हाथरस। हालांकि मानसून अभी दस्तक देने की तैयारी में है, मगर असमय हो रही बारिश ने जहां गर्मी से राहत दी है, वहीं बढ़ती उमस ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। तेज हवाओं के साथ अचानक हुई बारिश के बाद निकली चटक धूप के कारण वातावरण में घुली उमस ने लोगों के स्वास्थ्य पर असर डालना शुरू कर दिया है। इससे सर्दी, खांसी, बुखार जैसी मौसमी बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। रविवार और सोमवार को हुई बारिश से लोगों को तपती गर्मी से कुछ राहत तो जरूर मिली, लेकिन किसानों के लिए यह बारिश चिंता का कारण बन गई है। खेतों में खड़ी बाजरा की फसल को नुकसान पहुंचा है। किसानों ने बताया कि उन्होंने फसल काटकर खेतों में डाल दी थी, जो अब बारिश के कारण भीग गई है और खराब होने की आशंका है। गौरतलब है कि मई में नौतपा के दौरान और जून के पहले पखवाड़े में तापमान 46 डिग्री तक पहुंच गया था। इस भीषण गर्मी ने लोगों को घरों में कैद रहने और एसी, कूलर का सहारा लेने पर मजबूर कर दिया। वहीं, बिजली की आंखमिचौली ने परेशानी को और बढ़ा दिया। अब जबकि बारिश के बाद उमस का प्रकोप बढ़ रहा है, लोग खुद को बीमारियों से बचाने को लेकर चिंतित हैं। हालांकि स्वास्थ्य विभाग सतर्क है और बदलते मौसम में बीमारियों से बचने के लिए जागरूकता अभियान चला रहा है। डॉक्टरों की टीम गांवों और शहरों में लोगों को सावधानियां बरतने की सलाह दे रही है, ताकि मौसम की मार से बचा जा सके।
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