मथुरा। श्रीकृष्ण जन्मभूमि संघर्ष न्यास के अध्यक्ष और मथुरा मंदिर-मस्जिद मामले के मुख्य पक्षकार दिनेश फलाहारी महाराज ने कहा है कि वे इटावा के ब्राह्मणों को जेल से छूटने के बाद चांदी का मुकुट पहनाकर सम्मानित करेंगे। उन्होंने कहा कि इटावा में ब्राह्मण समुदाय डर के माहौल में जी रहा है, और अगर उत्तर प्रदेश में योगी सरकार न होती तो कट्टरपंथी उपद्रवी ब्राह्मणों पर जानलेवा हमला कर सकते थे। गोवर्धन स्थित अपने आश्रम पर पत्रकारों से बातचीत करते हुए फलाहारी महाराज ने कहा कि वे उत्तर प्रदेश सरकार का आभार व्यक्त करते हैं जिसने उपद्रवियों को जेल भेजा और स्थिति को नियंत्रण में रखा। उन्होंने कहा कि सरकार कानून का पालन करने वालों के साथ है और किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने जनता से शांति बनाए रखने और कानून को अपने हाथ में न लेने की अपील की। साथ ही, सपा प्रमुख अखिलेश यादव के हालिया बयान की आलोचना करते हुए कहा कि वे लोगों को गुमराह कर रहे हैं और राज्य में जातीय तनाव भड़काने का प्रयास कर रहे हैं। फलाहारी बाबा ने यह भी स्पष्ट किया कि सभी जातियां सम्माननीय हैं, लेकिन कोई व्यक्ति यदि पहचान छुपाकर या नाम बदलकर धार्मिक गतिविधियां करता है, तो यह न केवल अनुचित है, बल्कि अपराध की श्रेणी में आता है। उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसा षड्यंत्र केवल अपराधी प्रवृत्ति के लोग ही करते हैं। उल्लेखनीय है कि दिनेश फलाहारी महाराज लंबे समय से यह संकल्प लेकर उपवास पर हैं कि जब तक मथुरा की ईदगाह मस्जिद, जिसे वह औरंगजेब द्वारा निर्मित मानते हैं, को हटवाया नहीं जाएगा, तब तक वे अन्न ग्रहण नहीं करेंगे और न ही जूते-चप्पल पहनेंगे। अंत में फलाहारी महाराज ने देशवासियों से धैर्य और संयम बनाए रखने तथा सामाजिक सौहार्द बनाए रखने की अपील की।
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