Saturday, March 7, 2026
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मीडिया पर अंकुश लोकतंत्र की हत्या – अनुप चंद्र एडवोकेट

फिरोजाबाद। हिंदी पत्रकारिता दिवस के अवसर पर उपजा प्रेस क्लब के तत्वावधान में आयोजित संगोष्ठी में पत्रकारों और साहित्यकारों ने मीडिया की स्वतंत्रता पर चिंता व्यक्त की और इसे लोकतंत्र के लिए घातक बताया। संगोष्ठी में पत्रकारों की मूलभूत समस्याओं और प्रेस क्लब भवन निर्माण की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई।वरिष्ठ अधिवक्ता अनुप चंद्र जैन एडवोकेट ने कहा कि हिंदी पत्रकारिता अपने स्वर्णिम इतिहास की ओर अग्रसर है, लेकिन वर्तमान समय में पत्रकारिता का व्यवसायीकरण बढ़ा है। उन्होंने कहा कि मीडिया प्रबंधन द्वारा सहयोगी पत्रकारों के शोषण की नीति उचित नहीं है। सरकार और प्रबंधन को पत्रकारों की मूलभूत सुविधाओं जैसे आयुष्मान कार्ड, आवासीय सुविधा और पेंशन व्यवस्था पर गंभीरता से विचार करना चाहिए। उपजा प्रेस क्लब के प्रदेश अध्यक्ष द्विजेंद्र मोहन शर्मा ने कहा कि सच्ची पत्रकारिता सकारात्मक सोच और राष्ट्रधर्म को समर्पित होती है। उन्होंने फेक न्यूज से बचने की अपील करते हुए कहा कि हमें डॉ. गणेश शंकर विद्यार्थी और बनारसी दास चतुर्वेदी जैसे अग्रज पत्रकारों के मार्गदर्शन पर चलने का संकल्प लेना चाहिए। डॉ. उग्रसेन पांडे ने कहा कि पत्रकार समाज का आईना होते हैं, जो समाज के लिए संघर्ष करते हैं, उनकी समस्याओं पर समाज और प्रबंधन दोनों को ध्यान देना चाहिए। वरिष्ठ भाजपा नेता सुनील शर्मा ने कहा कि संगठन ही शक्ति है, यदि पत्रकार संगठित होकर अपनी समस्याओं के लिए संघर्ष करें तो समाधान संभव है। प्रदेश महामंत्री उमाकांत पचौरी एडवोकेट ने संचालन करते हुए कहा कि पत्रकारों की समस्याओं को लेकर प्रदेश सरकार के सूचना निदेशक को ज्ञापन सौंपा जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश के कई जनपदों में प्रेस क्लब भवन बन चुके हैं, फिरोजाबाद में भी यह मांग कई बार उठ चुकी है, जिस पर अब विचार कर निर्माण कार्य शीघ्र शुरू किया जाना चाहिए। कार्यक्रम में बनारसी लाल भोला, लियाकत अली एडवोकेट, सुनील वशिष्ठ सहित अन्य वक्ताओं ने भी अपने विचार व्यक्त किए।