Sunday, April 26, 2026
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सिम्स हॉस्पिटल में बिना ऑपरेशन दिल के छेद का सफल इलाज, 27 वर्षीय युवती को मिली नई जिंदगी

मथुरा। मथुरा स्थित सिटी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेस (सिम्स) के कार्डियोलॉजी विभाग में एक 27 वर्षीय युवती का बिना ऑपरेशन दिल में छेद का सफल इलाज कर चिकित्सा क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की गई है। यह युवती बचपन से ही दिल में बड़े छेद की समस्या से पीड़ित थी, जिससे उसे सांस फूलने, घबराहट और बेचैनी जैसी परेशानियों का सामना करना पड़ता था।
वरिष्ठ कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. अर्पित अग्रवाल और उनकी टीम ने उन्नत तकनीक का उपयोग करते हुए युवती का इलाज महज 24 घंटों में बिना किसी सर्जरी के सफलतापूर्वक किया। डॉ. अग्रवाल ने बताया कि जिस प्रकार दिल की धमनियों में स्टेंट डाला जाता है, उसी तरह इस प्रक्रिया में एक “बटन के आकार का डिवाइस” दिल के छेद पर लगाया गया, जिससे वह पूरी तरह बंद हो गया।
डॉ. अग्रवाल ने कहा, “अब तक हम स्टेंटिंग और पेसमेकर जैसे प्रोसीजर करते थे, लेकिन अब हम पीडियाट्रिक इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजी में भी काम कर रहे हैं। दिल में छेद या वॉल्व सिकुड़ने जैसी बीमारियों का इलाज भी अब बिना ऑपरेशन के संभव है। मरीज सिर्फ एक दिन में इलाज कराकर अपने घर लौट सकता है।” इस अवसर पर सिम्स हॉस्पिटल के चेयरमैन डॉ. गौरव भारद्वाज ने कहा कि अस्पताल का कार्डियोलॉजी विभाग दिल के मरीजों को उच्च स्तरीय इलाज उपलब्ध करा रहा है और यह क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छू रहा है। उन्होंने बताया कि वरिष्ठ हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. कौशलेंद्र कुमार के शामिल होने से अब कार्डियोलॉजी ओपीडी सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक खुली रहती है, और आपातकालीन सेवाएं 24 घंटे उपलब्ध हैं।