Tuesday, September 15, 2026
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समलैंगिक विवाह मान्यता के विरोध में विभिन्न संगठनों ने दिया ज्ञापन

-राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन एडीएम व अपर जिलाधिकारी को सौंपा
फिरोजाबाद। सुप्रीम कोर्ट द्वारा समलैंगिक विवाह के अधिकार को विधि मान्य किए जाने के निर्णय की तत्परता को लेकर शुक्रवार को डिस्ट्रिक्ट बार काउंसिल फिरोजाबाद, सवर्ण संगठन फिरोजाबाद, उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल, जिला ब्राह्मण महासभा, विश्व हिंदू परिषद, क्षत्रिय महासभा, अधिवक्ता परिषद, बार एसोसिएशन टूंडला सहित आठ संगठनों के पदाधिकारियों ने राष्ट्रपति के संबोधित ज्ञापन एडीएम को सौंपा।
समस्त संगठनों ने सर्वोच्च न्यायालय से अनुरोध किया कि समलैंगिक विवाह जैसे प्रस्ताव को स्वीकार न किए जाए। ऐसे विषय हमारी सनातन संस्कृति व वैदिक परंपरा के लिए बहुत घातक हैं। सृष्टि की रचना व संवर्धन के संचालन हेतु जीव-जन्तु, पशु-पछी व समस्त प्राणियों में मेल-फीमेल व्यवस्था ईश्वर प्रदत्त है। उसी व्यवस्था के अनुरूप हमारी मान्यताएं व सामाजिक परंपराए संचालित हो रही हैं। इनको खण्डित करने के परिणाम बहुत ही घातक होंगे। भारत में विभिन्न धर्म और जातियों के लोग निवास करते हैं। सभी धर्मो में दो विषम लैंगिकों के बीच ही विवाह संपन्न कराया जाता है। वहीं इसी संबंध में उ.प्र. उद्योग व्यापार मंडल के महानगर अध्यक्ष अम्बेश शर्मा के नेतृत्व में राष्ट्रपति के नाम अपर जिलाधिकारी को सौंपा है। ज्ञापन देने वालों में व्यापार मंडल के रमाशंकर यादव दादा महानगर वरिष्ठ उपाध्यक्ष, सुभाष यादव युवा महानगर कोषाध्यक्ष, मनोज कटारिया, भानु उपाध्याय, मुन्नालाल गोला आदि व्यापारी नेता मौजूद थे।