सपा नेता अकील अहमद पट्टा ने कहा अन्याय अत्याचारों से प्रदेश की जनता कराह उठी
रसूलाबाद/कानपुर देहात, संतोष गुप्ता। हाथरस कांड को लेकर समाजवादी पार्टी कार्यकर्ताओं व नेताओ में व्यापक रोष व्याप्त है। समाजवादी पार्टी की नेत्री नीलम कठेरिया व वरिष्ठ सपा नेता अकील अहमद पट्टा ने इतनी बड़ी घटना पर शासन व सरकार की ढुलमुल नीति की निंदा करते हुए कहा कि ऐसे में प्रदेश के मुख्यमंत्री को अपने पद इस्तीफा दे देना चाहिए।
वृहस्पतिवार वरिष्ठ सपा नेता अकील अहमद पट्टा के आवास पर सपा नेत्री नीलम कठेरिया ने कहा कि हाथरस की इतनी भीभत्स घटना पर सरकार व शाशन में बैठे अधिकारियों द्वारामृतका पीड़ित बालिका के परिवारी जनो को बिना विश्वास में लिए रात में दाह संस्कार कर देना यह साबित करता है कि सरकार इस घटना में तथ्यों को छिपाना चाहती थी वर्ना ऐसा भी कही होता है कि हिन्दू संस्कारो में कही रात को अर्थी जलाई जाती है।
उन्होंने कहा कियह घटना बेहद निंदनीय के साथ समाज के लिए चिन्त नीय भी है। उन्होंने आश्चर्य व्यक्त करते हुए कहा कि भाजपा सरकार तानाशाही पर उतारू होकर विपक्षी नेताओं के साथ साथ प्रिंट व इलेक्ट्रॉनिक मीडिया को भी परिवारी जनो से मिलने नही दे रही है ।उन्होंने सरकार से सवाल किया कि सरकार बताये कि वह किन कारणों से नेताओ व पत्रकारो को नही जाने दे रही है ।उनका कहना था कि जनता को झूठे आश्वासनों से बरगला सत्ता हथियाने वाले लोगो की सच्चाई अब जनता जान गई है जिससे भाजपा सरकार अब बौखलाहट में अपना आत्म संतुलन खो चुकी है।
सपा नेता अकील अहमद पट्टा ने कहा कि अखिलेश यादव की सरकार में भाजपाई कानून व्यवस्था को लेकर काफी हो हल्ला मचाते थे अब जब चारो ओर जंगल राज कायम है तो भाजपाई शांत क्यो है आखिर कार एक दुखित परिवार के चीखने की आवाज सरकार व शासन को सुनाई क्यो नही दे रही है।
उन्होंने कहा कि अबअन्याय अत्याचारों व बदले की भावना से प्रदेश की जनता कराह उठी है निश्चित ही बदलाव आएगा और 22 के विधान सभा चुनाव में समाजवादी पार्टी की सरकार बनने पर कानून के राज के तहत एक एक अत्याचारों की पुनः निष्पक्ष जांच कराकर दोषियों को दंड दिलाने का काम प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा।
इस मौके पर राम प्रकाश, शंकर, दीपक दिवाकर, लालू, मंसूरी, अबरार अहमद सहित अन्य मौजूद रहे।
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