हाथरसः जन सामना संवाददाता। सांसद राजेश कुमार दिवाकर ने लोकसभा में सत्र के दौरान जनजातीय कार्य मंत्रालय से जानकारी लेते हुये पूछा कि क्या सरकार ने जनजातीय लोगों की शिकायतों हेतु ट्राइबल डायरी मोबाइल एप शुरू किया है और ब्यौरा क्या है। उक्त मोबाइल एप के माध्यम से प्राप्त/अपलोडेड जनजातीय लोगों की शिकायतों की संख्या कितनी है और इनमें से कितनी शिकायतों का निपटान किया गया है। क्या सरकार ने जमीनी स्तर पर प्रणाली के कार्यकरण की जांच हेतु मोबाइल एप पर विचार किया है।
प्रश्न के उत्तर में आवासन एवं जनजातीय कार्य मंत्रालय में राज्यमंत्री जसवन्त सिंह भाभौर ने बताया कि जनजातीय कार्य मंत्रालय ने जनजातीय विकास के लिये योजनाओं/कार्यक्रमों के कार्यान्वयन के साथ सम्बन्धित अधिकारियों/पदाधिकारियों के सम्पर्क सहित आंतरिक निगरानी हेतु जनजातीय डायरीज के नाम से एक एंड्रायड आधारित मोबाइल एप्लिकेशन फोटोग्राफ, वीडियो, अधिकारिक दौरे/निरीक्षण की रिपोर्टों को अपलोड करने तथा सर्वोत्तम प्रथाओं आदि को साझा करने के सम्बन्ध में दृष्यमान प्रतिक्रिया हेतु एक अवसर प्रदान करता है। इस एप्लिकेशन का उपयोग जनजातीय कार्य मंत्रालय द्वारा निधि पोषित एक लव्य आदर्श विद्यालयों (ईएमआरएस) के सिंहावलोकन प्राप्त करने के लिये व्यापक रूप से किया जा रहा है। ईएमआर एस विद्यालयों के प्रधानाचार्यो को एप्लिकेशन के उपयोग तथा विद्यालयों की वास्तविक अवसंरचना, विद्यार्थियों की विशेष उपलब्धि पर प्रकाश डालने वाली परियोजनाओं का सृजन करने तथा सफलता की कहानियों को साझा करने के लिये प्रोत्साहित किया जा रहा है।
केन्द्रीय मंत्री ने बताया कि जहाॅ तक शिकायतों का प्रश्न है, केन्द्रीकृत लोक शिकायत, निपटान एवं निगरानी प्रणाली (सीपीजीआरएएमएस) एक आॅनलाइन वेब-सक्षम प्रणाली प्लेटफार्म है, जिसका मुख्य लक्ष्य पीड़ित नागरिकों द्वारा कहीं से या किसी समय पर शिकायतों के प्रस्तुतीकरण को सक्षम बनाना है। इसके अलावा, मंत्रालय में शिकायतें वास्तविक रूप से भी प्राप्त की जाती है। मंत्रालय, शिकायतों के निपटान हेतु, इस उद्देश्य के लिये एक समर्पित प्रभाग के माध्यम के साथ-साथ शिकायतों पर नजर रखने के अलावा उनके शीघ्र निपटान के लिये जांच एवं कार्यवाही करता है।
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