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युवा जगत

हिंदी फीचर फिल्मः पहल का ट्रेलर लांच

मुंबईः जन सामना ब्यूरो। एकलव्य फिल्मस एण्ड टेलीविजन- मुंबई के बैनर से नवनिर्मित सामाजिक हिंदी फीचर फिल्म “पहल” का ट्रेलर फस्टलुक थिएटर, लक्ष्मी इंडस्ट्रियल एस्टेट, अंधेरी – मुंबई में लांच हुआ। इस अवसर पर फिल्म जगत की दिग्गज विभूतियों सहित तमाम उभरते कलाकार कार्यक्रम में सहभागी रहे। उपस्थित सभी महानुभावों ने पहल की पूरी टीम की भूरि-भूरि प्रंशसा की। आपको बतादें कि हिंदी फीचर फिल्म पहल के निर्माता रामसूरत बिंद हैं व निर्देशक संजय निषाद हैं। फिल्म में मुख्य भूमिका में नजर आ रहे हैं राजशेखर साहनी एवं प्रियंका रघुवंशी। फिल्म के कहानीकार हैं सुरेश एकलव्य।
महज तीन मिनट के ट्रेलर को देखकर ही पता चलता है कि नवोदित कलाकार राजशेखर साहनी ने फिल्म के लिए कितनी मेहनत की है। दमदार अभिनय के बल पर राजशेखर साहनी बाॅलीवुड में अपना लोहा मनवाने के लिए पूरी तरह सफल हो चुके हैं। दर्शक देखेंगे कि कितनी सादगी से राजशेखर साहनी एक सामाजिक युध्द लड़ते हैं और अंत में विजयी भी होते हैं। इस तरह की सामाजिक कहानियों से हमारे भारतीय समाज में एक परिवर्तन आयेगा और शिक्षा व रोजगार के विकास की नवीन प्रेरणा मिलेगी। एक सामाजिक फिल्म के निर्माण के लिए रामसूरत बिंद कोटि-कोटि बधाईयों के पात्र हैं। § Read_More....

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लगन, दायित्व और कर्मशीलता का प्रतीक हैं कल्पेश विजयवर्गीय

इंदौरः जन सामना ब्यूरो। किसी व्यक्ति की सहजता, समझ और गंभीरता क्या होती है इसे परखना हो तो कल्पेश विजयवर्गीय सबसे सही व्यक्ति हैं। उनकी सौम्यता, सरलता और समाजसेवा के प्रति उनकी गंभीर लगन अद्भुत है। उनके सहज व्यवहार में उनके वे संस्कार और उनसे मिली सीख झलकती हैं, वो सीख जो उन्हें परिवार से मिली हैं। विदेश से उच्च शिक्षित होने के बाद भी उनमें ऐसा कोई भाव नहीं कि वे यहाँ की शिक्षा कमतर आंकते हों! अपनी जमीन, अपने शहर और अपने परिवेश के प्रति उनका स्नेह और प्रतिबद्धता अक्षुण्ण है। अपने सामाजिक दायित्व के अलावा कल्पेश विजयवर्गीय अपने काम के प्रति भी लगनशील हैं और उनकी लगन स्पष्ट दिखती भी है।
देश और समाज के प्रति उनकी लगन, तत्परता और आसान उपलब्धता की वे सभी प्रशंसा करते हैं, जो उन्हें नजदीक से समझते हैं। नए जमाने के युवा होते हुए भी उनकी व्यावहारिकता, गर्मजोशी से मिलने का ढंग और मित्रों का बड़ा दायरा उनके व्यक्तित्व का खुला आईना है। आज के इस दौर में जब युवा अपने संस्कारों के प्रति बिल्कुल गंभीर दिखाई नहीं देते और न समाज के प्रति अपने कर्तव्यों को समझते हैं, कल्पेश विजयवर्गीय को इस सबसे ओतप्रोत माना जा सकता है। उनके साथ परिवार की जो समाजसेवी वाली पहचान जुडी है, उसका वे पूरा ध्यान रखते हैं और कोशिश करते हैं, बरसों से बनी उस पहचान को नई ऊंचाइयां मिले!
समाजसेवा के प्रति अपने दायित्व को निभाने के साथ-साथ कल्पेश विजयवर्गीय विदेश में ली शिक्षा से मिले ज्ञान का भी पूरा सम्मान करते हैं। उन्होंने पारिवारिक समृद्धता को कभी अपनी प्रगति का आधार बनाना नहीं चाहा। यही कारण है कि वे खुद अपनी अलग पहचान बनाना चाहते हैं। § Read_More....

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अपने लुक में लायें चेंज

युवतियों में अपने लुक में चेंज लाने के लिए हेयर स्टाइल को बदल बदल कर कुछ अलग दिखने की चाह बढ़ रही है। युवाओं में यह बदलाव सबसे ज्यादा दिख रहा है। कुछ अपने पसंदीदा सेलिब्रिटी के बालों के स्टाइल की काॅपी कर कर रहे हैं तो कुछ पुराने हेयर स्टाइल में ही चेंज कर नया हेयर स्टाइल बना रहे हैं।
यदि आप भी अपना मेकओवर करना चाहती हैं तो सी डब्लू सी ब्यूटी एन मेकअप स्टूडियो की सेलिब्रिटी ब्यूटी एन मेकअप एक्सपर्ट शालिनी योगेन्द्र गुप्ता की बताई हुई टिप्स से आप अपनी हेयर स्टाइल को बदलिए।
हेयर को डिफरेंट लुक देना ही हेयर स्टाइलिंग है। इसे आप हेयर मेकओवर भी कह सकते हैं।
ब्लो ड्रायर से कैसे करें बालों को सीधाः थोड़े समय के लिए ड्रायर से बालों को सीधा किया जा सकता है।
इसके लिए पहले बालों को गीला करें और फिर गीले बालों को कुछ भागों में बांट लें। अब हर भाग को ब्रश करें और फिर नीचे की तरफ सीधा पकड़ लें। फिर इसे ड्रायर से सुखाएं।
बालों में कैसे करें ब्रशः ऊपर से नीचे की तरफ बालों में ब्रश चलाएं। बालों की जड़ में ब्रश आराम से चलाएं।
लंबे बालों में एक बार में ब्रश नहीं करना चाहिए। बालों को एक हाथ में पकड़ें और बालों को लंबाई के हिसाब से अलग-अलग भागों में बांटकर ब्रश करें।
जब बाल गीले हों तो ब्रश करने से बचें।
स्टाइलिंग के लिए अधिक दूरी के दांतों वाला प्लास्टिक की कंघी और फुल राउंड ब्रश का इस्तेमाल करें।
अगर आपके बाल झड़ रहे हों तो ब्रश करने से बचें।
ब्लो ड्रायर करें बालों की स्टाइलिंगः ब्लो ड्रायर से छोटे बालों की स्टाइलिंग आसानी से कर सकते हैं। इससे बाल घने लगते हैं। छोटे बाल जिस कट में हैं, उंगलियों के इस्तेमाल से उसे उसी स्टाइल में दिखाया जा सकता है।
लंबे बालों को नया लुक देने के लिए स्टाइलिंग ब्रश की जरूरत होती है। बालों की स्टाइलिंग से पहले बाल को हल्का गीला कर लें। फिर बालों को क्लिप या क्लचर से दो सेक्शन में बांट लें। इसके बाद सिर के ऊपर के बालों को ब्रश की सहायता से ऊपर की तरफ कंघी करें। इससे बाल ज्यादा लहराते दिखेंगे।
बालों को लेयर कट दिखाने के लिए बालों की किसी एक साइड में ब्लोअर से हीट करें।
अगर आपको घुंघराले बाल पसंद हैं तो ड्रायर के इस्तेमाल से पहले छोटे रोलर्स को बालों में लगा लें। § Read_More....

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फिल्म सूबेदार जोगिन्दर सिंह के पहले पोस्टर ने इंटरनेट मचाया तहलका!

परमवीर चक्र प्राप्तकर्ता, जांबाज सैनिक सूबेदार जोगिन्दर सिंह के जीवन पर आने वाली बायोपिक आजकल चर्चा का विषय बानी हुई है। चाहे गिप्पी गरेवाल की फर्स्ट लुक हो या फिल्म का टीजर, इस फिल्म की हर रिलीज ने इंटरनेट पर तूफान ला दिया है. आज फिल्म का पोस्टर रिलीज हुआ, जिसने एक बार फिर सोशल मीडिया की दुनिया को हिला कर रख दिया।
इस फिल्म के पहले जबरदस्त पोस्टर ने दर्शकों के दिल के अंदर एक उत्सुकता पैदा कर दी है।
चर्चा का विषय बनी यह फिल्म सूबेदार जोगिन्दर सिंह के जीवन पर आधारित है। जिन्होंने 1962 में इंडो-सिनो जंग में सिर्फ 21 बहादुर सैनिकों के साथ हजारों चीनी फौजियों का मुकाबला किया। उन्होंने अपने 21 साथियों सहित आखिरी दम तक अपने असीम शौर्य के साथ लड़ते हुए शहादत प्राप्त की थी। जिसके लिए उन्हें मरणोपरांत परमवीर चक्र से सम्मानित किया गया था। इस फिल्म की शूटिंग द्रास, कारगिल, गुवाहाटी और सूरतगढ़ में की गयी है। § Read_More....

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‘वीरे’ और ‘गीत’ के बीच परदे से अलग भी अद्भुत रिश्ता

पारिवारिक मनोरंजक फिल्म वीरे की वेडिंग का हाल ही में ट्रेलर लांच होने के साथ ही फिल्म के लीड एक्टर पुलकित सम्राट (वीरे) और कीर्ति खरबंदा (गीत) ने दर्शकों को अपनी आॅनस्क्रीन केमिस्ट्री की झलक दिखा दी है। निर्विवाद रूप से दोनों के बीच आश्चर्यजनक समीकरण हैं। न केवल स्क्रीन पर, बल्कि स्क्रीन से अलग भी दोनों के बीच अच्छी केमिस्ट्री है। जबकि, वे वीरे की वेडिंग में पहली बार एक दूसरे के सामने दिखाई देंगे।
दर्शकों को दोनों से पहले से ही प्यार है और फिल्म में उन्हें एक साथ देखने का उत्सुकता से इंतजार किया जा रहा है।
इन अभिनेताओं के मुताबिक, उनके प्यार का पहला बंधन तो फिल्म के सेट पर खाने के दौरान ही बन गया। सच्चे पंजाबी एक्टर होने के नाते खाना तो उनके जुनून का हिस्सा है और हमेशा ही शाॅट्स के बीच-बीच में जब समय मिलता है वे शानदार नाश्ता साझा करते रहे हैं! वे एक दूसरे को अच्छी तरह समझते हैं और स्क्रीन से अलग भी यही संबंध बना है।
कीर्ति और पुलकित दोनों का कहना है कि उन्होंने फिल्म इसलिए साइन की, क्योंकि उन्हें एक-दूसरे के साथ काम करने का मौका मिल रहा था। उन्होंने यह भी कहा है कि भविष्य में भी मौका मिला तो वे एक-दूसरे के साथ काम करने के लिए उत्साहित होंगे। § Read_More....

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‘मंत्रीजी का बयान’ की रिलीजिंग डेट आई सामने

एम. टी. डी. मीडिया वर्क्स के बैनर तले नवनिर्मित हिंदी शॉर्ट फिल्म ‘मंत्री जी का बयान’ की रिलीजिंग डेट आ चुकी है। इस शॉर्ट फिल्म का पोस्ट प्रोडक्शन रेनवॉज के सौजन्य से सम्पन्न हुआ है। आपको बता दें कि 25 फरवरी, दिन रविवार को यूट्यूव चैनल एम. टी. डी. मीडिया वकर््स पर रिलीज किया जायेगा। इसके बाद कई साईट्स व केबिल चैनलों पर भी इस शॉर्ट फिल्म को प्रदर्शित किये जाने का प्रस्ताव है।
आपको बतादें कि शॉर्ट फिल्म – ‘मंत्री जी का बयान’ एक संदेशात्मक फिल्म है। कहानी लघु है परन्तु संदेश राष्ट्रहित में है, किस तरह राजनीति अपने उलटते-पुलटते बयानों से आम जनमानस को बेवकूफ बना देती है। राजनीति का आश्रय लेकर ढोंगी बाबा बड़े-बड़े सम्मान – पुरस्कार हथिया लेते हैं और राजनीति को बदले में मिलते हैं भक्तों के वोट। परन्तु जब बाबाओं की काली करतूतें सामने खुलकर आती हैं तो इसके तार कहीं न कहीं राजनेताओं से जुड़े होते हैं। किन्तु अपने आकर्षक बयानों से राजनेता दूध के धुले ही बने रहते हैं, तो देखिए होली के इस पावन पर्व पर शॉर्ट फिल्म – ‘मंत्री जी का बयान’। § Read_More....

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कलाकारों का अब नहीं होगा शोषण- नुपुर अलंकार

देश के दूर-दराज के गांवों, कस्बों व शहरों से लड़के-लड़कियां फिल्मी दुनिया में भविष्य के सुनहरे सपने लेकर आते हैं, लेकिन यहां आकर वो सब एक ऐसे भंवर में फंस जाते हैं जिससे उनका जीवन धीरे-धीरे दर्द भरा हो जाता है। काम के नाम पर निर्माता उनका इतना अधिक शोषण करते हैं कि कम पैसों पर अधिक से अधिक काम लिया जाता है। जिस कारण एक्टर्स भिन्न-भिन्न बीमारियों के शिकार हो जाते हैं। मनोरंज की दुनिया में जनता उनके एक सुखमय जीवन की सोच रखती है, लेकिन क्या हम जानते हैं कि पर्दे के पीछे रियल लाइफ में उनका जीवन किन परेशानियों से भरा पड़ा है।
इंडस्ट्री में एक्टर्स के हित में काम करने वाली संस्था ‘’सिने एण्ड टीवी आर्टिस्टएसोसिएशन’’ (सिंटा) ने इनकी समस्याओं को लेकर अब बहुत ही गंभीर हो गयी है। जिसके के परिणाम स्वरूप मायानगरी में रह रहे कलाकरों को तनाव व जटिलताओं से मुक्त जीवन जीने में मदद करने के लिए संस्था विभिन्न प्रकार की वर्कशॉप का आयोजन कर रही है। सिंटा की ऐसी कुछ योजनाओं के बारे हमको जानकारी दे रही हैं इस संगठन की एक्टिव मेम्बर नुपुर अलंकार। जोकि टीवी और फिल्म की दुनिया में काम करने वाले और यहां आने वाले लोगों के लिए बहुत ही लाभकारी साबित होगी। तो आगे पढ़ते हैं उनके द्वारा दी गयी उपयोगी बातों को-
किसी भी शूटिंग के सेट पर जाने के लिए लगभग 2.30 से 3 घंटे का समय कलाकारों को लगता है। चूंकि यहां जो कलाकार काम करने के लिए आते हैं उनके अंदर जोश और जुनून कूट-कूट कर भरा होता है। इनकी आयु भी 20 से 25 वर्ष की होती है। जिसका गलत फायदा उठाते हुए निर्माता उनसे इतना अधिक काम लेते हैं कि धीरे-धीरे उनकी तबियत खराब होने लगती है, बीमार होने पर उनको हटा कर दूसरे कलाकार को ले लिया जाता है। जो एक्टर्स बहुत दिनों से इंडस्ट्री में काम कर रहे हैं उन सब की सेहत में गलत प्रभाव पड़ रहा है। हमसे पहले जो भी लोग सिंटा कि कमेटी में रहे है उन्होंने एक्टर्स की ऐसी समस्याओं के लिए कोई भी सशक्त कदम नहीं उठाए। जिस कारण ऐसी समस्याएं दिन पर दिन विकराल होती चली गयीं। इसी का एक ज्वलंत उदाहरण है टीवी सीरियल ऐसी दिवानगी देखी नहीं कहीं के सेट पर अभिनेत्री ज्योति शर्मा चार बार मुर्छित हुयी, तो मुझे सेट पर जा कर उसकी मदद करनी पड़ी। वहीं अभिनेता प्रनव मिश्रा को टांग में सूजन व दर्द होने के बावजूद 4 माह तक छुट्टी नहीं दी गयी। जिस कारण काम के भीषण दबाव व तनवा के चलते दोनों ने खुद को इस सीरियल से अलग कर लिया। इसन दोनों से 18 से 20 घंटे का काम लिया जा रहा था। ऐसा सिर्फ इन दोनों एक्टर्स के साथ ही नहीं हो रहा है इस पंक्ति में ऐसे बहुत से एक्टर्स शामिल हैं। लेकिन अब सिने एण्ड टीवी आर्टिस्ट एसोसिएशन (सिंटा) की केअर कमेटी ऐसे मामलों में एक्टर्स की मदद करने का बीड़ा है। सिंटा अब एक्टर्स का शोषण नहीं होने देगा। जिसके लिए ऐसे एक्टर्स की काउंसलिंग की जाएगी, उनको यह बताया जाएगा कि ओवर वर्क करने से उनको आगे क्या बीमारियां होने वाली है जिसके चलते उनको काम भी नहीं मिलेगा।  § Read_More....

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बाइक चलाना सीख रहीं हैं श्वेता भट्टाचार्या

मोटरसाइकिल चलाना आजकल एक ऐसा स्टाइल स्टेटमेंट बन गया है कि महिला कलाकारों ने भी बाइक चलाना शुरू कर दिया है। कुछ अभिनेत्रियाँ अपनी स्क्रिप्ट की मांग से इतर भी बाइक चलाना सीखने को लेकर जुनूनी हैं। ऐसी ही एक साहसी अभिनेत्री हैं श्वेता भट्टाचार्या जो शो ‘जय कन्हैया लाल की’ में डाॅली की भूमिका निभा रहीं हैं। हाल ही में, ऐसी खबर थी कि श्वेता ‘जय कन्हैया लाल की’ के सेट पर अपने को-स्टार विशाल वशिष्ठ से हिंदी सीख रहीं हैं। श्वेता हमेशा नई चीजें सीखने में खुद को व्यस्त रखती हैं। उसकी इस सूची का नवीनतम शगल बाइक चलाना है। श्वेता बेसब्री से बाइक चलाना सीख रही हैं। बाइक चलाने के बारे में कोई जानकारी नहीं होने के कारण श्वेता ने कोशिश करने का फैसला किया और अभी तक सफल रही हैं।
इस बारे में बताते हुए श्वेता कहती हैं, “मुझे हमेशा से बाइक चलाने में डर लगता था। मेरा एक दोस्त बाइक चलाना सीखाने में मेरी मदद कर रहा है। मैंने सोचती थी कि बाइक खतरनाक स्पीड मशीन है लेकिन मैंने बाइक चलाना सीखकर अपना डर दूर करने का फैसला किया। बाइक चलाना आसान नहीं है। इसके लिए कड़ी मेहनत और समर्पण की जरूरत है। § Read_More....

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काल भैरव रहस्य की एक्ट्रेस सरगुन कौर को पसंद है पेंटिंग

स्टार भारत की मिस्ट्री थ्रिलर ‘काल भैरव रहस्य’ ने अपनी रोमांचक कहानी से दर्शकों को बांध रखा है। एक्टिंग के अलावा शो के कुछ कलाकारों की छिपी हुई प्रतिभाएं उनके खाली समय में सामने आती रहतीं हैं। ऐसी ही एक एक्टर सरगुन कौर हैं जो न केवल खूबसूरत हैं बल्कि चित्रकार भी हैं। उन्हें पेंटिंग पसंद है। शूटिंग से मिले खाली समय में वह पेंटिंग करना उनका शगल है।
पेंटिंग से अपने लगाव के बारे में सरगुन कहती हैं, “मुझे आर्ट पसंद है। कला हमारे जीवन में रंग भरती है, कल्पनाशील बनाती है और हमें ऐसी दुनिया प्रदान करती है जिसमें उड़ान भर सकते हैं. जब मैं पेंटिंग कर रही होती हूँ तब मुझे अंदर और बाहर शांति की अनुभूति होती है। मेरे लिए पेंटिंग एक जीवित भाषा है जो एहसास और भावनाओं को अभिव्यक्त करती है। मैं कोई महान चित्रकार नहीं हूँ लेकिन जो भी मैं पेंट करती करती हूँ वह सीधे मेरे दिल से आता है। दिल्ली में मेरे माता-पिता मेरी पेंटिंग की प्रदर्शनी लगाते हैं। आपको अपने जुनून को जिंदा रखना जरूरी है। § Read_More....

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चर्चा मेंः अमृत सिन्हा की फिल्म ‘‘फैरस’’

बिहार के छोटे से शहर सहरसा का एक लड़का इन दिनों मुंबई की माया नगरी में फिल्म निर्देशन के जरिए अपनी धाक जमा रहा है जिसका नाम है अमृत सिन्हा। अमृत सिन्हा ने रंगमंच के द्वारा फिल्मों का सफर तय किया है। अमृत सिन्हा ने महज दो वर्ष पूर्व तनय इंटरनेशनल फिल्म प्रोडक्शन हाउस की नीव रखी थी जो आज सफलता का पर्याय साबित हुआ है। विगत वर्ष 2016 में आयी अमृत सिन्हा और आनंद दाय गुप्ता की फिल्म खजुरवाटिका फिल्म का प्रदर्शन भी देश सहित अंतरराष्ट्रीय मंचो पर किया गया था। इस फिल्म में खजुराहो में बने पोराणिक मंदिर की मूर्तिकला को व उससे जुड़े तथ्यों का फिल्मांकन किया गया था। इसके बाद 2017 इसी फिल्म का नाम व पटकथा परिवर्तन करके नयी खजुरवाटिका फिल्म का निर्माण हुआ जो विश्व पटल पर काफी सराही गयी। जोकि काफी फिल्म अवार्ड अपने नाम कर पाने में सफल रही। फिर 2017 में आयी फिल्म रक्तप्रदाता जीवनदाता जोकि हैदराबाद के ब्लड डोनर पर आधारित थी जिसमें रक्तदान के प्रति जागरूकता दिखाई गयी थी। इसी क्रम में अमृत की दूसरी फिल्म ए शॉल देट बीट्स आयी जोकि खाने की बर्बादी के प्रति जागरूकता फैलाती फिल्म थी। यह दोनों सामाजिक फिल्में अवार्ड के लिये बेस्ट फिल्म के नाम से नॉमीनेट हो चुकी है। और अब अमृत सिन्हा और शौर्य सिंह की दो घंटे दस मिनट अवधि की फिल्म ‘‘फैरस’’ चर्चा में हैं जोकि आज के परिदृश्य में देश में बढ़ते क्राईम पर आधारित है जिसमें मुख्य भूमिका में वॉलीवुड के चर्चित अभिनेता विजय राज, जाकिर हुसैन, गोपाल सिंह, विक्रमजीत, पंकज झा, राहुल सिन्हा, दियांश शर्मा व मीरा जोशी हैं। अमृत सिन्हा कम समय में अपनी बेमिसाल फिल्मों के जरिए दर्जनों फिल्म फेस्टिवल जैसे- मियामी इपीक ट्रेलर फेस्टिवल, इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल, आचार्य तुलसी शार्ट फिल्म फेस्टिवल,चिल्ड्रन एनीमेशन अवार्ड, इंटरनैशनल फिल्म फेस्टिवल ओडिशा, में प्रतिभागी बन चुके हैं और उनकी फिल्में कई श्रेणी में शामिल हो चुकी हैं। § Read_More....

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