Friday, March 6, 2026
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जैन संस्कार शिविर में उपहार पाकर खिले बच्चों के चेहरे

फिरोजाबाद। जैन संस्कृति नैतिक संस्कार शिविर में पिछले दस दिनों से चल रही पाठशाला के समापन अवसर पर आयोजित भव्य समारोह में बच्चों को उपहार व पुरस्कार वितरित किए गए। उत्तर प्रदेश जैन विद्या शोध संस्थान लखनऊ तथा दिगम्बर जैन परिषद द्वारा इन प्रतिभाशाली बच्चों को सम्मानित किया गया। पुरस्कार पाकर सैकड़ों बच्चों के चेहरे खुशी से खिल उठे। श्रुत पंचमी के अवसर पर महावीर जिनालय में प्रज्ञा श्रमण बाल मुनि अमित सागर ससंघ के सान्निध्य में उत्तर प्रदेश जैन शोध संस्थान लखनऊ द्वारा सभी प्रतिभागी बच्चों को पुरस्कृत किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ जैन पाठशाला चैकी गेट एवं ओम नगर की छोटी बच्चियों द्वारा णमोकार मंत्र के उच्चारण से हुआ। इसके पश्चात भगवान महावीर के चित्र का अनावरण ललितेश प्रसाद जैन, राजेंद्र प्रसाद जैन द्वारा किया गया तथा दीप प्रज्वलन संस्थान के उपाध्यक्ष अभय कुमार जैन ने किया। दिगम्बर जैन परिषद के उपाध्यक्ष राहुल जैन सिटीजन, संजय जैन बल्ले, अजय जैन एडवोकेट, चंद्र प्रकाश जैन, अरुण जैन पीली कोठी, मनोज कुमार जैन, शोभित जैन, रितेश जैन, अमित जैन और मुकेश कुमार जैन ने विशिष्ट अतिथि अभय कुमार जैन, निदेशक अमित कुमार अग्निहोत्री, मुख्य वक्ता अनूप चंद्र जैन एडवोकेट, राजेंद्र प्रसाद जैन, ललितेश जैन एवं महावीर प्रसाद जैन मुन्ना बाबू का तिलक कर एवं पीत दुपट्टा पहनाकर सम्मानित किया। देश के विभिन्न नगरों से शिक्षण कार्य हेतु पधारे मयंक जैन शास्त्री, कपिल जैन शास्त्री, कृष्णा जैन शास्त्री, सौरभ जैन शास्त्री, अनुराग जैन शास्त्री तथा पाठशाला के संचालक एवं संचालिकाओं को भी प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर पंकज जैन एलआईसी, स्नेह कुमार जैन, ओम प्रकाश जैन, डॉ मनीष जैन, डेविड जैन, प्रमोद जैन सोनल, राज कुमार जैन, संभव प्रकाश जैन ने मंच की शोभा बढ़ाई। पाठशाला के बच्चों ने णमोकार मंत्र एवं कव्वाली ‘अरे माता बहनों ज़रा ये तो बता दो, कि मंदिर में श्रृंगार भला किस लिए है’ प्रस्तुत कर श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। जिनवाणी साज सज्जा प्रतियोगिता में पद्म पुराण की सज्जा के लिए अंशिका जैन को प्रथम पुरस्कार, पांडव पुराण एवं पद्म पुराण की सज्जा के लिए गुनी जैन एवं गर्वित जैन को द्वितीय पुरस्कार तथा श्रेणीक चरित्र ग्रंथ की सज्जा के लिए आरुषि जैन को तृतीय पुरस्कार प्राप्त हुआ। मुख्य वक्ताओं अभय कुमार जैन एवं अनूप चंद्र जैन ने कहा कि यह एक अनूठा एवं सराहनीय प्रयास है जिससे बच्चों में नैतिक संस्कार विकसित होते हैं और धर्म के प्रति आस्था गहरी होती है। कार्यक्रम के अंत में संयोजक संजय जैन ने सभी अतिथियों, प्रतिभागियों और आयोजकों का आभार व्यक्त किया।