Friday, March 6, 2026
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किसानों की भूमि पर जबरन बन रहा चकरोड, लेखपाल और प्रधान प्रतिनिधि पर गंभीर आरोप

शिवगढ़, रायबरेली। केंद्र सरकार भले ही किसानों को लाभ पहुंचाने के लिए उनके खातों में दो-दो हजार रुपये की राशि भेज रही हो, लेकिन तहसील स्तर पर तैनात अधिकारी और कर्मचारी किसानों का शोषण करने से बाज नहीं आ रहे हैं। विकास खंड क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले कोटवा गांव में प्रधान प्रतिनिधि अनिल यादव और लेखपाल विपिन मौर्या पर ग्रामीणों ने गंभीर आरोप लगाए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि इन दोनों की मिलीभगत से किसानों की खड़ी फसल को नष्ट कर खेतों में जबरन चकरोड और नाली बनाई जा रही है। इस कार्य से गांव में भारी आक्रोश फैल गया है। जब इस मामले में एक पत्रकार ने लेखपाल विपिन मौर्या से बातचीत की तो उन्होंने बताया कि यह कार्य एसडीएम के आदेश पर हो रहा है। वहीं, स्थानीय लोगों का कहना है कि यह सब चुनावी रंजिश के चलते किया जा रहा है। प्रधान द्वारा जानबूझकर कुछ किसानों की भूमि पर बिना किसी सूचना के चकरोड बनवाया जा रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि जहां चकरोड बनाया जा रहा है, वहां पहले कभी चकरोड था ही नहीं। सोचने वाली बात यह है कि जिन किसानों की भूमि पर यह निर्माण हो रहा है, उन्हें कोई पूर्व सूचना नहीं दी गई। सरकार और कोर्ट का स्पष्ट आदेश है कि किसी भी भूमि पर चकरोड निर्माण से पहले संबंधित व्यक्ति को सूचित किया जाए, लेकिन कोटवा के प्रधान प्रतिनिधि अनिल यादव इन नियमों की अनदेखी कर रहे हैं। उनका कहना है कि वह अपनी मर्जी से काम करेंगे और यदि किसी को आपत्ति है तो वह डीएम या मुख्यमंत्री से शिकायत करे। प्रधान और लेखपाल के इस रवैए से नाराज ग्रामीणों ने उपजिला अधिकारी को एक लिखित प्रार्थना पत्र देकर मांग की है कि पहले भूमि की पैमाइश कराई जाए, उसके बाद ही चकरोड का निर्माण हो। लेकिन यह पत्र दिए हुए चार दिन बीत चुके हैं, फिर भी महाराजगंज एसडीएम की ओर से अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन की इस अनदेखी के चलते वे डीएम कार्यालय में धरना देंगे। तहसील प्रशासन के इस रवैए से गांव में भारी असंतोष और नाराजगी का माहौल है।