दौरान उन्हें विवाद में ला सकती है।
सरकारी धन का हिसाब-किताब (ऑडिट) करने वाली संवैधानिक संस्था ‘कैग’ सरकारी पैसे का पाई-पाई का हिसाब रखती है। केंद्र और राज्य सरकारों, सार्वजनिक संस्थाओं और अन्य सरकारी संस्थाओं के आर्थिक मामलों की देखरेख, निरीक्षण और जांच की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभाती है। पूरे देश में 133 प्रादेशिक कार्यालयों में इससे 58000 अधिकरी-कर्मचारीं जुड़े हैं। ‘कैग’ की स्स्थापना अंग्रेजों के समय हुई थी। 1857 के प्रथम स्वतंत्रमा संग्राम के बाद ईस्ट इंडिया कंपनी से अंग्रेज सरकार ने हिसाब-किताब संभाला तब से आज तक ‘कैग’ हीी सरकारी पैसों का आडिट यानी खर्च का हिसाब-किताब कर रही है।
क्राइस्ट चर्च डिग्री कालेज में जमकर उड़ीं सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियाँ
⇒प्रमाणपत्रों का भौतिक सत्यापन करवाने के दौरान छात्र-छात्राओं की उमड़ी भीड़
कानपुरः जन सामना ब्यूरो। कोरोना संक्रमितों की संख्या उप्र में दिनों दिन बढ़ती जा रही है। ऐसे में जिला प्रशासन निर्देश पर निर्देश जारी करता जा रहा है लेकिन निर्देशों का कितना पालन हो रहा है? यह किसी से छुपा नहीं है? वहीं इसकी जमीनी हकीकत कुछ अलग ही है क्योंकि सार्वजनिक स्थानों पर शारीरिक दूरी (प्रशासनिक शब्दों में सोशल डिस्टेंसिंग) को दरकिनार करने के मामले तो आयेदिन प्रकाश आते ही रहते हैं लेकिन अब इन दिनों इस काम में कालेजों की भूमिका भी संदेह के घेरे में आने लगी है। आज शहर के एक प्रतिष्ठित डिग्री कालेज में दिखे नजारे भी इसकी पुष्टि कर रहे हैं और कोरोना संक्रमण को रोकने के लिये जारी किये गये निर्देशों की धज्जियां इस डिग्री कालेज में जमकर उड़ाईं गई हैं।
जी हाँ, बड़ा चैराहा स्थित शहर के ‘क्राइस्ट चर्च डिग्री कालेज’ में प्रिंसिपल के निर्देश पर छात्र-छात्राओं को बुलाया गया और उनके प्रमाणपत्रों के फिजिकल सत्यापन के दौरान शारीरिक दूरी (प्रशासनिक शब्दों में सोशल डिस्टेंसिंग) की जमकर धज्जियां उड़ाई गई। इस दौरान कालेज परिसर व कक्षों में समुचित व्यवस्था ना होने के चलते व कालेज प्रशासन की लापरवाही के छात्र-छात्राओं की संख्या झुण्ड (झुरमुट) में तब्दील हो गई। अपने-अपने प्रमाण पत्रों को चेक करवाने के चक्कर में छात्र-छात्रायें भी कोरोना से बचने के लिये जारी किये गये निर्देश को ताक पर रखते दिखे।
कायस्थ संघ उत्तर प्रदेश इकाई की एकता रैली शीघ्र
लखनऊ। कायस्थ संघ उत्तर प्रदेश इकाई की एक आवश्यक बैठक सोमवार को गोमती नगर, लखनऊ में प्रदेश अध्यक्ष दिनेश खरे की अध्यक्षता में संपन्न हुई, जिसमें प्रदेश कार्यकारिणी के अतिरिक्त राष्ट्रीय व्यापार प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय सचिव अरविंद श्रीवास्तव, राष्ट्रीय सचिव आदर्श श्रीवास्तव, राष्ट्रीय सचिव आई.टी. रूपेश श्रीवास्तव, महिला प्रकोष्ठ की प्रदेश अध्यक्षा अंजली श्रीवास्तव, पंकज श्रीवास्तव तथा अन्य सदस्यों ने भाग लिया।
बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि कायस्थ संघ एक रैली कायस्थ समाज की विभिन्न मांगों को लेकर निकालेगी, संपूर्ण उत्तर प्रदेश में प्रचार-प्रसार हेतु उमेश चंद्र श्रीवास्तव, जयदीप श्रीवास्तव एवं पंकज श्रीवास्तव को जिम्मेदारी सौंपी गयी।
कायस्थ समाज ने अपनी राजनीति में भागीदारी हेतु प्रत्येक राजनीतिक दल के अध्यक्ष महोदय को पत्र भेजने का निर्णय लिया है।
प्रत्येक जनपद में जिला अध्यक्ष व सचिव को 1 सितंबर से 15 सितंबर तक सदस्यता अभियान चला कर अधिक से अधिक सदस्य बनाने हेतु एक पत्र भी भेजा जायेगा। इस बैठक में उपाध्यक्ष (प्रचार-प्रसार) सुधीर सिन्हा ने अपने विचार व्यक्त करते हुए अपील की कि कायस्थ समाज के सभी संगठन एक मंच पर आकर सहयोग प्रदान करें, राष्ट्रीय सचिव आदर्श श्रीवास्तव ने अपने उद्गार व्यक्त करते हुए कहा कि जनवरी माह से कायस्थ परिवार के बेरोजगार युवक या युवतियों को रोजगार उपलब्ध कराने हेतु कई योजनाओं का संचालन भी कायस्थ संघ द्वारा किया जायेगा।
डीएम ने सेवायोजन व डीएसओ कार्यालय का औचक निरीक्षण कर दिये निर्देश
कानपुर देहात। जिलाधिकारी डा0 दिनेश चन्द्र ने जिला सेवायोजन कार्यालय व जिला पूर्ति अधिकारी कार्यालय का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने सेवायोजन कार्यालय में उपस्थित स्टाफ की जानकारी ली तो सेवायोजन अधिकारी प्रदीप कुमार 20 अगस्त से लगातार अनुपस्थित मिले। इनसे स्पष्टीकरण तलब किया गया है। जबकि कार्यालय का अन्य स्टाफ मोहम्मद मुकीम व विनोद कुमार द्वारा मास्क न लगाये जाने पर जिलाधिकारी ने 100-100 रूपये का जुर्माना लगाते हुए उन्हें मास्क भी उपलब्ध कराया। इसी कडी में जिला पूर्ति अधिकारी कार्यालय के निरीक्षण में उनका स्टाफ तो उपस्थित मिला लेकिन पात्र गृहस्थी लाभार्थियों द्वारा आनलाइन किये गये आवेदन में 10162 लाभार्थियों के आवेदनों में डिजिटल हस्ताक्षर न होने के मामले में नाराजगी प्रकट कर जिला पूर्ति अधिकारी राजेश सोनी से स्पष्टीकरण तलब किया है। वहीं उनके कार्यालय के बाहर बिना मास्क के टहल रहे दो व्यक्तियों पर अलग अलग दो सौ व सौ रूपये का जिलाधिकारी ने जुर्माना काटा और चेतावनी देते हुए उपस्थित जनों से कहा कि दो गज की दूरी मास्क है जरूरी का अच्छे से पालन करें।
साइबर क्राइमः अपराधी मस्त पुलिस पस्त
अभी जल्दी ही एक समाचार आया था कि टिकटॉक, इंस्टाग्राम और यूट्यूब का उपयोग करने वाले कुल 23,50,00,000 लोगों का डाटा लीक हो गया है। इन लोगों की तमाम निजी जानकारियां चोरी हो गई हैं? इनके नाम, इनके एकाउंट में दिया यूजर नाम, इनकी प्रोफाइल फोटो, इनके एकाउंट की जानकारी, उम्र और पता तथा ये दिन में कहां-कहां जाते हैं और वहां कितनी देर तक रुकते हैं, ये सारी जानकारियां किसी अन्य के पास पहुंच गई हैं।
इतना जानने के आपके मन में यह बात जरूर आई होगी कि भले ये डाटा चोरी हो गया है, इससे हमारे ऊपर क्या फर्क्र पड़ने वाला है। भाइयों यह हम लोगों का भ्रम है। जबकि इन्हीं जानकारियों के आधार पर जिन लोगों को हम ं में रुचि होगी, वे हम पूरे दिन कहां-कहां जाते हैं और क्या-क्या करते रहते हैं, यह यब जाान लेेंगे तो क्या हमारे लिए खतरा नहीं है? हमारे सभी फालोअर्स का नाम जान लेंगे तो क्या हमें कोई फर्क नहीं पड़ेगा? हम कौन-कौन सी पोस्ट लाइक करते हैं, शेयर करते हैं और उसमें हम क्या हिस्सेदारी करते हैं, ये जानकारियां किसी अंजान आदमी की जानकारी में आ जाएं तो क्या खतरा नहीं है? ये सारी जानकारियां हाथ में आने के बाद कोई भी आदमी हमारे बारे में बहुत कुछ जान सकता है। बाद में डिजिटल प्लेटफार्म पर हम हैं, यह दिखावा कर सकता है। हम कह रहे हैं, यह स्थापित कर के हमारे किसी भी फालोवर से कुछ भी कह सकता है। हमें इसका पता भी नहीं चल सकेगा। सही बात तो यह है कि हमारी कोई भी निली जानकारी कोई तीसरा आदमी जान ले, यह हमारे लिए खतरनाक तो है ही। इंस्टाग्राम, यूट्यूब और टिकटॉक का डाटा चोरी कर के किसी ने डार्कवेब कहे जाने वाले अंधेरे खांचे में डाल दिया है। वहां से कोई भी आदमी ये जानकारियां चुरा सकता है।
इसका एक छोटा सा उदाहरण देता हूं। एक दिन फेसबुक पर किसी ने मैंसेंजर की स्क्रीनशॉट के साथ पोस्ट डाली थी कि उनके दोस्त के नाम पर कोई उनसे पैसे मांग रहा है। आईडी उनके दोस्त की ही थी। पता चला कि वह फर्जी आईडी थी, जो हैक कर ली गई थी। यही नहीं मैसेंजर पर भी लोग महिलाओं को अश्लील मैसेज भेज कर परेशान तो करते ही हैं, फोटो के साथ छेड़छाड़ करके ब्लैकमेल भी करते हैं। इसके अलावा आर्थिक ठगी के मामले तो लगभग रोज ही अखबारों में आते रहते हैं। इस तरह के ये अपराध डाटा चोरी कर के ही हो रहे हैं। यही सब सायबर अपराध है। अब इस तरह कोई हमारा डाटा चोरी कर के कुछ गलत काम करता है तो हम अपनी शिकायत ले कर पुलिस के पास जाएंगे और उसके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करा कर उसे पकड़ा देंगे। यही विचार लगभग सभी के मन में आता है। यह स्वाभाविक भी है। देश के किसी भी नागरिक के साथ अगर इंटरनेट द्वारा किसी भी तरह की ठगी होती है या कुछ और गड़बड़ होती है तो उसे पुलिस की सायबर क्राइम विभाग में तुरंत शिकायत करनी चाहिए।
जबकि हकीकत यह है कि पुलिस की सायबर क्राइम विभाग के पास काम का इतना बोझ है कि हमारे शिकायत करने के बाद कब हमारे केस की जांच शुरू होगी कहा, नहीं जा सकता। जांच पूरी होगी भी या नहीं, यह भी नहीं कहा जा सकता। अदालत में चार्जशीट दाखिल होगी या नहीं, यह भी निश्चित रूप से नहीं कहा जा सकता।
डीएम ने उप सम्भागीय परिवहन कार्यालय का किया औचक निरीक्षण
फिरोजाबाद। जिलाधिकारी चंद्र विजय सिंह ने सोमवार को उप सम्भागीय परिवहन कार्यालय का औचक निरीक्षण कर सभी व्यवस्थाओ को देखा और एआरटीओ व आरआई एवं पटल सहायकों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने कार्यालय के रिकाॅर्ड रूम, वाहन फिटनेस पिट, ड्राइविंग ट्रैक व हल्के-भारी वाहन लाइसेंस सम्बन्धी सभी पटलों एवं निर्माणाधीन सारथी भवन का औचक निरीक्षण किया। उन्होने पटल सहायकों से कार्याें की जानकारी प्राप्त की और निर्देश दिए कि कार्यालय में आने वाले समस्त आवेदकों का कार्य जल्द से जल्द किया जायें। जिससे भीड एकत्रित न हो सकें और कोई कार्य अनावश्यक लम्बित नही रहना चाहिए।
उन्होने कहा कि इस कोरोना के दौर में पटलों व खिडकियों पर भीड नही होनी चाहिए। सोशल डिस्टेंसिंग व कोविड-19 की गाइडलाइन के पालन के साथ कार्य करें। उन्होने कार्यालय के सभी स्टाफ के लिए कहा कि वह कोरोना संक्रमण के बचाव हेतु पूरी सावधानी बरतें और मास्क, सामाजिक दूरी व सेनेटाइजर का प्रयोग करें। निरीक्षण के दौरान उन्होने सहायक सम्भागीय परिवहन अधिकारी पीके सिंह को निर्देश दियें कि वह कार्यालय के बाहर अलग-अलग स्थान पर हाथ धोने के लिए साबुन, पानी व सैनेटाइजर की व्यवस्था कराना सुनिश्चित करें।
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