मथुरा। मथुरा और गोवर्धन में आयोजित हो रहे मुंडिया पूर्णिमा गोवर्धन मेला में तीर्थयात्रियों की सुविधा के लिए रेलवे ने विशेष तैयारियां की हैं। यात्रियों के आवागमन को सुगम और सुरक्षित बनाने के उद्देश्य से रेलवे द्वारा 80 ट्रिप की मेला स्पेशल ट्रेनों का संचालन किया जा रहा है, जबकि 70 ट्रिप के लिए ट्रेनों को विस्तारित किया गया है। इन ट्रेनों में करीब 40 अतिरिक्त कोच जोड़े गए हैं ताकि हर यात्री को गंतव्य तक सुरक्षित पहुंचाया जा सके। हर दिन करीब 80 से 90 हजार यात्रियों को उनके गंतव्य तक पहुंचाया जा रहा है। आगरा मंडल रेल प्रबंधक तेज प्रकाश अग्रवाल स्वयं व्यवस्थाओं की लगातार मॉनिटरिंग कर रहे हैं और हर गतिविधि पर पैनी नजर रखे हुए हैं। मेला कंट्रोल रूम से परिचालन टीम और वाणिज्यिक विभाग, आरपीएफ के साथ समन्वय बनाकर पल-पल की स्थिति पर निगरानी रखी जा रही है।
भीड़ को देखते हुए बदला गया ट्रेनों का ठहराव समय
यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए कई ट्रेनों के ठहराव समय में बदलाव किया गया है, जिससे यात्रियों को चढ़ने-उतरने में किसी प्रकार की असुविधा न हो। तीर्थयात्रियों की सुरक्षा के लिए रेलवे पुलिस बल की संख्या बढ़ाई गई है और मेला क्षेत्र में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। कंट्रोल रूम से अधिकारियों द्वारा निगरानी की जा रही है।
यात्रियों के लिए व्यापक सुविधाएं
रेलवे द्वारा तीर्थयात्रियों के लिए पेयजल, साफ-सफाई, शौचालय, चिकित्सा सुविधा, एंबुलेंस, पांडाल और आतिथ्य सेवाएं उपलब्ध कराई गई हैं। प्लेटफॉर्म से लेकर ट्रेनों तक रेलवे कर्मी हर स्थान पर मुस्तैदी से तैनात हैं।
घायल तीर्थयात्री की मदद कर बना मानवता का उदाहरण
गोवर्धन स्टेशन पर एक तीर्थयात्री घायल हो गया था। टिकट चेकिंग स्टाफ और आरपीएफ द्वारा त्वरित सहायता और प्राथमिक उपचार प्रदान किया गया। यात्री ने रेलवे परिवार का आभार जताते हुए उनकी सेवा की सराहना की।
स्काउट्स एंड गाइड्स की सक्रिय भूमिका
मथुरा जंक्शन पर स्काउट्स एंड गाइड्स की टीम श्रद्धालुओं की सहायता में जुटी हुई है। खोया-पाया केंद्र के माध्यम से बिछड़े यात्रियों को उनके परिजनों से मिलवाने का कार्य किया जा रहा है। इसी क्रम में मुरैना निवासी उदयवीर जी की पत्नी मेला स्थल पर बिछड़ गई थीं, जिन्हें स्काउट्स टीम ने उद्घोषणा के माध्यम से ढूंढकर उनसे मिलवाया। रेल प्रशासन की ओर से चल रही ये समर्पित सेवाएं यह सुनिश्चित कर रही हैं कि गोवर्धन मेला में शामिल होने वाले लाखों तीर्थयात्री न केवल सुरक्षित यात्रा करें बल्कि उन्हें किसी भी तरह की असुविधा का सामना न करना पड़े।
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