Friday, November 16, 2018
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सौर ऊर्जा से संचालित रेडियो को जर्मनी से रिसर्चर लौरा और सेबेस्टियन देखने आये

शिवली कानपुर देहात, जितेन्द्र कुमार। आज दिन बुधवार को जर्मनी से दो रिसर्चर लौरा और सेबेस्टियन कानपुर देहात के एक मात्र सामुदायिक रेडियो वक्त की आवाज आये और उन्होंने जाना कि सौर ऊर्जा से किस प्रकार पूरा रेडियो स्टेशन संचालित हो रहा है। साथ ही उन्होंने यहाँ की टीम से जाना कि यहाँ पर कब कब प्रसारण होता है। लौरा ने रेडियो टीम के सदस्य हरी से कुछ पल बात की जिसमे उन्होंने ये जानने की कोशिश की कितने लोग यहाँ पर सामुदायिक रेडियो को सुनते है। इसके साथ ही वहाँ पर आये श्रमिक भारती संस्था से आये अविरल जी से जाना की सौर ऊर्जा कब से रेडियो स्टेशन में लगा है। सेविस्टियन से अविरल ने बताया कि पिछले 4 सालों से ये स्टेशन सौर ऊर्जा से ही चलता है जिसमे कि यह 9 घंटे रोजाना अपने कार्यक्रम लोगों के घर घर तक पहुँचाता है। दिल्ली से आडियो सिंक मीडिया कम्बाइन संस्था से आई पिंकी ने भी प्रसारण के तौर तरीके बताए लौरा को, पिंकी वक्त की आवाज में पिछले दो महीने से है और एक साल तक यही रेडियो वक्त की आवाज में अपना योगदान देती रहेगी। जाते जाते लौरा और सेविस्टियन ने कहा कि भारत के छोटे से गाँव में आकर उन्हें बहुत अच्छा लगा। इस मौके पर वक्त की आवाज से हरेंद्र, करिश्मा, श्रमिक भारती संस्था से अविरल जी और रेडियो स्टेशन के आर जे हरी और बैरी के बच्चे जो कि मुख्य रूप से विदेशी सैलानी को देखने के लिए एकत्र हुए।