Friday, April 24, 2026
Breaking News
Home » मुख्य समाचार » जागरुकता और सावधानी से जानलेवा होने से रोका जा सकता है डेंगू बुखार : सीएमओ

जागरुकता और सावधानी से जानलेवा होने से रोका जा सकता है डेंगू बुखार : सीएमओ

रायबरेली। राष्ट्रीय डेंगू दिवस के अवसर पर डेंगू एवं अन्य वेक्टर जनित रोगों से बचाव के उद्देश्य से मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय रायबरेली में एक गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस गोष्ठी में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. नवीन चंद्रा ने कहा कि डेंगू दिवस मनाने का उद्देश्य जनसामान्य को डेंगू से बचाव, इसके लक्षणों और उपचार के प्रति जागरूक करना है। उन्होंने बताया कि जागरुकता और सतर्कता से डेंगू को जानलेवा होने से रोका जा सकता है।
उन्होंने बताया कि मानसून सीजन मच्छरों के लिए अनुकूल होता है, और इस समय डेंगू सहित अन्य वेक्टर जनित बीमारियों का प्रसार आरंभ हो जाता है। डॉ. चंद्रा ने कहा कि डेंगू एक मच्छरजनित वायरल रोग है जो दिन के समय काटने वाले एडीज एजिप्टाई मच्छर से फैलता है। इस मच्छर के अंडे भी वायरस से संक्रमित हो सकते हैं और सूखे अंडे भी एक वर्ष तक जीवित रह सकते हैं। जैसे ही उन्हें पानी मिलता है, ये मच्छर बनकर रोग फैलाना शुरू कर सकते हैं।
गोष्ठी में उन्होंने लोगों को सलाह दी कि घर और आस-पास जलजमाव न होने दें, हर रविवार को “हर रविवार – मच्छर के लार्वा पर प्रहार” अभियान के तहत साफ-सफाई सुनिश्चित करें, और मच्छरों के स्रोतों को नष्ट करने के लिए सभी विभागों के बीच समन्वय स्थापित किया जाए।
जिला मलेरिया अधिकारी रमेश चंद्र यादव ने बताया कि शहरी क्षेत्रों में नगर विकास विभाग और ग्रामीण क्षेत्रों में पंचायती राज विभाग से समन्वय कर प्रभावी कार्रवाई आवश्यक है। उन्होंने कहा कि डेंगू से बचाव के लिए पूरी आस्तीन के कपड़े पहनें, सोते समय मच्छरदानी, मच्छररोधी क्रीम या क्वायल का प्रयोग करें, खिड़कियों और दरवाजों पर जाली लगवाएं, और पानी इकट्ठा न होने दें।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि केवल प्लेटलेट्स की कमी से डेंगू की पुष्टि नहीं होती, इसके लिए एलाइजा टेस्ट जरूरी है। डेंगू के लक्षणों में तेज बुखार, मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द, आंखों के पीछे दर्द, कमजोरी, भूख की कमी और मतली शामिल हैं। ऐसे लक्षणों पर तुरंत नजदीकी सरकारी अस्पताल में जांच और इलाज कराना चाहिए।
इस अवसर पर अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी वी.बी.डी. डॉ. श्रीकृष्ण, डॉ. ए.के. जैसल, डॉ. शरद कुशवाहा, उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अरुण वर्मा, जिला स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी डी.एस. अस्थाना, स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी अंजलि सिंह, जिला एपीडिमियोलॉजिस्ट डॉ. ऋषि बागची सहित कार्यालय के समस्त अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।
इसके अतिरिक्त जनपद के सभी सामुदायिक एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों तथा नगर पालिका परिषद और नगर पंचायती क्षेत्रों में डेंगू दिवस के अवसर पर जागरूकता गतिविधियां आयोजित की गईं।