• कलाकारों का अब नहीं होगा शोषण- नुपुर अलंकार

    मनोरंजन, युवा जगत

    देश के दूर-दराज के गांवों, कस्बों व शहरों से लड़के-लड़कियां फिल्मी दुनिया में भविष्य के सुनहरे सपने लेकर आते हैं, लेकिन यहां आकर वो सब एक ऐसे भंवर में फंस जाते हैं जिससे उनका जीवन धीरे-धीरे दर्द भरा हो जाता है। काम के नाम पर निर्माता उनका इतना अधिक शोषण करते हैं कि कम पैसों पर अधिक से अधिक काम लिया जाता है। जिस कारण एक्टर्स भिन्न-भिन्न बीमारियों के शिकार हो जाते हैं। मनोरंज की दुनिया में जनता उनके एक सुखमय जीवन की सोच रखती है, लेकिन क्या हम जानते हैं कि पर्दे के पीछे रियल लाइफ में उनका जीवन किन परेशानियों से भरा पड़ा है।
    इंडस्ट्री में एक्टर्स के हित में काम करने वाली संस्था ‘’सिने एण्ड टीवी आर्टिस्टएसोसिएशन’’ (सिंटा) ने इनकी समस्याओं को लेकर अब बहुत ही गंभीर हो गयी है। जिसके के परिणाम स्वरूप मायानगरी में रह रहे कलाकरों को तनाव व जटिलताओं से मुक्त जीवन जीने में मदद करने के लिए संस्था विभिन्न प्रकार की वर्कशॉप का आयोजन कर रही है। सिंटा की ऐसी कुछ योजनाओं के बारे हमको जानकारी दे रही हैं इस संगठन की एक्टिव मेम्बर नुपुर अलंकार। जोकि टीवी और फिल्म की दुनिया में काम करने वाले और यहां आने वाले लोगों के लिए बहुत ही लाभकारी साबित होगी। तो आगे पढ़ते हैं उनके द्वारा दी गयी उपयोगी बातों को-
    किसी भी शूटिंग के सेट पर जाने के लिए लगभग 2.30 से 3 घंटे का समय कलाकारों को लगता है। चूंकि यहां जो कलाकार काम करने के लिए आते हैं उनके अंदर जोश और जुनून कूट-कूट कर भरा होता है। इनकी आयु भी 20 से 25 वर्ष की होती है। जिसका गलत फायदा उठाते हुए निर्माता उनसे इतना अधिक काम लेते हैं कि धीरे-धीरे उनकी तबियत खराब होने लगती है, बीमार होने पर उनको हटा कर दूसरे कलाकार को ले लिया जाता है। जो एक्टर्स बहुत दिनों से इंडस्ट्री में काम कर रहे हैं उन सब की सेहत में गलत प्रभाव पड़ रहा है। हमसे पहले जो भी लोग सिंटा कि कमेटी में रहे है उन्होंने एक्टर्स की ऐसी समस्याओं के लिए कोई भी सशक्त कदम नहीं उठाए। जिस कारण ऐसी समस्याएं दिन पर दिन विकराल होती चली गयीं। इसी का एक ज्वलंत उदाहरण है टीवी सीरियल ऐसी दिवानगी देखी नहीं कहीं के सेट पर अभिनेत्री ज्योति शर्मा चार बार मुर्छित हुयी, तो मुझे सेट पर जा कर उसकी मदद करनी पड़ी। वहीं अभिनेता प्रनव मिश्रा को टांग में सूजन व दर्द होने के बावजूद 4 माह तक छुट्टी नहीं दी गयी। जिस कारण काम के भीषण दबाव व तनवा के चलते दोनों ने खुद को इस सीरियल से अलग कर लिया। इसन दोनों से 18 से 20 घंटे का काम लिया जा रहा था। ऐसा सिर्फ इन दोनों एक्टर्स के साथ ही नहीं हो रहा है इस पंक्ति में ऐसे बहुत से एक्टर्स शामिल हैं। लेकिन अब सिने एण्ड टीवी आर्टिस्ट एसोसिएशन (सिंटा) की केअर कमेटी ऐसे मामलों में एक्टर्स की मदद करने का बीड़ा है। सिंटा अब एक्टर्स का शोषण नहीं होने देगा। जिसके लिए ऐसे एक्टर्स की काउंसलिंग की जाएगी, उनको यह बताया जाएगा कि ओवर वर्क करने से उनको आगे क्या बीमारियां होने वाली है जिसके चलते उनको काम भी नहीं मिलेगा।  § Read_More....

  • बाइक चलाना सीख रहीं हैं श्वेता भट्टाचार्या

    मनोरंजन, युवा जगत

    मोटरसाइकिल चलाना आजकल एक ऐसा स्टाइल स्टेटमेंट बन गया है कि महिला कलाकारों ने भी बाइक चलाना शुरू कर दिया है। कुछ अभिनेत्रियाँ अपनी स्क्रिप्ट की मांग से इतर भी बाइक चलाना सीखने को लेकर जुनूनी हैं। ऐसी ही एक साहसी अभिनेत्री हैं श्वेता भट्टाचार्या जो शो ‘जय कन्हैया लाल की’ में डाॅली की भूमिका निभा रहीं हैं। हाल ही में, ऐसी खबर थी कि श्वेता ‘जय कन्हैया लाल की’ के सेट पर अपने को-स्टार विशाल वशिष्ठ से हिंदी सीख रहीं हैं। श्वेता हमेशा नई चीजें सीखने में खुद को व्यस्त रखती हैं। उसकी इस सूची का नवीनतम शगल बाइक चलाना है। श्वेता बेसब्री से बाइक चलाना सीख रही हैं। बाइक चलाने के बारे में कोई जानकारी नहीं होने के कारण श्वेता ने कोशिश करने का फैसला किया और अभी तक सफल रही हैं।
    इस बारे में बताते हुए श्वेता कहती हैं, “मुझे हमेशा से बाइक चलाने में डर लगता था। मेरा एक दोस्त बाइक चलाना सीखाने में मेरी मदद कर रहा है। मैंने सोचती थी कि बाइक खतरनाक स्पीड मशीन है लेकिन मैंने बाइक चलाना सीखकर अपना डर दूर करने का फैसला किया। बाइक चलाना आसान नहीं है। इसके लिए कड़ी मेहनत और समर्पण की जरूरत है। § Read_More....

  • काल भैरव रहस्य की एक्ट्रेस सरगुन कौर को पसंद है पेंटिंग

    मनोरंजन, महिला जगत, युवा जगत

    स्टार भारत की मिस्ट्री थ्रिलर ‘काल भैरव रहस्य’ ने अपनी रोमांचक कहानी से दर्शकों को बांध रखा है। एक्टिंग के अलावा शो के कुछ कलाकारों की छिपी हुई प्रतिभाएं उनके खाली समय में सामने आती रहतीं हैं। ऐसी ही एक एक्टर सरगुन कौर हैं जो न केवल खूबसूरत हैं बल्कि चित्रकार भी हैं। उन्हें पेंटिंग पसंद है। शूटिंग से मिले खाली समय में वह पेंटिंग करना उनका शगल है।
    पेंटिंग से अपने लगाव के बारे में सरगुन कहती हैं, “मुझे आर्ट पसंद है। कला हमारे जीवन में रंग भरती है, कल्पनाशील बनाती है और हमें ऐसी दुनिया प्रदान करती है जिसमें उड़ान भर सकते हैं. जब मैं पेंटिंग कर रही होती हूँ तब मुझे अंदर और बाहर शांति की अनुभूति होती है। मेरे लिए पेंटिंग एक जीवित भाषा है जो एहसास और भावनाओं को अभिव्यक्त करती है। मैं कोई महान चित्रकार नहीं हूँ लेकिन जो भी मैं पेंट करती करती हूँ वह सीधे मेरे दिल से आता है। दिल्ली में मेरे माता-पिता मेरी पेंटिंग की प्रदर्शनी लगाते हैं। आपको अपने जुनून को जिंदा रखना जरूरी है। § Read_More....

  • चर्चा मेंः अमृत सिन्हा की फिल्म ‘‘फैरस’’

    मनोरंजन, मुख्य समाचार, युवा जगत

    बिहार के छोटे से शहर सहरसा का एक लड़का इन दिनों मुंबई की माया नगरी में फिल्म निर्देशन के जरिए अपनी धाक जमा रहा है जिसका नाम है अमृत सिन्हा। अमृत सिन्हा ने रंगमंच के द्वारा फिल्मों का सफर तय किया है। अमृत सिन्हा ने महज दो वर्ष पूर्व तनय इंटरनेशनल फिल्म प्रोडक्शन हाउस की नीव रखी थी जो आज सफलता का पर्याय साबित हुआ है। विगत वर्ष 2016 में आयी अमृत सिन्हा और आनंद दाय गुप्ता की फिल्म खजुरवाटिका फिल्म का प्रदर्शन भी देश सहित अंतरराष्ट्रीय मंचो पर किया गया था। इस फिल्म में खजुराहो में बने पोराणिक मंदिर की मूर्तिकला को व उससे जुड़े तथ्यों का फिल्मांकन किया गया था। इसके बाद 2017 इसी फिल्म का नाम व पटकथा परिवर्तन करके नयी खजुरवाटिका फिल्म का निर्माण हुआ जो विश्व पटल पर काफी सराही गयी। जोकि काफी फिल्म अवार्ड अपने नाम कर पाने में सफल रही। फिर 2017 में आयी फिल्म रक्तप्रदाता जीवनदाता जोकि हैदराबाद के ब्लड डोनर पर आधारित थी जिसमें रक्तदान के प्रति जागरूकता दिखाई गयी थी। इसी क्रम में अमृत की दूसरी फिल्म ए शॉल देट बीट्स आयी जोकि खाने की बर्बादी के प्रति जागरूकता फैलाती फिल्म थी। यह दोनों सामाजिक फिल्में अवार्ड के लिये बेस्ट फिल्म के नाम से नॉमीनेट हो चुकी है। और अब अमृत सिन्हा और शौर्य सिंह की दो घंटे दस मिनट अवधि की फिल्म ‘‘फैरस’’ चर्चा में हैं जोकि आज के परिदृश्य में देश में बढ़ते क्राईम पर आधारित है जिसमें मुख्य भूमिका में वॉलीवुड के चर्चित अभिनेता विजय राज, जाकिर हुसैन, गोपाल सिंह, विक्रमजीत, पंकज झा, राहुल सिन्हा, दियांश शर्मा व मीरा जोशी हैं। अमृत सिन्हा कम समय में अपनी बेमिसाल फिल्मों के जरिए दर्जनों फिल्म फेस्टिवल जैसे- मियामी इपीक ट्रेलर फेस्टिवल, इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल, आचार्य तुलसी शार्ट फिल्म फेस्टिवल,चिल्ड्रन एनीमेशन अवार्ड, इंटरनैशनल फिल्म फेस्टिवल ओडिशा, में प्रतिभागी बन चुके हैं और उनकी फिल्में कई श्रेणी में शामिल हो चुकी हैं। § Read_More....

  • मातृभाषा दिवस पर अभिनेत्री-निर्माता नीतू चंद्रा जारी करेंगी एक गीत

    मनोरंजन, युवा जगत

    मुंबईः जन सामना ब्यूरो। अभिनेत्री- निर्माता नीतू चंद्र जल्द ही अपने नए भोजपुरी गीत को अपने यूट्यूब चैनल पर, जिसे पहले नियो बिहार के नाम से जाना जाता था, रिलीज करेंगी। उनके भाई और राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता निर्देशक नितिन चंद्रा द्वारा निर्देशित इस गीत का लक्ष्य भोजपुरी भाषा और इसकी समृद्ध संस्कृति के महत्व को बताना है। इस गीत को दुनिया भर में मातृभाषा दिवस पर रिलीज किया जाएगा। गीत के बारे में नीतू चन्द्रा कहती हैं, मुझे इस पर गर्व है कि डिजिटल प्लेटफाॅर्म पर इस वीडियो को रिलीज कर के मुझे अपनी जड़ से जुड़ने का अवसर मिला है। मैं दुनिया को अपनी मातृभाषा भोजपुरी से रूबरू करना चाहती हूं, ताकि दुनिया भर के लोग इस भाषा की जीवंतता और समृद्ध संस्कृति के बारे में जान सके।
    भारत, अमरीका, संयुक्त अरब अमीरात, कनाडा, सिंगापुर, नीदर लैंड, आॅस्ट्रेलिया और ब्रिटेन सहित आठ देशों में इस गीत के लिए वीडियो शूट किया जा रहा है। ये उस गर्व को दर्शाता है, जो नीतू चन्द्रा को अपनी मातृभाषा भोजपुरी को ले कर है। नीतू चन्द्रा हमेशा अपनी मातृभाषा का समर्थन करने वाली अभिनेत्री के रूप में जानी जाती है। नीतू हमेशा बिहार और दुनिया के दूसरे हिस्सों में रहने वाले भोजपुरी भाषी लोगों को अपनी मातृभाषा पर गर्व महसूस करने की वजह देती है। डिजिटली इस गाने को रिलीज करने के बारे में नीतू का मानना है कि डिजिटलीकरण के कारण यह गीत दुनिया भर के दर्शकों के लिए सुलभ हो सकेगा और यही उनका मकसद भी है। § Read_More....

  • कुंती और परी के बीच है ऑफ-स्क्रीन बहुत ही प्यारा संबंध

    मनोरंजन, युवा जगत

    स्टार भारत की सबसे प्यारी माँ ‘क्या हाल मिस्टर पांचाल’ की कंचन गुप्ता उर्फ कुंती देवी ने अपने कन्हैया (मनिंदर सिंह) की परफेक्ट मईया होकर अपने दर्शकों के दिलों को जीत लिया है। वे केवल ऑन-स्क्रीन ही लोकप्रिय नहीं हैं बल्कि सेट पर भी उनके ढेरों प्रशंसक हैं। उनकी तारीफ उनके को-स्टार्स भी करते हैं, विशेष रूप से परी का किरदार निभा रहीं ओजस्वी आरोड़ा। ओजस्वी को उनकी ऑन-स्क्रीन माँ बहुत प्यार करती हैं। कुंती (कंचन गुप्ता) और परी (ओजस्वी अरोड़ा) के बीच बहुत प्यारा संबंध है। कुंती सेट पर परी की सभी समस्याओं का समाधान सुझाने वाली व्यक्ति हैं। कुंती ने हाल ही में परी द्वारा सोशल मीडिया पर शुरू की गई कॉमेडी वाइन्स में भी उनकी मदद की है।
    शो में परी की भूमिका निभा रहीं ओजस्वी आरोड़ा कहती हैं, ‘‘कंचन जी और मैं कुछ विशेष साझा करते हैं। मेरी माँ मुंबई में नहीं रहती हैं लेकिन कंचन जी के साथ समय बिताते हुए मुझे लगता है कि मैं घर पर ही हूँ। मैं उन्हें अपनी वंडर-वुमन कहती हूँ क्योंकि वे बहुत मजबूत और बहुत प्यारी महिला हैं। साथ में लंच करने से लेकर जरूरत पड़ने पर माँ की तरह गले लगने तक और डायलाग के रिहर्सल तक वह मेरे शूटिंग जीवन का एक अभिन्न हिस्सा बन गईं हैं। § Read_More....

  • सोनी सब के ‘तेनाली रामा’ में रामा को छोड़ना पड़ेगा विजयनगर

    मनोरंजन, युवा जगत

    दर्शकों का चहेता रामा हमेशा उन मुश्किल कामों को पूरा करने में सफल रहा है, जो उसे सौंपा गया। चाहे वह अपने दुश्मनों से जीतने की बात हो या फिर कोई कठिन मामला सुलझाने की। अब टेलीविजन के पसंदीदा रामा के लिये इस हफ्ते एक और मुश्किल चुनौती इंतजार कर रही है!
    आगामी एपिसोड में हम देखेंगे कि विजयनगर का रहने वाला एक व्यक्ति विश्वनाथ घोड़ागाड़ी चलाने वाले प्रसाद की शिकायत लेकर पहुंचता है। वह कहता है कि उसकी पत्नी को प्रसव के समय उसने मदद नहीं की, जिसकी वजह से बच्चे के जन्म में परेशानी आई। विश्वनाथ ने अपने जीवन की सारी जमापूंजी अपनी पत्नी के इलाज में लगा दिया। अब विश्वनाथ चाहता है कि प्रसाद वह सारा पैसा दे जो उसने खर्च किया है।
    रामा (कृष्ण भारद्वाज) प्रसाद को सलाह देता है कि उसे विश्वनाथ को पैसे दे देने चाहिये। लेकिन इससे पहले कि राजा कृष्णदेव राय (मानव गोहिल) अपना फैसला सुनाते, कालुरी नाम का एक व्यक्ति दरबार में पहुंचता है और साबित कर देता है कि रामा की सलाह गलत थी। इसकी जगह वह राजा कृष्णदेव राय को हर हफ्ते इस तरह के मामले सुलझाने के लिये परिवार दरबार लगाने का सुझाव देता है। राजा प्रभावित होते हैं और कालुरी को एक इनाम देते हैं। कालुरी, रामा को उसके बचपन के नाम से बुलाता है, इससे रामा को आश्चर्य होता है कि आखिर कालुरी (अभिषेक रावत) है कौन।
    राजा कृष्णदेव राय दोनों के बीच प्रतियोगिता की घोषणा करते हैं। वह एक परिवार दरबार लगाने का फैसला करते हैं। सभी मामले रामा और कालुरी के सामने रखे जायेंगे, जो भी बेहतर सलाह देगा, जीत उसकी होगी।
    पहले मामले में राजा कृष्णदेवराय, रामा और कालुरी दोनों की सलाह से सहमत होते हैं और वह दोनों के एक-एक बात को मान लेते हैं। एक दूसरा मामला वरूणमाला का आता है, जिसमें रामा एक अंक से आगे हो जाता है। अगले मामले में दो दंपती दरबार में एक बच्चे के साथ आते हैं। एक उसके जन्मदाता होते हैं और दूसरे उसे पालने वाले। राजा कृष्णदेवराय, कालुरी के तर्कों से सहमत होते हैं और यह घोषणा करते हैं कि बच्चे को अपने जन्मदाता के साथ ही रहना चाहिये। रामा यह अन्याय देखकर दरबार छोड़कर चला जाता है और विजयनगर के प्रमुख सलाहकार के पद से त्यागपत्र दे देता है।
    क्या रामा और उसका परिवार विजयनगर छोड़कर चले जायेंगे? क्या राजा कृष्णदेवराय कालुरी की ईष्र्या को देख पायेंगे? किस तरह रानी, रामा की मदद करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभायेगी? § Read_More....

  • रेखा भारद्वाज के म्यूजिक वीडियो में अभिनय करेंगी अभिनेत्री नीतू चंद्रा

    मनोरंजन, युवा जगत

    रेखाजी के साथ काम करना सपना सच होने जैसा है: नीतू चंद्रा
    मुंबईः जन सामना ब्यूरो। राहत फतेह अली खान की सुपर सल्सेसफुल रोमांटिक म्यूजिक वीडियो बंजारे में अभिनय करने के बाद, अभिनेत्री नीतू चंद्रा जल्द ही गायक रेखा भारद्वाज के म्यूजिक वीडियो में नजर आएंगी। इस म्यूजिक वीडियो को संगीतकार अनुपमा राग द्वारा कंपोज किया जाएगा। नीतू इस म्यूजिक वीडियो के लिए लास एंजेल्स में शूटिंग करेंगी।
    गायिका रेखा भारद्वाज के साथ काम करने के बारे में नीतू कहती हैं, रेखा जी हमेशा मेरी पसंदीदा गायकों में से एक रही हैं। उनके साथ काम करने का मेरा सपना रहा है। मैं इस अवसर को खोना नहीं चाहती थी। उन जैसी महान कलाकार के साथ काम करना मेरे लिए सौभाग्य की बात है। उनकी शैली मेरी ऑल टाइम फेवरिट रही है।
    यह पहली बार नहीं है कि दोनों एक साथ काम कर रहे हैं। नीतू और रेखा जी पहले भी थियेटर प्ले ‘उमराव जान’ के लिए मिल कर काम कर चुके हैं। इसमें नीतू ने उमराव जान का किरदार निभाया था और रेखा जी ने संगीत दिया था। § Read_More....

  • प्रेमियों के अनकहे दर्द को बयाँ करता लक्की राज की आवाज में ‘तुम बिन लागे न जिया’: राज महाजन

    मनोरंजन, युवा जगत

    दिल्ली पुलिस के इंस्पेक्टर का लिखा यह है पहला गीत
    प्रसिद्ध म्यूजिक लेबल मोक्ष म्यूजिक कंपनी ने रिलीज किया बहुप्रतीक्षित गाना “तुम बिन लागे न जिया”, जिसको अपनी रूहानियत भरी आवाज से मधुर बनाया गायक लक्की राज ने। जिस गहराई और दर्द से लक्की राज ने इसे गाया है। लक्की राज के गाये इस गाने को सुनकर वाकई में रोंगटे खड़े हो जाते हैं। बेहतरीन धुन से बंधा यह गाना प्रेमियों की तड़प और विरह को जाहिर करता है।
    इस बारे में लक्की राज ने बताया, ‘यह मेरा पहला गाना था तो जाहिर सी बात है कि मैं काफी नर्वस था। परन्तु, अब जब यह आप सब के सामने आ गया है, तो प्यार देखकर मैं काफी खुश हूँ। मैं राज महाजन सर का धन्यवाद करता हूँ, इतना सुन्दर गाना मुझे देने के लिए। जबसे इसे रिकाॅर्ड है तभी से हर जगह इसे ही गुनगुनाता रहता हूँ. तुम बिन लागे न जिया…करूँ कासे बतियाँ ओ पिया.’ मुझे चारों तरफ से शुभकामनायें मिल रही हैं।
    आपको बता दें कि लक्की राज को गाॅडफादर के तौर पर राज महाजन प्रमोट कर रहे हैं है। कुछ समय पहले लक्की ने मोक्ष म्यूजिक कंपनी के साथ 4 साल का काॅन्ट्रैक्ट साइन किया है। लक्की राज के नाम में ‘राज’ शीर्षक राज महाजन ने अपने नाम से दिया है और इस प्रकार लक्की को राज महाजन ने अपना नाम भी दिया है।
    इस गाने का सर्वश्रेष्ठ हिस्सा है इसके बोल, ‘तुम बिन लागे न जिया’ निकला है दिल्ली पुलिस के इंस्पेक्टर समीर श्रीवास्तव की कलम से। वैसे तो समीर लाजपत नगर थाने में एडिशनल एसएचओ हैं और लिखना उनका शौक है। इस बारे में उन्होंने बताया, ‘वैसे काम के चलते समय कम ही मिलता है। लेकिन लिखना मुझे काफी अच्छा लगता है। राज साहब मेरे काफी अच्छे मित्र हैं। एक दिन हम यूहीं साथ बैठे थे। राज अपने स्टूडियो में एक धुन गुनगुना रहे थे, और उन्होंने मुझे धुन पर लिखने को कहा। बस वहीं से शुरुआत हुई इस गाने की। देखा जाए तो यह मेरा भी पहला गाना है। मैं भी नर्वस हूँ।” § Read_More....

  • ब्रॉडवे ने किया ‘मुगल-ए-आजमः द म्यूजिकल’ को सम्मानित

    मनोरंजन, युवा जगत

    ⇒मुगल-ए-आजमः द म्यूजिकल’ सर्वश्रेष्ठ भारतीय नाटक घोषित
    ⇒अधिकांश ब्रॉडवे पुरस्कार डाला झोली में 14 ब्रॉडवे वर्ल्ड इंडिया अवार्ड्स में से 7 पुरस्कार जीते
    मुंबईः जन सामना ब्यूरो। अभी तक का भारत का सबसे बड़ा और असाधारण नाटक- मुगल-ए-आजमः द म्यूजिकल ने न केवल दर्शकों का प्यार और प्रशंसा हासिल किया है, बल्कि इसने प्रतिष्ठित ब्रॉडवे वर्ल्ड इंडिया अवार्ड्स 2017 जैसा शीर्ष सम्मान भी हासिल कर लिया है।
    ‘मुगल-ए-आजमः द म्यूजिकल’ ने सात पुरस्कार हासिल किए, जिसमें सर्वश्रेष्ठ प्ले (शापोर जी पालोन जी व एन.सी.पी.ए), फिरोज अब्बास खान को सर्वश्रेष्ठ निर्देशक, मयूरी उपाध्याय को सर्वश्रेष्ठ ओरिजिनल कोरियोग्राफी, मनीष मल्होत्रा को सर्वश्रेष्ठ ओरिजिनल कॉस्ट्यूम डिजाइन, बेस्ट एन्सेंबल कास्ट, बेस्ट ओरिजिनल लाइट डिजाइन के लिए डेविड लैंडर और नील पटेल को सर्वश्रेष्ठ ओरिजिनल सेट डिजाइन जैसे सात पुरस्कार शामिल है।
    निर्देशक फिरोज अब्बास खान कहते हैं, ‘मैं इन पुरस्कारों से अभिभूत हूं. यह उन असाधारण कलाकारों और टीम का ही कमाल है, जिन्होंने अपना सर्वश्रेष्ठ दिया ताकि दुनिया हमारी सबसे बेहतर प्रस्तुति का अनुभव कर सके। मुगल-ए-आजमरू द म्यूजिकल वास्तव में भारत का गर्व है. पूरी टीम की ओर से मैं इस सम्मान के लिए भारतीय दर्शकों और ब्रॉडवे वर्ल्ड को धन्यवाद देना चाहता हूं।’
    दीपेश साल्गिया (क्रिएटिव एंड स्ट्रैटेजिक विजनः मुगल-ए-आजम) कहते हैं, ‘आपके पहले थियेटर प्रोड्क्शन के लिए अंतरराष्ट्रीय सम्मान मिलना एक दुर्लभ उपलब्धि है। यह शापोर जी पालोन जी और पूरे मुगल-ए-आजम टीम के लिए गर्व का क्षण है। § Read_More....

..प्रकाशकः श्याम सिंह पंवार
कार्यालयः 804, वरुण विहार थाना-बर्रा जिला-कानपुर-27 (उ0 प्र0) भारत
सम्पर्क सूत्रः 09455970804
jansaamna@gmail.com ..

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