कानपुरः जन सामना संवाददाता। यातायात माह चल रहा है और आम हो या खास हर किसी को यातायात के नियमों को पालन करने हेतु जागरूक किया जा रहा है ताकि सड़क हादसों को रोका जा सके। वहीं शहर के प्रमुख चौराहों पर लाउडस्पीकरों के माध्यम से भी यातायात के नियमों की जानकारी दी जा रही है।
यातायात के नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के चालान करते यातायात के जवान भी देखे जा सकते हैं जो अपने अपने मोबाइलों से फोटो खींचते देखे जा सकते हैं किन्तु तरह शहर की प्रमुख सड़कों पर ऐसे भी नजारे देखे जा सकते हैं जो यातायात के नियमों को मुंह चिढ़ाते हैं। जी हां, शहर के प्रमुख मार्गों पर फर्राटा भरते अधिकतर आटो, टेम्पो के नम्बर किसी ना किसी तरह से छिपाये गये हैं। उनकी नम्बर प्लेट पर कोई ना कोई कपड़ा, टेप आदि लगा देखा जा सकता है। ये नजारे ना तो यातायात पुलिस के जवानों को दिखते हैं और ना ही क्षेत्रीय पुलिस के जवानों को।सूत्रों के मुताबिक नम्बरों को छुपाने से एक तरफ जहां आटो चालक यातायात नियमों का उल्लंघन करने पर चालान से बच जाते हैं तो दूसरी तरफ यातायात पुलिस के जवानों की ही नहीं बल्कि क्षेत्रीय थाना पुलिस की जेब भरने का माध्यम भी बन चुके हैं। उन्हें बेतरतीब आटो चलाने की छूट रहती है जो जहां चाहे खड़ा करें और जिधर चाहें बिना कुछ सोंचे समझे मोड़ दें। जबकि अगर शहर के आटो, टेम्पो के चालकों को सुधार दिया जाये तो हादसों में कमी आ सकती है। चौराहों पर लगने वाले जाम से भी काफी हदतक छुटकारा पाया जा सकता है।
शहर की प्रमुख सड़कों पर नम्बर प्लेट छुपाकर चलने वाले अनेक आटो, टेम्पो गैर जनपद के भी चल रहे हैं, साथ अनेक आटो ऐसे भी चल रहे हैं जिनकी वैद्यता खत्म हो चुकी है और उन्हें क्षेत्रीय थाना पुलिस का रहमोकरम प्राप्त रहता है और वो भी क्षेत्रीय पुलिस की मासिक कमाई का जरिया बन चुके हैं।
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