फिरोजाबाद। सीएल जैन महाविद्यालय में शासन के आदेशानुसार आपातकालीन स्थिति से निपटने हेतु एक मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। इस ड्रिल में महाविद्यालय के सभी छात्र-छात्राओं, शिक्षकों एवं कर्मचारियों ने सक्रिय रूप से भाग लिया। मॉक ड्रिल का उद्देश्य आपदा की स्थिति में छात्रों को जागरूक बनाना, उन्हें तत्काल प्रतिक्रिया देने के लिए प्रशिक्षित करना एवं सुरक्षा प्रक्रियाओं का अभ्यास कराना था।
महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. डॉक्टर वैभव जैन ने छात्र-छात्राओं को समझाया कि सायरन बजने पर यदि घर के अंदर हो तो अलमारी में कोने में अथवा किसी मजबूत चीज के नीचे छप जाए, सभी खिड़की दरवाजे इस तरीके से हो कि प्रकाश बाहर ना जा पाए, सभी लाइट ऑफ कर दें, मैन स्विच भी ऑफ कर दे, बहुत ही आवश्यक होने पर मोमबत्ती का सावधानीपूर्वक प्रयोग करें, रेडियो खरीद कर रखें, फर्स्ट एड किट तैयार रखें, दो-चार दिन के लिए सर्वाइवल किट तैयार रखें, खुले स्थान पर होने पर तुरंत लेट जाएं और सिर पर हाथ रखकर सुरक्षित स्थान की ओर भागे। रेंजर प्रभारी डॉ रश्मि जिंदल ने सिविल डिफेंस मॉक ड्रिल के लिए आग्रह किया कि ऐसे समय में परिवार को आपातकालीन के लिए तैयार रखें, पानी, भोजन बुनियादी दवाई आदि का इंतजाम कर कर रखें। एनसीसी सीटीओ डॉक्टर अरुण कुमार यादव ने कहा कि अगर आपको हवाई हमले के सायरन या घोषणाएं सुनाई दे तो घबराएं नहीं, यह एक अभ्यास है। एनएसएस प्रभारी पूजा त्यागी के कहा कि ब्लैक आउट के दौरान लिफ्ट का प्रयोग ना करें, घर के अंदर रहे और सभी इनडोर व आउटडोर लाइट्स बंद कर दे, फोन या एलईडी डिवाइस का इस्तेमाल न करें। कार्यक्रम को सफल बनाने में रेंजर रोवर, एनसीसी, एनएसएस इकाई का विशेष योगदान रहा। कार्यक्रम में दीपक यादव, राहुल कुमार, डॉक्टर हेमलता आदि मौजूद रहे।
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