⇒उपमुख्यमंत्री ने मरीजों से मिलकर उनके स्वास्थ्य के बारे में ली जानकारी
⇒स्वास्थ्य केन्द्र में साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखा जाये, परिसर में कहीं न हो गंदगीः उपमुख्यमंत्री
⇒मरीजों को बेहतर से बेहतर चिकित्सीय सेवाएं प्रदान की जाएः ब्रजेश पाठक
पवन कुमार गुप्ताः रायबरेली। उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने जनपद रायबरेली के सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र बछरावां में अपना पर्चा बनवाकर जन स्वास्थ्य सुविधाओं व चिकित्सा कर्मियों की कार्यशैली का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में गंदगी मिलने पर नाराजगी व्यक्त करते हुए अधिकारियों को सामुदायिक केन्द्र पर साफ-सफाई कराने के निर्देश दिये। उन्होंने स्वास्थ्य केन्द्रों पर मरीजों एवं उनके तीमारदारों के लिए उपलब्ध पीने के पानी की व्यवस्था, पंजीकरण काउंटर एवं ओ0पी0डी0 का निरीक्षण किया। उन्होंने निरीक्षण के दौरान मरीजों से मिल कर उनके स्वास्थ्य के बारे में जानकारी ली।
JAN SAAMNA DESK
सुस्त पड़ी प्रदेश सरकार की योजना, पूरे तीर गंगा सेतु निर्माण की धीमी हुई चाल
⇒रायबरेली और फतेहपुर को जोड़ने वाले गंगा पुल के निर्धारित समय पर पूर्ण होने पर संशय
पवन कुमार गुप्ताः रायबरेली। फतेहपुर और रायबरेली जनपदों को नए सिरे से जोड़ने वाला बहु आयामी पूरे तीर गंगा पुल की रफ्तार अब सुस्त पड़ गई है। इस पुल का निर्माण पूरा होने की अवधि एक माह में समाप्त होने वाली है। किंतु अभी करीब छह माह का निर्माण बाकी हैै। जिसे पूर्ण करने में एक साल लगेगा। क्योंकि बरसात के कारण अभी इसमें और विलंब होने की संभावना है ।
पिछली योगी सरकार में खाद्य एवं रसद मंत्री रहे फतेहपुर के हुसैनगंज विधान सभा के विधायक रविंद प्रताप सिंह उर्फ धुन्नी सिंह के प्रयास से ऊंचाहार क्षेत्र के पूरे तीर पर पक्का गंगा पुल का निर्माण मार्च 2019 में शुरू हुआ था। इस पुल के निर्माण पूरा होने की अवधि 30 जून है। किंतु पुल में अभी काफी काम बाकी है। अभी तक पुल के सारे पिलर तैयार हो चुके है किंतु करीब सात बीम पड़नी शेष है। यही नहीं इन बीम के बाद उस पर छत डाली जाएगी। एक बीम डालने और उस पर छत डालने में करीब तीन महीना का समय लगेगा। उसके बाद पुल के दोनो ओर सड़क और रास्तों का निर्माण भी होना है। यदि रात दिन तीव्र गति से भी निर्माण प्रारंभ हो, तब भी करीब छह महीना पुल निर्माण में लगेगा। जिसके लिए करीब एक साल का समय सेतु निगम को चाहिए। क्योंकि जुलाई महीने से शुरू होने वाली बरसात के कारण निर्माण कार्य ठप हो जायेगा। इस प्रकार से प्रदेश सरकार की इस योजना को पूर्ण होने में अभी काफी समय लगने वाला है।
भेदभाव रहित सेवा करेगा स्नेहम सेवा संस्थान
लखनऊ। राजधानी में संस्थाओ के साथ कदम से कदम मिलाकर चलने का उद्देश्य लिए मातृदिवस के शुभ अवसर पर समाजसेवी संस्था स्नेहम् सेवा संस्थान का शुभारंभ लखनऊ के सुप्रसिद्ध हनुमान सेतु मंदिर में किया गया। पूजा अर्चना के बाद आसपास के निर्धन बंधुओ में तहरी वितरण किया गया।
संस्था के महासचिव कमलेश चंद्र वर्मा ने बताया कि संस्था को बनाने का मुख्य उद्देश्य वृद्धजनों की सेवा पर्यावरण संरक्षण, सांस्कृतिक कार्यक्रम, स्वास्थ शिविर, सामाजिक जागरूकता से जुड़े प्रत्येक कार्य शामिल है। इस मौके पर संस्था की संस्थापिका अनीता वर्मा ने बताया कि उनकी टीम निर्धन आय वर्ग को आत्मनिर्भर बनाने हेतु रोज़गारपरक प्रशिक्षण प्रदान करेगी।
करणी सेना भारत ने शरबत वितरित कर वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की जयंती मनाई
कानपुर। करणी सेना भारत ने महाराणा प्रताप की जंयती के उपलक्ष्य में जरीब चौकी स्थित महाराणा प्रताप की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर दीप प्रज्ज्वलित कर और साथ में शरबत वितरित किया। इस दौरान उन्होंने महाराणा प्रताप के जीवन के संघर्षों को याद किया। इस दौरान वहां उपस्थित लोगों ने सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों का पालन भी किया। वहीं करणी सेना भारत के मंडल अध्यक्ष दीपक सिंह ने कहा कि महाराणा प्रताप का जीवन अदम्य साहस, स्वाभिमान और राष्ट्रभक्ति जैसे गुणों से पल्लवित था। उनका जीवन संघर्ष और राष्ट्रप्रेम हर भारतीय को गौरव से भर देता है। ऐसे अतुल पराक्रमी महामानव की जयंती पर हम कोटि-कोटि प्रणाम करते हैं।
एनटीपीसी ऊंचाहार में एटक का सम्मेलन सम्पन्न
पवन कुमार गुप्ताः रायबरेली। एनटीपीसी ऊंचाहार में ऑल इंडिया एनटीपीसी वर्कर्स फेडरेशन वार्षिक सम्मेलन का आयोजन किया गया। एनटीपीसी की ओर से निदेशक (मानव संसाधन) दिलीप कुमार पटेल वीडियो कांफ्रेंसिंग के द्वारा जुड़े और सम्मेलन को संबोधित किया।
सम्मेलन का उद्घाटन ऑल इंडिया एनटीपीसी वर्कर्स फेडरेशन के कार्यवाहक अध्यक्ष का. पी के गांगुली ने किया और बैठक की अध्यक्षता ऑल इंडिया एनटीपीसी वर्कर्स फेडरेशन के महामंत्री एवं एनबीसी के केन्द्रीय नेता का. सदरुद्दीन राना ने की।
एनटीपीसी उत्तरी क्षेत्र मुख्यालय की ओर से महाप्रबंधक (मानव संसाधन) मिलन कुमार ने सम्मेलन को संबोधित किया जबकि मुख्य महाप्रबंधक अभय कुमार समैयार ने ऊंचाहार परियोजना की ओर से संबोधन दिया।
प्रथम पाली में फेडरेशन की बैठक हुई, जिसमें एनटीपीसी की विभिन्न परियोजनाओं से आए प्रतिनिधियों ने अपने-अपने विचार साझा करते हुए कर्मचारियों की वर्तमान समस्याओं को सेंट्रल लीडर के सामने रखा।
अनियंत्रित ट्रेलर ने दो को रौंदा, एक की मौत, दूसर घायल
कानपुरः अवनीश सिंह। सजेती क्षेत्र में एक अनियंत्रित ट्रेलर ने सड़क किनारे बने होटल में सो रहे दो सगे भाइयों को रौंदा, इनमें से एक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दूसरा गंभीर रूप से घायल है जिसका इलाज किया जा रहा है।
मिली जानकारी के अनुसार, थाना क्षेत्र के गुजेला गांव के रहने वाले सुमित सैनी और अमित सैनी रविवार को हाईवे स्थित अपने होटल में सो रहे थे, इस बीच कानपुर से हमीरपुर जा रहा एक ट्रेलर अनियंत्रित होकर होटल में घुस गया और सो रहे दोनों भाइयों को रौंदता नाले में जा घुसा। यह खबर जैसे ही परिजनों को मिली, कोहराम मच गया। दुर्घटना के शिकार हुए दोनों युवक सगे भाई हैं। वहीं घटना के बाद से ट्रेलर चालक मौके से फरार हो गया। क्षेत्रीय लोगों की सूचना पर परिजन और पुलिस मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव को बाहर निकलवाया और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। हादसे में गंभीर रूप से घायल अमित को प्राथमिक इलाज के लिए सीएचसी घाटमपुर में भर्ती करवाया गया।
एनटीपीसी के हर क्षेत्र में हिंदी भाषा के प्रयोग में हो रहा विस्तार
⇒यांत्रिकी के क्षेत्र में हिंदी को शीर्ष पर स्थापित कर राजभाषा मनीषी बनी वंदना चतुर्वेदी
पवन कुमार गुप्ताः रायबरेली। इंजीनियरिंग क्षेत्र में जहां हर कदम पर अंग्रेजी का एकछत्र राज हो, वहां पर हिंदी भाषा को स्थान दिलाना बड़ा मुश्किल कार्य था। किंतु एनटीपीसी की अतिरिक्त महाप्रबंधक वंदना चतुर्वेदी ने एनटीपीसी की ऊंचाहार में न सिर्फ हिंदी भाषा को स्थान दिलाया, अपितु राजभाषा को स्थापित करते हुए उसे बुलंदी प्रदान की है। उनके इस अदम्य कार्य के लिए उनको राजभाषा मनीषी पुरस्कार से नवाजा गया है।
हिंदी प्रेमियों के लिए वंदना चतुर्वेदी एक आदर्श और मिशाल के रूप में सामने आई है। हिंदी आज एनटीपीसी के विभिन्न कार्यालयों में पत्र व्यवहार , कार्यालय के सामान्य कामकाज, बोलचाल में प्रयोग की जा रही है। इसका श्रेय एनटीपीसी की मानव संसाधन प्रमुख वंदना चतुर्वेदी को जाता है। एनटीपीसी के राजभाषा विभाग में पूर्व में यहां तैनात रहे पवन मिश्र ने जो राह तय की थी ,उसे आज मंजिल मिल गई है।
गंगा के तट पर की गई सूर्य देव की आराधना और मां भागीरथी की उपासना
पवन कुमार गुप्ताः रायबरेली। ऊंचाहार के गोकर्ण ऋषि की तपस्थली गोकना घाट पर गंगा सप्तमी एवम भानु सप्तमी के शुभ अवसर पर मां गंगा का जन्मोत्सव श्रद्धा से मनाया गया। मां गंगा गोकर्ण जनकल्याण सेवा समिति की ओर से शनिवार की संध्या व रविवार की सुबह गंगा व भगवान सूर्यदेव का पूजन, आरती व दीपदान का आयोजन किया गया। जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने पतित पावनी गंगा में डुबकी लगाई और गंगा मइया का पूजन अर्चन कर कल्याण की कामना की। इस अवसर पर लोगों ने घाट पर साफ सफाई की और गंगा को स्वच्छ व निर्मल रखने के लिए संकल्प लिया। बाद में समिति की ओर से पर्यावरण संरक्षण के लिए वृक्षारोपण भी किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि भाजपा पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ के क्षेत्रीय मंत्री अभिलाष चंद कौशल ने गंगा आरती व दीपदान करके गंगा मां की पूजा अर्चना की। संस्था के सचिव पंडित जितेंद्र द्विवेदी ने पूजन कराया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि अभिलाष चंद्र कौशल ने कहा पतित पावनी मां गंगा हम सब की मां हैै, जीवनदायिनी है। करोडों लोगों की आस्था और जीविका का स्रोत है। हम सभी का कर्तव्य है कि मां गंगा को निर्मल एवं स्वच्छ बनाएं रखें। संस्था के सचिव पंडित जितेंद्र द्विवेदी ने कहा गंगा सप्तमी के दिन पतित पावनी मां गंगा का जन्म हुआ था।
एनटीपीसी ऊंचाहार की सबसे बड़ी यूनिट हुई बंद, घटेगा बिजली उत्पादन
पवन कुमार गुप्ताः रायबरेली। एनटीपीसी की ऊंचाहार परियोजना में 500 मेगावाट क्षमता की यूनिट में तकनीकी खराबी आ गई है। जिसके कारण इस यूनिट को बंद करना पड़ा है। इससे ऊंचाहार परियोजना में बिजली उत्पादन घटकर 840 मेगावाट रह गया है।
बिजली किल्लत और गर्मी के कारण बढ़ी हुई बिजली की मांग के बीच ऊंचाहार से बुरी खबर है । ऊंचाहार एनटीपीसी की परियोजना में 500 मेगावाट क्षमता की यूनिट नंबर छरू में तकनीकी खराबी आ गई है। इस यूनिट के ब्वायलर गैस ट्यूब पंचर हो गई थी। जिसमे गैस का रिसाव होने लगा था। धीरे धीरे रिसाव काफी बढ़ गया था। जिसके कारण शनिवार की रात करीब आठ बजे इस यूनिट को बंद करना पड़ा है। इसके अलावा एनटीपीसी में 210 मेगावाट क्षमता की यूनिट नंबर एक को पहले ही वार्षिक मरम्मत के लिए बंद किया गया था। इस प्रकार से एनटीपीसी ऊंचाहार में 710 मेगावाट का उत्पादन घटकर अब 840 मेगावाट रह गया है।
आखिर क्यों गहरा रहा है देश में बिजली का संकट?
भीषण गर्मी के बीच बिजली की तेजी से बढ़ती मांग के कारण देश के कई राज्यों में बिजली की कमी का संकट गहरा रहा है। बिजली की मांग बढ़ने के साथ ही थर्मल पावर प्लांटों में कोयले की खपत तेजी से बढ़ी है और इसी कारण कुछ राज्यों के बिजली संयंत्रों में कोयले का स्टॉक घट रहा है। दरअसल गर्मी के कारण कई बिजली कम्पनियों में बिजली की मांग में वृद्धि हुई है और जैसे-जैसे गर्मी बढ़ रही है, बिजली की मांग में भी उसी तेजी से वृद्धि हो रही है। कोरोना लॉकडाउन के बाद बड़ी मुश्किल से पटरी पर लौट रही औद्योगिक गतिविधियों के कारण उद्योगों में भी बिजली की खपत बढ़ी है, इससे भी बिजली की मांग बढ़ रही है लेकिन मांग के अनुरूप पावर प्लांटों में कोयले का स्टॉक नहीं है। कोयले की कमी के संकट को लेकर कोल इंडिया स्वीकार चुकी है कि गर्मी शुरू होने के साथ ही देश के बिजली संयंत्रों में कोयला भंडार नौ साल के न्यूनतम स्तर पर पहुंच गया था। हालांकि संघीय दिशा-निर्देशों के अनुसार बिजली संयंत्रों में कम से कम 24 दिनों का कोयला स्टॉक होना चाहिए।
आंकड़े देखें तो महाराष्ट्र में करीब 28 हजार मेगावाट बिजली की मांग है, जो गत वर्ष के मुकाबले 4 हजार मेगावाट ज्यादा है। उत्तर प्रदेश, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, बिहार, मध्य प्रदेश, झारखंड, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, तमिलनाडु, तेलंगाना इत्यादि राज्य भी इस समय कोयले की किल्लत से जूझ रहे हैं, जिस कारण कुछ राज्यों में कुछ पावर प्लांटों में तो बिजली उत्पादन ठप्प हो गया है तोे कुछ प्लांटों में बिजली उत्पादन अपेक्षाकृत कम हो पा रहा है। केन्द्रीय बिजली प्राधिकरण (सीईए) के मुताबिक देश में 173 बिजली संयंत्रों में से 155 गैर-पिथेड बिजली संयंत्र हैं, जहां पास में कोई कोयला खदान नहीं है और इनमें औसतन कोयले का करीब 28 फीसदी स्टॉक है जबकि कोयला खदानों के पास स्थित 18 पिथेड संयंत्रों का औसत स्टॉक सामान्य मांग का 81 फीसदी है। पिछले साल अक्तूबर माह में भी बिजली की मांग करीब एक फीसदी बढ़ जाने के कारण कोयला संकट के चलते बिजली संकट गहराया था और तब यह भी स्पष्ट हुआ था कि बिजली संयंत्रों को कोयले की वांछित आपूर्ति नही होने के अलावा कई नीतिगत खामियां भी बिजली संकट का प्रमुख कारण हैं।
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