रायबरेली। भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं जिला कार्यसमिति सदस्य, गन्ना सहकारी समिति लिमिटेड तथा क्रय-विक्रय सहकारी समिति लिमिटेड रायबरेली के अध्यक्ष रवि सिंह चौधरी ने सहकारी अधिनियम में आरक्षण लागू करने की मांग उठाई है। उन्होंने इस संबंध में उत्तर प्रदेश राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग, अनुसूचित जाति एवं जनजाति आयोग, प्रधानमंत्री, सहकारिता मंत्री, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री, मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश एवं सहकारिता मंत्री उत्तर प्रदेश को मांग पत्र भेजा है। मांग पत्र में उल्लेख किया गया है कि संविधान के अनुसार पिछड़े वर्ग, अनुसूचित जाति एवं जनजाति के लोगों को 50 प्रतिशत आरक्षण प्राप्त है, लेकिन सहकारी अधिनियम की धारा 29(5) एवं निर्वाचन नियमावली के नियम-28 के अंतर्गत केवल कुछ ही पदों पर आरक्षण का प्रावधान है। वर्तमान व्यवस्था में सिर्फ एक पद अनुसूचित जाति/जनजाति के लिए और दो पद महिलाओं के लिए आरक्षित हैं, जिससे अन्य वर्गों के संवैधानिक अधिकारों का हनन हो रहा है। रवि सिंह चौधरी ने मांग की है कि सहकारी अधिनियम में संशोधन कर सभी पदों पर – विशेषकर अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष – पर भी संवैधानिक आरक्षण व्यवस्था के तहत पिछड़े वर्ग, अनुसूचित जाति और जनजाति के लिए 50 प्रतिशत आरक्षण लागू किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि यह संशोधन इन वर्गों के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा और समान भागीदारी सुनिश्चित करने की दिशा में एक जरूरी कदम होगा। उन्होंने अपने मांग पत्र के माध्यम से स्पष्ट किया कि सहकारी संस्थाओं में सभी स्तरों पर समान अवसर और प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करना लोकतांत्रिक व्यवस्था की मजबूती के लिए आवश्यक है।
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