कोरोना त्रासदी ने तो जीवन के माईने ही बदल दिए। लॉकडाउन ने जीवन की परिभाषा को नवीन रूप में परिवर्तित कर दिया। स्वतन्त्रता और स्वच्छंदता क्या होती है शायद इसकी कटु अनुभूति का सामना हुआ, पर क्या कभी हमनें सोचा है की जो दिव्यांगजन खुलकर जीवन नहीं जी पाते उनके मन में कैसी टीस होती होगी। उनका लॉकडाउन कैसे होता होगा। उनके मन की क्या व्यथा और मनोदशा होती होगी। कई बार हम लोग उदास होने पर घूम फिरकर माहौल में परिवर्तन कर किसी पर्यटक स्थल, तीर्थ स्थल या किसी बगीचे में जाकर अपने जीवन को एक नई ऊर्जा देते है और अच्छा महसूस करने लगते है, पर शायद दिव्यांगजन यह सब कुछ सहजता से नहीं कर पाते।
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कानून को अपना काम करने दीजिए
आर्यन खान के सपोर्ट में अब फ़िल्म मेकर हंसल मेहता ने अजीब ट्वीट किया है। उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा है कि गांजा और भांग कई देशों में लीगल है। हंसल मेहता का कहना है कि 377 की तरह इस कानून को बदलने के लिए आंदोलन होना चाहिए, क्योंकि इसका गलत इस्तेमाल किया जा रहा है। अब तो हद ही हो गई सुपर स्टार का बेटा न होकर कोई राजा का बेटा हो गया जिनके लिए कानून को जड़ से बदलने की शिफ़ारिस होने लगी है।
ऊंचाहार की विरासत बचाने के लिए पूर्व विधायक ने की पहल
ऊंचाहार/रायबरेली, पवन कुमार गुप्ता। मुसीबत के समय जब कोई उम्मीद की किरण नजर नहीं आती है तो हम सब भगवान को ही याद करते हैं। आज जब प्रशासन की उपस्थित में लगभग 18 वर्षों बाद ऊंचाहार के रामलीला मैदान को मेला आयोजन के लिए खोला गया तो सभी के हृदय में अपार श्रद्धा जाग उठी। इसका एक ज्वलंत उदाहरण देखने को मिला जब पूर्व विधायक कुंवर अजय पाल सिंह ने रामलीला स्थल का गेट खुलते ही उनके द्वारा पूरी व्यवस्था टीम के साथ कर्मचारियों को भेजा गया और रामलीला स्थल की साफ-सफाई करते हुए लोग नजर आए।
रावण गली गली घूम रहे है
हकीकत में आज के दौर में गली-गली रावण से भी खतरनाक मानसिकता वाले राक्षस भ्रमण कर रहे है, और हम सालों पहले जिस रावण ने सीता माता को छुआ तक नहीं उसका पुतला जलाकर रावण का दहन कर रहे है।
दशहरा हिन्दुओं का एक प्रमुख त्योहार है। अश्विन मास के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को इसका आयोजन होता है। भगवान श्री राम ने इसी दिन रावण का वध किया था और देवी दुर्गा ने नौ रात्रि एवं दस दिन के युद्ध के बाद महिषासुर पर विजय प्राप्त की थी। इस त्यौहार को असत्य पर सत्य की विजय के रूप में मनाया जाता है। इसीलिये इस दशमी को विजयादशमी के नाम से भी जाना जाता है। दशहरे के दिन रावण का विशाल पुतला बनाकर उसे जलाया जाता है।
पहले खुद को बदलो फिर सरकार को कोसों
आजकल सोशल मीडिया पर सरकार को कोसने का रिवाज़ चल रहा है, जो लोग खुद का घर तक ठीक से नहीं चला पाते वो भी इतनी बड़ी आबादी को जो सरकार बखूबी चलाकर उपर उठाने की कोशिश कर रही है उनको गालियां देने से नहीं चूकते। सबको बहुत चिंता हो रही है देश की, सबको लगता है बहुत विकट स्थिति से गुज़र रहा है देश। पर ज़रा देश वालों के गिरहबान में झांक कर देखते है की हम सब देश को उपर उठाने में और आर्थिक स्थिति को सुधारने में अपना योगदान कितना देते है।
NTPC परियोजना की बंद 500 मेगावाट की इकाई चालू
रायबरेली, पवन कुमार गुप्ता। कोयला संकट के कारण पैदा हुई बिजली समस्या पर धीरे धीरे सुधार होना शुरू हो गया है। एनटीपीसी की ऊंचाहार परियोजना में कोयले के अभाव में बंद की गई 500 मेगावाट क्षमता की यूनिट नंबर छः को मेंटेनेंस के बाद पुनः चालू कर दिया गया है।
कोयले की किल्लत को दूर करने के लिए भारत सरकार के प्रयास ने रंग लाना शुरू कर दिया गया है। जिसके परिणाम स्वरूप कोल पावर प्रोजेक्ट से कोयले की आपूर्ति बढ़ गई है। एनटीपीसी की ऊंचाहार परियोजना को इस समय मिल रही तीन मालगाड़ी की कोयले की आपूर्ति से जहां उपलब्ध चार यूनिटों को पूरे भार पर चलाना शुरू कर दिया गया है।
चिड़ियाघरों से स्थानीय पक्षियों और जानवरों के संरक्षण के लिए वैश्विक स्तर पर विज़न प्लान जारी
स्थानीय पक्षियों, वन्यजीवों की विलुप्तता वाली प्रजातियों के संरक्षण पर प्राथमिकता से ध्यान केंद्रित करना ज़रूरी – एड किशन भावनानी
भारत को वैश्विक रूप से सोने की चिड़िया का दर्ज़ा और रुतबा यूंही नहीं मिला था, उसके कई सकारात्मक कारण थे जिनमें प्राकृतिक खनिजों का अभूतपूर्व भंडार, जैविक विविधता की अपार शक्ति, दुर्लभ किस्म के स्थानीय पशु-पक्षियों सहित वन्यजीवी विविधता प्राणी, सकारात्मक आर्थिक संपन्नता, संस्कृति, आध्यात्मिकता, सभ्यता का अभूतपूर्व प्रचलन, नैतिकता, कुछल व्यापार, कार्यबल संपन्नता, इमानदारी सहित अनेक ऐसी खूबियां समाहित थी जो पूरे विश्व को आकर्षित करने में कोई कसर नहीं छोड़ती थी।…
लखनऊ GPO में “मलिहाबादी दशहरी आम” पर जारी किया गया विशेष आवरण
संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा जारी दिशा निर्देशों के अनुसार 11 से 17 अक्टूबर तक चलने वाले इस “आज़ादी का अमृत महोत्सव’’ के तीसरे दिन आज मनाया गया “फिलेटली दिवस”
उत्तर प्रदेश के चीफ पोस्टमास्टर जनरल कौशलेन्द्र कुमार सिन्हा द्वारा लखनऊ जीपीओ में स्वतंत्रता संग्राम सेनानी और स्वतंत्रता संग्राम में उनकी भूमिका विषयक डाक प्रदर्शिनी का शुभारंभ किया गया
लखनऊ। आज़ादी का अमृत महोत्सव’’के अंतर्गत होने वाली गतिविधियों के क्रम में आज फिलेटली दिवस मनाया जा रहा है। इस अवसर पर लखनऊ जीपीओ के फिलेटलिक ब्यूरो मे “भारत की आज़ादी मे स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों का योगदान और उनकी भूमिका” विषयक 37 फ्रेम की एक डाक प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। लखनऊ जी. पी. ओ. में जी आई टैग प्राप्त “मलिहाबाद के दशहरी आम” पर उत्तर प्रदेश परिमण्डल के चीफ पोस्टमास्टर जनरल कौशलेन्द्र कुमार सिन्हा द्वारा विशेष आवरण और विशेष विरूपण जारी किया गया।
बोलो दुर्गा माई की “जय”
प्राचीन काल से ही भारत में शिव-शक्ति रूप की आराधना चली आ रही है। संक्षिप्त तौर पर समझा जाए तो शिव का अर्थ निर्गुण, सच्चिदानंद एवं निराकार ब्रह्म है तथा शक्ति का अर्थ उसी ब्रह्म की अभिव्यक्ति है। दुर्गा हिन्दुओं की प्रमुख देवी हैं। शाक्त सम्प्रदाय की मुख्य देवी दुर्गा हैं। दुर्गा तमस एवं अज्ञानता रूपी असुरों से रक्षा करने वाली और कल्याणकारी हैं। नवरात्रि या दुर्गोत्सव शक्ति पूजा का उत्सव है। शरदोत्सव या दुर्गोत्सव को मनाये जाने के लिए तिथियाँ हिन्दू पंचांग के अनुसार ही तय होती हैं एवं इस त्योहार से सम्बंधित पखवाड़े को देवी पक्ष के नाम से जाना जाता है। शारदीय नवरात्र कहें या दुर्गा पूजा, यह पर्व प्रत्येक वर्ष भारत में धूमधाम से मनाया जाता है। इनमें सबसे ज़्यादा आकर्षक एवं सुंदर प्रथा पश्चिम बंगाल के दुर्गा पूजा में दिखाई पड़ती है।
चलो कुछ लम्हों को ताजा कर लेते हैं
चलो कुछ लम्हों को ताजा कर लेते हैं
बीती हुई शाम को गज़ल कर लेते हैं
ये माना कि नजर फेर कर वो इत्मीनान कर लेते हैं
मगर चोर नजर से दिल को बेचैन कर लेते हैं
बहुत लाजिम है तेरे “मैं” का साथ होना
मगर हम भी जरा सा गुमान रख लेते हैं
क्या ही मसला कि रूबरू ना हुये
फासलों से ताआल्लुक तो नहीं खत्म कर लेते है…
वजूद खोकर हमने किया एहतराम तेरा
गाफिल रहकर खुद से एतबार तुझ पर कर लेते हैं
प्रियंका वरमा माहेश्वरी, गुजरात
Jansaamna