Tuesday, June 16, 2026
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JAN SAAMNA DESK

अखिल भारतीय क्षत्रिय सभा भारत के पदाधिकारी घोषित किये गये

कानपुरः अखिलेश सिंह। अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा भारत की एक बैठक गजेन्द्र सिंह राजावत की अध्यक्षता में विश्व बैंक बर्रा स्थित एक स्कूल में आयोजित की गई। इस मौके पर प्रदेश महा सचिव यादवेन्द्र सिंह ने शिवबरन सिंह चौहान को जिलाध्यक्ष घोषित किया गया। समरजीत सिंह गौर व अतुल ठाकुर को जिला महामन्त्री घोषित किया गया। दीपक जौदान व हरीसिंह को उपाध्यक्ष और विक्रान्त चौहान को संगठन मन्त्री बनाया गया। इस मौके पर संगठन को मजबूत करने पर बल दिया गया।

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प्रेस की घटती आजादी

अभी हाल ही जारी किये गये प्रेस स्वतंत्रता सूचकांक पर अगर नजर डालें तो भारत में पत्रकारों की आजादी दिनोंदिन घटती जा रही है। जो कि किसी भी नजरिये देश की लोकतांत्रिक प्रणाली के लिये शुभ संकेत नहीं कहा जा सकता है। अनेक मामलों के दृष्टिगत ऐसा माना गया है कि भारत में पत्रकारों की आजादी लगातार घटती जा रही है और यहां उन्हें समाचार संकलन के दौरान कई बड़ों खतरों से गुजरना पड़ता है। यही कारण है मंगलवार को जारी किए गए रिपोर्टर्स विदाउट बॉर्डर्स के वार्षिक विश्लेषण के अनुसार भारत को विश्व प्रेस स्वतंत्रता सूचकांक-2022 में 180 देशों में से आठ स्थानों की गिरावट के साथ 150वां स्थान दिया गया है जबकि पिछले साल भारत को 142वां स्थान मिला था और उसे पत्रकारिता के लिए सबसे बुरे देशों में शामिल किया गया था। लेकिन वर्तमान में जो आंकड़ा सामने आया है वह बेहद विचारणीय और चिन्तनीय है। वहीं नार्वे की बात करें तो प्रेस की स्वतंत्रता में शीर्ष स्थान बरकरार रखा है। पत्रकारिता के लिहाज से यह देश सबसे सुरक्षित माना गया है। इसके बाद डेनमार्क को दूसरा, स्वीडन को तीसरा, इस्टोनिया को चौथा, फिनलैंड को पांचवां, आयरलैंड को छठा, पुर्तगाल को सातवां, कोस्टा रिका को आठवां, लुथियाना को नौवा और लिकटेंस्टाइन को दसवां स्थान दिया गया है। ऐसा माना जाता है कि इन देशों में पत्रकारिता करना बेहद आसान है। वहीं पत्रकारों के लिए सबसे खतरनाक देश उत्तरी कोरिया माना गया है और सूचकांक में इसे 180वां स्थान मिला है। इसके बाद पत्रकारों के लिए सबसे खतरनाक देशों में इरिट्रिया, ईरान, तुर्कमेनिस्तान, म्यांमार, चीन, वियतनाम, क्यूबा, इराक और फिर सीरिया का नंबर आता है। यहां पर स्वतंत्र पत्रकारिता करना बहुत मुश्किल व जोखिमभरा है।

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वैश्य एकता परिषद का 29 मई को प्रतापगढ़ में होगा राष्ट्रीय अधिवेशन

– जनपद से काफी संख्या में पहुंचेंगे पदाधिकारी, बैठक में बनी रणनीति
फतेहपुर। अखिल भारतीय वैश्य एकता परिषद की बैठक एक लॉज में संपन्न हुई। बैठक की अध्यक्षता करते हुए परिषद के जिलाध्यक्ष अरुण जायसवाल ने कहा कि आगामी 29 मई को प्रतापगढ़ में परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ0 सुमंत गुप्ता के सानिध्य में राष्ट्रीय अधिवेशन आयोजित किया गया है जिसमें जनपद से भी काफी संख्या में पदाधिकारियों की सहभागिता होगी।
बैठक में मुख्य अतिथि के रुप राष्ट्रीय महासचिव विनोद कुमार गुप्त ने कहा कि प्रतापगढ़ के अधिवेशन में राष्ट्रीय एवं प्रदेश कार्यकारिणी के मध्य काफी अहम निर्णय लिए जाएंगे जिससे संगठन को और प्रभावी बनाया जा सके।
प्रदेश उपाध्यक्ष नरेंद्र गुप्त ने कहा कि जनपद से ज्यादा से ज्यादा संख्या में लोग पहुंचें उसके लिए जिला इकाई अभी से सक्रिय हो जाए तथा जनपद का एक बार भ्रमण कर लोगों को राष्ट्रीय अधिवेशन में उपस्थित होने के लिए जागरूक करें।

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शॉर्ट सर्किट से केमिकल गोदाम में लगी आग से दहशत में दिखे पड़ोसी

कानपुरः अवनीश सिंह। बर्रा थाना क्षेत्र के जरौली फेस 2 में घनी आबादी के बीच शॉर्ट सर्किट से केमिकल गोदाम में आग लगने से क्षेत्रीय लोग दहशत में आ गये। सूचना पर पहुंची फायर बिग्रेड ने अपने प्रयास से आग पर काबू पा लिया।
मामला बर्रा थाना क्षेत्र जरौली नाला रोड का है। यहां पर सरकारी संपवेल के बगल में बर्रा विश्व बैंक निवासी राजू कटियार के प्लॉट में विजय ट्रेडर्स ने केमिकल गोदाम बना रखा है। आज शुक्रवार दोपहर करीब दो बजे शॉर्ट सर्किट से गोदाम में रखे केमिकल के ड्रमों में आग लग गई। थोड़ी हो देर में एक एक करके ड्रम धमाकों के साथ फटने लगे। आग की लपटें बहुत तेज थी। धमाकों की आवाजें सुनकर क्षेत्र में हड़कंप मच गया। आस पास के घरों में रहने वाले लोग सुरक्षित स्थानों की तरफ निकल गए। ड्रमों में आग लगने की वजह से बगल में बने सरकारी संपवेल के ऑपरेटर की झोपड़ी में आग लग गई। गनीमत यह रही दुर्घटना के समय संपवेल ऑपरेटर का परिवार झोपड़ी में नहीं था। झोपड़ी आग में जलकर खाक हो गई। गोदाम में मौजूद कर्मचारी मौके पर से भाग गए।
क्षेत्रीय लोगों की सूचना पर फायर ब्रिगेड की तीन गाडियां मौके पर पहुंची। करीब एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस भी मौके पर पहुंची। केमिकल गोदाम के आसपास के हिस्से से लोगों को दूर किया गया। घटना में किसी के घायल या हताहत होने की खबर नहीं है। इतनी बड़ी घटना हो जाने के बावजूद न तो प्लॉट मालिक और न ही गोदाम मालिक घटनास्थल पर आया। इस बात को लेकर क्षेत्रीय लोगों में काफी आक्रोश देखने को मिला।

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मरीजों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने वालों पर होगी कड़ी कार्यवाईः जिलाधिकारी

कानपुर। स्वास्थ्य कर्मचारी पूरी निष्ठा व ईमानदारी से अपने दायित्वों का निर्वहन करें। आने वाले मरीजों का इलाज हो यह सुनिश्चित किया जाए। लोगों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वाले डॉक्टर, स्टॉफ नर्स, वार्ड बॉय किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा। लापरवाही करने करने वालों के खिलाफ कठोरतम कार्यवाही अमल में लाई जाएगी। यह जानकारी दी गई कि सोशल मीडिया में वायरल वीडियो का संज्ञान लेते हुए जिलाधिकारी द्वारा उक्त प्रकरण की जांच कराने हेतु टीम का गठन किया गया। उर्सला में लगे टीम द्वारा सीसीटीवी फुटेज की जांच की गई लापरवाही करने वालो के खिलाफ एक्शन लिया गया। जांच के बाद दो वार्डबॉय को निलंबन किया गया तथा दो डॉक्टरों और दो फार्मासिस्ट के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए महानिदेशक स्वास्थ्य को पत्र भेजा गया। ड्यूटी पर उपस्थित डॉक्टर के0 एन0 कटियार, डॉ0 प्रवीण कुमार सक्सेना के विरु( महानिदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य को अनुशासनात्मक कार्यवाही किए जाने के संबंध में पत्र भेजा गया। साथ ही फार्मासिस्ट सत्येंद्र सिंह, संजय यादव के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्यवाही किए जाने हेतु महानिदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य को पत्र भेजा गया । चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी (वार्ड बॉय ) धीरेंद्र धर, श्यामसुंदर तिवारी को निलंबित किया गया।
उर्सला अस्पताल के वायरल वीडियो का तत्काल संज्ञान लेते हुए जिलाधिकारी नेहा शर्मा द्वारा उक्त प्रकरण के संबंध में टीम गठित कर जांच कराई गई।

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स्थापना दिवस पर संगोष्ठी का आयोजन कर चीनी वस्तुओं के बहिष्कार पर दिया जोर

कानपुरः अवनीश सिंह। भारत तिब्बत सहयोग मंच के 23 वें स्थापना दिवस के पावन पर्व पर राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ कानपुर प्रांत के द्वारा आज नौबस्ता स्थित एक वेंक्वेट हॉल में एक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। जिसमें मुख्य अतिथि के रुप में भारत तिब्बत सहयोग मंच पूर्वी उत्तर प्रदेश के क्षेत्र संयोजक मनोज श्रीवास्तव उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन कानपुर प्रांत महामंत्री हरीओम भदौरिया ने किया। क्षेत्र संयोजक मनोज श्रीवास्तव ने भारत तिब्बत सहयोग मंच के कार्यों का उल्लेख करते हुए बताया कि इस मंच का उद्देश्य तिब्बत की आजादी एवम् कैलाश मानसरोवर को चीन के कब्जे से मुक्त कराना एवम् चीनी उत्पादों का बहिष्कार कर स्वदेशी उत्पादों की खरीद पर जोर देना है।

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बर्रा क्षेत्र के जरौली में अतिक्रमण पर चला बुल्डोजर

⇒ध्वस्तीकरण अभियान में दिखा भेदभावपूर्ण रवैया
कानपुरः अवनीश सिंह। नगर निगम ज़ोन 3 द्वारा जरौली नाला रोड के किनारे अवैध कब्जों पर अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया गया। इस दौरान कई पक्के व कच्चे निर्माण तोड़े गए। भारी संख्या में सुरक्षा बलों की मौजूदगी में ध्वस्तीकरण अभियान चलाया गया।
हालांकि इस दौरान भेदभावपूर्ण रवैया देखने को मिला क्योंकि कुछ तोड़े गए तो कुछ अधिकारियों की मेहरबानी से बचा दिए गए।
अब ऐसे में सवाल यह उठता है कि आखिर जब सरकार का आदेश है तो आदेश का पालन करने में दोहरा मापदंड क्यों ? या तो सभी कब्जे गिराए जाने चाहिए या फिर सभी को समय देना चाहिए, गरीबों के कच्चे निर्माण तोड़े गए जबकि पक्के निर्माणों पर दयादृष्टी दिखाई गई। यह सरकारी मशीनरी की कार्यशैली पर प्रश्न उठाता है।

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बाबा, बुलडोजर और वो… 

⇒चिंतन: बुलडोजर बाबा की रफ़्तार रोकने में रोड़ा बनेगा राजस्व विभाग 
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की बार – बार अधिकारियों को नसीहत व बुल्डोजर बाबा का सक्रियता से अपराधियों व बाहुबलियों पर बुलडोजर का चलाना एक अच्छी पहल व कर्मठता सिद्ध करता है लेकिन राजस्व कर्मियों का रोड़ा बनना कहीं न कहीं बाबा की कार्ययोजना पर पानी सा फेरना भी समझ आता है। साफ जाहिर है कि प्रत्येक तहसील प्रशासन व क्षेत्रीय लेखपाल से लेकर कानूनगो व कानूनगो से लेकर तहसीलदार एवं तहसीलदार से लेकर उपजिलाधिकारी तक सभी को पता है कि किस क्षेत्र में किस – किस सरकारी जमीन पर किस – किस बाहुबली या सामान्य व्यक्ति ने सरकारी जमीन पर अवैध कब्ज़ा कर रखा है लेकिन इतना सब जानकारी होने के बाद भी स्वतः संज्ञान लेकर कार्यवाही न किया जाना आखिकार किसका दोष है? वैसे हिस्ट्रीशीटर व हाई प्रोफाइल दोषियों पर प्रत्यक्ष रूप से मुख्यमंत्री के निर्देश पर जिलाधिकारी के माध्यम से बुलडोजर चलना कोई बड़ी बात नहीं, बड़ी बात तो तब होगी जब तहसील स्तर पर प्रशासनिक अमले द्वारा बिना भेदभाव व बिना लेनदेन सरकारी संपत्ति को अतिक्रमणकारियों से मुक्त कराया जाए। प्रत्येक तहसील स्तर पर सरकारी भूमि में बंजर, ऊसर, नवीन परती, गौचर, आबादी, ग्राम समाज, तालाब, वन विभाग सहित अन्य मदों की जमीन का होना स्वाभाविक व आम बात है और इस प्रकार की आरक्षित भूमियों पर कहीं न कहीं और किसी न किसी का कब्जा होना भी स्वाभाविक है लेकिन लेखपाल स्तर से कानूनगो स्तर तक या इससे भी ऊपर के स्तर कर खाऊ कमाऊ नीति के चलते लेनदेन कर प्रशासन द्वारा अतिक्रमणकारियों को वरदान देना भी आम बात है।

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मजदूर भी इंसान है

क्या एक दिन पर्याप्त होगा किसीकी मेहनत और पसीने की कीमत चुकाने के लिए? नहीं पर साल में एक दिन सम्मानित करने से मजदूरों को हिम्मत और हौसला जरूर मिलता है। लगता है की हाँ हम भी इंसान है हमारे काम को भी सराहना मिल रही है।
1 मई को मनाए जाने वाले मजदूर दिवस की शुरुआत तब हुई जब पहली बार संयुक्त राज्य अमेरिका में लोगों ने काम की अवधि को अधिकतम 8 घंटे प्रति दिन निर्धारित करने के लिए हड़ताल शुरू की थी। जिसके बाद 4 मई को शिकागो के हैमार्केट स्क्वायर में एक बम विस्फोट हुआ, जिसमें कई लोगों की मौत हो गई और कई अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।।अखिल राष्ट्रीय संगठन ने इस घटना में मरने वालों की स्मृति में 1 मई को अंतर्राष्ट्रीय श्रम दिवस मनाने और पूरे विश्व में श्रम कल्याण को बढ़ावा देने के लिए की थी।
दुन्यवी हर शै में मजदूर के पसीने की उर्जा बसी है, मजदूर के लोखंडी जिस्म की तनतोड़ मेहनत से रचा बसा है हमारा संसार। सोचो मजदूर नहीं होते तो हम कितने बेबस होते। घर के निर्माण से लेकर घरकाम तक हम निर्भर होते है। पर क्या हमने कभी सोचा है मजदूर की निज़ी ज़िंदगी के बारे में मेहनत के बदले में कितनी कम मजदूरी मिलती है, मुश्किल से परिवार निर्वाह चलता है। बड़े लोगों को साहिब क्यूँ फ़र्क पडेगा आज कौन सी तारीख़ है, मज़दूर तलबगार होते है पहली तारीख़ के। मनाते है बड़े लोग जब मन चाहे जश्न लूटाकर लाखों रुपये मजदूर की पहली तारीख को मनती है होली, दीवाली।
कब सुबह करवट बदलकर ढ़ल जाती है रात में मज़दूर को कहाँ फुर्सत अपनी पूजा काम से, तन-मन से वो वफ़ादार है अपने मालिक भगवान से।

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सी आई एस एफ की मौजूदगी और सुरक्षा उपकरणों के साथ झाड़ियों में आग बुझाने का हुआ रिहर्सल

पवन कुमार गुप्ता: ऊंचाहार, रायबरेली। एनटीपीसी की ऊंचाहार परियोजना में शुक्रवार की दोपहर बाद उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब सीआईएसफ की स्थानीय यूनिट ने परियोजना संयंत्र क्षेत्र में अग्नि सुरक्षा को लेकर रिहर्सल शुरू किया। शुक्रवार की दोपहर बाद सीआईएसफ की अग्नि शमन यूनिट ने परियोजना के छठवीं इकाई के पास झाड़ियों में आग बुझाने का रिहर्सल शुरू किया। इस दौरान वहां पर पर दमकल की गाडियां लगाकर चारो तरफ से पानी की बौछार की जा रही थी। मौके पर बड़ी संख्या में अधिकारी व अग्निशमन कर्मचारी भी मौजूद रहे। इतनी भीड़ और दमकल वाहन द्वारा रिहर्सल को देखकर अन्य कर्मचारियों व श्रमिकों में भ्रम पैदा हुआ और उन्हें लगा कि परियोजना संयंत्र क्षेत्र में आग लग गई है। आग की सूचना पर पूरे संयंत्र क्षेत्र में अफरा तफरी मच गई। इस दौरान रिहर्सल का वीडियो भी वायरल हुआ। जिसको लेकर आसपास के क्षेत्र में भी भ्रम फैला।

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