आॅइली स्किन का मतलब है आपकी स्किन में लिपिड लेवल यानि वसा की मात्रा ज्यादा होना। आपकी स्किन किस टाइप की है, यह तीन फैक्टर पर निर्भर होता है- पानी, लिपिड लेवल और संवेदनशीलता। आॅइली स्किन अकसर हार्मोनल बदलाव की वजह से होती है, इसका सम्बन्ध लाइफस्टाइल से भी है। आॅइली स्किन चमकदार, मोटी और बेजान होती है। इस तरह की स्किन वाले पुरुष और महिलाओं की आंख के नीचे काले धब्बे आने का खतरा रहता है। आॅइली स्किन में पोर्स यानि त्वचा में पाए जाने वाले छिद्र बड़े-बड़े होते हैं और सैबेकियस ग्लैंड ज्यादा सक्रिय होते हैं। नतीजा ऐसी स्किन आॅइली हो जाती है।
आॅइली स्किन होने का कारणः
माहवारी के दौरान हार्मोनल बदलाव (Hormonal changes during menstruation)
हर महीने मासिक धर्म के दौरान महिलाओं के शरीर में हुए हार्मोनल बदलाव से तैलीय ग्रंथि ज्यादा सक्रिय हो जाती है। इस दौरान निकले एंड्रोजेन हार्मोन की वजह से त्वचा में ज्यादा मात्रा में तेल निकलने लगता है, जिससे त्वचा के छिद्र भी बंद हो जाते हैं।
तनाव से भी बढ़ती है आॅइली स्किन की समस्या
टेंशन ज्यादा लेने से हार्मोनल संतुलन बिगड़ता है। एक शोध के अनुसार तनाव के दौरान शरीर से काॅर्टिसोल हार्मोन का रिसाव होता है जिस वजह से त्वचा तैलीय हो जाती है।
आनुवांशिकता भी है वजह
आॅइली स्किन का सम्बन्ध जीन से भी है। अगर आपके माता-पिता की स्किन आॅइली है तो संभव है आपकी स्किन भी आॅइली होगी क्योंकि ऐसा देखा गया है कि जिन लोगों की स्किन में सैबेकियस ग्लैंड सक्रिय रहती है, उनके बच्चों की त्वचा में भी ये ग्रंथि ज्यादा सक्रिय रहती है।
JAN SAAMNA DESK
मोमबत्ती जलाकर शहीदों को दी श्रद्धांजलि
जन सामना ब्यूरो, कानपुर। बिगत दिनों छत्तीसगढ़ में नक्सलियों द्वारा किए गए हमले में शहीद हुए जवानों को जय भारत मंच द्वारा मोमबत्ती जलाकर श्रद्धांजली दी गयी। भारत मंच के कार्यकर्ताओं ने चौ. राम गोपाल चौराहा बर्रा-8 में एकत्र होकर शहीदों को याद कर हमले की निन्दा की। कार्यक्रम का संयोजन जय भारत मंच के जिला अध्यक्ष रूपेन्द्र चौहान एवं राष्ट्रीय सचिव संकेत कुमार ने किया।
इस मौके पर प्रमुख रूप से रुपेन्द्र चौहान, सागर चौहान, मयंक त्रिपाठी, नितिन पाल, अन्शुमान सिंह, आकाश तिवारी, संकेत बाजपेयी एवं वरिष्ठ नागरिक उपस्थित रहे।
पृथ्वी का बदलता स्वरूप
भारत देश ही नहीं अपितु सम्पूर्ण विश्व, पृथ्वी और उसके पर्यावरण की सुरक्षा हेतु विचाररत है, इसी लिए संकल्पबद्ध होकर पिछले 47 सालों से निरन्तर 22 अप्रैल को पृथ्वी दिवस मनाता चला आ रहा है। यह स्मरण रहे कि वर्ष 1970 में पहली बार पूरी दुनिया ने पृथ्वी दिवस का शुभारम्भ एक अमेरिकी सीनेटर जेराल्ड नेल्सन के पर्यावरण संरक्षण के लिये किये गए प्रयासों को समर्थन देने के उद्देश्य से किया था। तब से जैसे यह एक विश्व परम्परा बन गई है और पृथ्वी दिवस ने हर देश के एक वार्षिक आयोजन का रूप ले लिया है। पर्यावरण की रक्षा के लिये भारत सहित कई देशों में कानून भी बनाए गए हैं, जिससे विभिन्न पर्यावरणीय असन्तुलनों पर काबू पाया जा सके। लेकिन पर्यावरण में प्रदूषण की स्थिति किसी से छुपी नहीं है। क्योंकि पृथ्वी दिवस के सफल आयोजनों के बावजूद भी विश्व के औसत तामपान में हुई 1.5 डिग्री की वृद्धि, औद्योगिक उत्पादन के बढ़ने और अन्धाधुन्ध विकास कार्यों और पेट्रोल, डीजल तथा गैसों के अधिक इस्तेमाल के कारण काॅर्बन उत्सर्जन की बढ़ोत्तरी, ग्लेशियरों के पिघलाव और असन्तुलित भयंकर बाढ़ों और प्राकृतिक आपदाओं की बढ़ती घटनाओं ने पृथ्वी का स्वरूप ही बदल दिया है। इससे लगता है कि पर्यावरण का सन्तुलन बिगड़ रहा है और यह विकराल रूप ले सकता है।
….नहीं रहे विनोद खन्ना
मुंबई, जन सामना ब्यूरो। फिल्म अभिनेता और सांसद विनोद खन्ना का गुरूवार सुबह अस्पताल में निधन हो गया। श्री खन्ना कैंसर रोग से ग्रसित थे। वह 70 साल के थे। श्री खन्ना के भाई प्रमोद खन्ना के मुताबिक, उनका निधन पूर्वाह्न 11:20 बजे हो गया। विनोद खन्ना को शरीर में पानी की कमी के चलते 31 मार्च को सर एचएन रिलायंस फाउंडेशन अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
उनके परिवार में पत्नी कविता खन्ना और चार संतानें राहुल, अक्षय, साक्षी और श्रद्धा हैं। विनोद खन्ना के दो बेटे राहुल और अक्षय भी अभिनेता हैं और वे उनकी पहली पत्नी गीतांजलि के पुत्र हैं। हिंदी फिल्म जगत में अभिनेता विनोद खन्ना ने वर्ष 1968 में ‘मन का मीत’ फिल्म के साथ अभिनय की दुनिया में कदम रखा था। 70 और 80 के दशक में ‘मेरा गांव मेरा देश’, ‘रेशमा और शेरा’, ‘ऐलान’, ‘अमर अकबर एंथनी’, ‘हेरा फेरी’, ‘कुर्बानी’, ‘दयावान’ और ‘जुर्म’ जैसी फिल्मों में उनकी भूमिकाएं यादगार बन गयीं। अस्सी के दशक में ‘इंसाफ’ तथा ‘सत्यमेव जयते’ जैसी फिल्मों से सफलता हासिल की। अंतिम बार वह वर्ष 2015 में शाहरूख खान अभिनीत ‘दिलवाले’ में नजर आए थे।
विनोद सक्रिय राजनीति में भी रहे और पंजाब के गुरदासपुर से वर्तमान लोकसभा सदस्य थे। वह चार बार यहां से सांसद चुने गये। उनके निधन पर शोक प्रकट करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि विनोद खन्ना को मशहूर अभिनेता, समर्पित नेता और अच्छे इंसान के रूप में याद रखा जाएगा।
सनस्क्रीन की कहानी शालिनी की जुबानी
गर्मियां शुरू होते ही मीडिया वर्ल्ड सनस्क्रीन के विज्ञापनों से पट जाते हैं। इन विज्ञापनों में ऐसा बताया जाता हैं कि हम सभी को लगता है कि अगर इसे इस्तेमाल किए बिना बाहर निकल गए, तो त्वचा की खराब कर ही वापस आना है, क्योंकि इस तरह की चेतावनी आम है कि जब भी कोई तेज धूप के सीधे संपर्क में आता है, तो गर्मी लगने के साथ-साथ त्वचा के बर्न होने, रंग सांवला होने, चेहरे पर झुर्रियां आने और यहां तक कि सूर्य की अल्ट्रावायलेट किरणों के असर से त्वचा का कैंसर तक होने का डर रहता है। तेज गर्मी में त्वचा को सूर्य की अल्ट्रावायलेट किरणों से बचाने में सनस्क्रीन बड़ी फायदेमंद होती है, लेकिन इसका इस्तेमाल जरूरत के हिसाब से सोच-समझकर ही करना चाहिए। वैसे, बाजार में सनस्क्रीन भरी पड़ी है क्या आपको ये सन प्रोटेक्शन देगी जिससे आप तेज धूप से अपनी त्वचा का बचाव कर सकते हैं। पूरी जानकारी दे रही हैं जन सामना की ब्यूटी एडवाइजर व सी डब्लू सी ब्यूटी एन मेकअप स्टूडियो की सेलिब्रिटी शालिनी योगेन्द्र गुप्ता ।
क्या है एसपीएफ –एसपीएफ सूर्य की किरणों से बचाव का एक मानक शब्द है। यह एक रेटिंग फैक्टर है जो बताता है कि कोई सनस्क्रीन या सनब्लाॅक आपको किस स्तर तक बचाव देता है। एसपीएफ रेटिंग का आधार सुरक्षित त्वचा पर सूरज की किरणों का असर होने में लगने वाले समय और बिना प्रोटेक्शन वाली त्वचा पर सूर्य की किरणों के असर में लगने वाले समय की तुलना है। उदाहरण के तौर पर अगर किसी को एक घंटा धूप में रहने से सनबर्न होता है तो एसपीएफ 15 उसे 15 घंटे धूप में रहने की आजादी देगा, मतलब सनबर्न होने में 15 गुना ज्यादा समय लगेगा। मगर ऐसा तभी हो सकता है जब इन पूरे 15 घंटों में धूप का असर एक सा हो, जो कि संभव नहीं है। मसलन सुबह के समय धूप का असर कम होता है और दोपहर में काफी ज्यादा।
मुख्यमंत्री योगी ने जनता की समस्याएं सुनीं
लखनऊ, जन सामना ब्यूरो। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ ने प्रतिदिन की भांति आज भी अपने सरकारी आवास पर बड़ी संख्या मंे आए लोगों की समस्याएं सुनीं। उन्होंने अधिकारियों को फरियादियों के प्रार्थना पत्रों पर शीघ्रता से कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
इस मौके पर एटा से आए लाखन सिंह ने अपने पुत्र की हत्या के मामले में दोषियों को सजा दिलाने के सम्बन्ध में मुख्यमंत्री से सहायता का अनुरोध किया। बाराबंकी से आयीं सुश्री रजिया ने अपनी पुत्री के लिए शादी अनुदान दिए जाने का निवेदन किया। बहराइच से आए प्रमोद सिंह ने इलाज के लिए आर्थिक मदद मांगी। मुख्यमंत्री ने सभी मामलों में त्वरित कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
आज के कार्यक्रम में प्राप्त प्रार्थना पत्रों में लोगों ने आर्थिक सहायता, आवास आवंटन, पेयजल, अवैध कब्जे, पेंशन, राजस्व, भू-अभिलेखों में अनियमितता, शादी अनुदान, फर्जी मुकदमे, नौकरी, इलाज आदि से सम्बन्धित समस्याओं का उल्लेख किया।
सी.एल.टी.एस की पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला सम्पन्न
अक्टूबर माह तक जनपद को पूरी तरह से ओडीएफ करना है यही प्रशिक्षण व कार्यशाला का उद्देश्य: विवेक गंगवार
कानपुर देहात, जन सामना ब्यूरो। प्रभारी जिलाधिकारी/सीडीओ केके गुप्ता ने समुदाय संचालित सम्पूर्ण स्वच्छता कार्यक्रम के सफल क्रियान्वयन हेतु सभी आवश्यक कार्यवाईयां पूरी करने के उद्देश्य से अकबरपुर भुगनियांपुर स्थित पीसीएसबी मेमोरिएल कालेज में पांच दिन से चल रहे समुदाय संचालित सम्पूर्ण स्वच्छता (सी.एल.टी.एस.) के अन्तर्गत प्रशिक्षण ले रहे 200 से अधिक प्रशिक्षणार्थियों का आवाहन करते हुए कहा कि प्रशिक्षण में बतायी गयी जानकारियों को ठीक से अमल में लाकर जनपद के सभी विकास खंडों में जहां पर ड्यूटी लगायी गयी है। जिसमें ट्रिगनर, सफाई कर्मचारी, रोजगार सेवक, शिक्षा प्रेरक, पांच पांड़व के भांति लगाये गये है। जिनका काम अपने क्षेत्र में जाकर आमजन को खुले में शौच नहीं करने के लिए प्रेरित करें तथा प्रत्येक दशा में अक्टूबर माह तक जनपद को पूरी तरह से ओडीएफ कराने में सहयोग करें। प्रशिक्षणार्थी पूरे मनोयोग के साथ प्रषिक्षण में दी जा रही जानकारियों व तौर तरीकों को आत्मसात करें तथा फील्ड में जाकर लोगों को प्रेरित कर ओडीएफ के प्रति जागरूक करें।
बैसाखी पार्टी का किया आयोजन
कानपुर, स्वप्निल तिवारी। आज इनर व्हील क्लब ऑफ ब्रहमावर्त संस्था द्वारा क्लब के लिए बैसाखी पार्टी का आयोजन दि ब्रिज होटल में किया गया। इस मौके पर सदस्यों ने रंगारंग कार्यक्रम गेम्स, डांसिंग और पंजाबी व्यंजनों का स्वाद भी चखा। बैसाखी पार्टी में मुख्यरूप से टिंवकल भाटिया, पिंकी गुप्ता, सिम्मी ओबेरॉय, माला सिंह, सीमा सक्सेना, संगीता अग्रवाल आदि मौजूद रहीं।
गर्मी और लू से बचाव के लिए जरूरी कदम उठाने के निर्देश
गर्मी में संक्रामक रोग व लू आदि से बचने के लिए सभी जीवन रक्षक दवाओं की उपलब्धता की व्यवस्था रखें सुदृढ़: प्रभारी डी0एम0
कानपुर देहात, जन सामना ब्यूरो। प्रभारी डीएम केके गुप्ता ने निर्देश दिये कि एमओआईसी समुचित चिकित्सीय स्टाफ/एसडीएम, तहसीलदार को निर्देश दिये है कि वे गर्मी और लू से बचाव के लिए जरूरी कदम उठाये। हीट वेव (लू) के कारण शरीर की कार्य-प्रणाली प्रभावित हो जाती है जिससे मृत्यु भी हो सकती है। इसलिए इससे बचाव बहुत ही जरूरी है। थोड़ी सी सावधानी को अपनाकर इससे बचाव किया जा सकता है। मुख्य विकास अधिकारी केके गुप्ता ने कहा कि इसलिए आम आदमी को बताया जाये कि लू और गर्मी से बचने के लिए क्या करें और क्या न करें की पूरी जानकारी दे। अस्पताल के बाहर, सार्वजनिक स्थानों पर पंपलेट, पोस्टर आदि लगा दे। लोगों को नसीहत दे कि वे अधिक से अधिक पानी पीयें, पसीना सोखने वाले पतले व हल्के रंग के वस्त्र ही पहने, धूप में जाने से बचे यदि धूप में जाना जरूरी हो तो चश्में, छाते, टोपी व चप्पल आदि को प्रयोग करे, यदि आप खुले में कार्य करते है तो सिर, चेहरा, हाथ-पैरों को गीले कपड़े से ढके रहें और यदि संभव हो तो छाते का उपयोग करें, यात्रा करते समय अपने साथ पर्याप्त मात्रा में पीने का स्वच्छ पानी रखें, ओआरएस, घर में बने हुए पेय पदार्थ जैसे- लस्सी, चावल का पानी(मांड), नीबू-पानी, छाछ आदि का उपयोग करे
चलती ट्रेन से युवक ने लगायी छलांग, मौत
सिकन्द्राराऊ, जन सामना ब्यूरो। कासगंज से मथुरा जा रही सुपरफास्ट ट्रेन के यहां स्टेशन पर नहीं रूकने पर एक युवक ने चलती ट्रेन से छलांग लगा दी जिससे उसकी दर्दनाक मौत हो गई। मौके पर लोगों की भारी भीड लग गई।
आज शाम कासगंज से मथुरा जा रही एक सुपरफास्ट ट्रेन में सवार करीब 20 वर्षीय एक युवक ने सिकन्द्राराऊ रेलवे स्टेशन पर ट्रेन के न रूकने पर ट्रेन के स्टेशन पार करते ही उक्त युवक ने चलती ट्रेन में से एटा रोड स्थित फाटक संख्या 279 पर छलांग लगा दी जिससे युवक की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। घटनास्थल पर लोगों की भारी भीड लग गई और सूचना पर पुलिस भी पहुंच गई तथा मृतक की शिनाख्त जाहुल पुत्र शकील उर्फ पप्पू निवासी मौहल्ला नौरंगाबाद पश्चिमी के रूप में की गई है।
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