Tuesday, April 28, 2026
Breaking News
Home » मुख्य समाचार » ऊंचाहार पुलिस के खिलाफ ग्रामीणों का प्रदर्शन, लगाए गंभीर आरोप और किए मुर्दाबाद के नारे

ऊंचाहार पुलिस के खिलाफ ग्रामीणों का प्रदर्शन, लगाए गंभीर आरोप और किए मुर्दाबाद के नारे

रायबरेली। कोतवाली क्षेत्र ऊंचाहार में दलित परिवार पर लगातार हो रहे उत्पीड़न और हमले के मामलों में पुलिस द्वारा कोई ठोस कार्रवाई न किए जाने से नाराज़ ग्रामीणों ने बुधवार को तहसील मुख्यालय पर जोरदार प्रदर्शन किया। उन्होंने पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन एसडीएम को सौंपा। गणेशगंज मजरे इटौरा बुजुर्ग गांव के दो दर्जन से अधिक ग्रामीण हाथों में बैनर लिए हुए तहसील पहुंचे और ऊंचाहार पुलिस के खिलाफ जमकर नारे लगाए। ग्रामीणों का आरोप है कि गांव के ही एक विशेष बिरादरी के दबंग लोग लगातार उनके साथ मारपीट और उत्पीड़न कर रहे हैं, लेकिन पुलिस मूकदर्शक बनी हुई है। प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों बृजेश कुमार, राम किशुन आदि का कहना है कि पुलिस की निष्क्रियता के चलते वे लोग डर के साये में जी रहे हैं और अपने घर छोड़कर रिश्तेदारों के यहां रहने को मजबूर हैं। उनका यह भी कहना है कि हल्का दरोगा कभी-कभार गांव आता जरूर है लेकिन महज औपचारिकता निभाकर लौट जाता है। प्रदर्शन की सूचना पर कोतवाल संजय कुमार मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों को शांत करने की कोशिश की, लेकिन पुलिस की नकारात्मक छवि और अब तक की निष्क्रियता के कारण ग्रामीणों का गुस्सा थमने का नाम नहीं ले रहा था। उन्होंने कोतवाल की मौजूदगी में ही पुलिस के खिलाफ जोरदार नारेबाजी शुरू कर दी। इस पूरी घटना से स्पष्ट होता है कि ऊंचाहार पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर आम जनता में भारी असंतोष है। ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री से न्याय की गुहार लगाते हुए एसडीएम को ज्ञापन सौंपकर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई और निष्पक्ष जांच की मांग की है। स्थानीय स्तर पर पुलिस के रवैये को लेकर उपजा यह आक्रोश अब प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती बनता जा रहा है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है और पीड़ितों को न्याय कब तक मिलता है।