मथुरा। गोवर्धन विधायक ठा. मेघश्याम सिंह की अध्यक्षता में मुड़िया पूर्णिमा मेले की तैयारियों को लेकर एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में मंडलायुक्त शैलेन्द्र कुमार सिंह, पुलिस उपमहानिरीक्षक शैलेश कुमार पाण्डेय, जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्लोक कुमार, मथुरा वृन्दावन विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष श्याम बहादुर सिंह, मुख्य विकास अधिकारी मनीष मीना सहित कई विभागीय अधिकारी शामिल रहे। बैठक में बताया गया कि मुड़िया पूर्णिमा मेला 4 जुलाई से 11 जुलाई 2025 तक गोवर्धन तहसील क्षेत्र में आयोजित किया जाएगा, जिसमें देशभर से करोड़ों श्रद्धालु श्री गिर्राज जी महाराज की लगभग 21 किलोमीटर लंबी परिक्रमा करेंगे। इस दौरान परिक्रमा मार्ग पर स्थित विभिन्न मंदिरों में भीड़ उमड़ेगी। समीक्षा बैठक में सभी विभागों की तैयारियों का जायजा लिया गया। विधायक मेघश्याम सिंह ने पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए कि श्रद्धालुओं के प्रति पुलिस का व्यवहार शालीन और सहयोगपूर्ण होना चाहिए। साथ ही भंडारे के आयोजकों को साफ-सफाई सुनिश्चित करने, कूड़ादान लगाने और नियमित सफाई के निर्देश दिए गए। विद्युत विभाग को निर्देशित किया गया कि सभी विद्युत पोल पर प्लास्टिक रैपिंग हो तथा स्ट्रीट लाइट, हाईमास्क व सोलर हाइमास्क लाइटें सुचारू रूप से कार्यरत रहें। मंडलायुक्त ने कहा कि परिक्रमा मार्ग पर नियमित अंतराल पर विद्युत कर्मचारियों की तैनाती हो ताकि किसी भी विद्युत समस्या का तत्काल समाधान किया जा सके। लोक निर्माण विभाग ने बताया कि गड्ढा मुक्त सड़कें, पार्किंग, बैरियर, बैरीकेडिंग, वॉच टावर आदि तैयार किए जा रहे हैं। मंडलायुक्त ने सभी पार्किंग स्थलों पर मजबूत रैंप बनाए जाने के निर्देश दिए ताकि बारिश में वाहनों के आवागमन में कोई बाधा न आए। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर मंडलायुक्त ने बताया कि मेले को तीन मुख्य व्यवस्थाओं – ट्रैफिक प्रबंधन, भीड़ प्रबंधन और अपराध नियंत्रण – के तहत विभाजित किया गया है। मेले क्षेत्र को 21 जोन और 62 सेक्टरों में बांटा गया है, जहां सिविल पुलिस, पीएसी, इंटेलिजेंस, यातायात, दमकल आदि विभागों की टीमें तैनात रहेंगी। मेले की निगरानी के लिए सीसीटीवी कैमरे और ड्रोन का इस्तेमाल किया जाएगा। परिवहन विभाग को निर्देश दिए गए कि कोई भी यात्री बस की छत पर न बैठे और बस चालक बस छोड़कर न भागे। यदि ऐसी स्थिति उत्पन्न हो तो वैकल्पिक चालक की व्यवस्था सुनिश्चित हो। सभी ड्राइवरों को रूट की पूरी जानकारी होनी चाहिए। नियमित अंतराल पर परिवहन विभाग के अधिकारी तैनात किए जाएं। स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर जिलाधिकारी ने कहा कि गोवर्धन स्वास्थ्य केंद्र में ऑक्सीजन, दवाएं, एंबुलेंस, डॉक्टर, मोबाइल एंबुलेंस, मेडिकल टीम और मेडिकल कीट पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध रहें। आसपास के सभी प्राइवेट अस्पतालों में भी बेड रिजर्व रखे जाएं और अस्पताल संचालकों के साथ पूर्व बैठक की जाए। अधिशासी अधिकारी को निर्देश दिए गए कि पीने के पानी की व्यवस्था, जलभराव की समस्या, बिजली आपूर्ति और सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया जाए। परिक्रमा मार्ग की निगरानी सीसीटीवी से हो। जनसुविधाएं, प्याऊ, बाल पेंटिंग आदि कार्य शीघ्र पूर्ण किए जाएं। कुंडों पर नाव और गोताखोरों की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। साथ ही, वॉच टावर, अस्थाई पुलिस चौकी, पार्किंग, बैरियर और बैरीकेडिंग आदि व्यवस्थाओं के लिए उप जिलाधिकारी गोवर्धन और क्षेत्राधिकारी गोवर्धन को विशेष निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन मेले की तैयारी को अंतिम रूप देने में पूरी तरह जुटा है।
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