इस रविवार जोरदार हंसी, ढेर सारी मस्ती और जबर्दस्त हंगामे के लिए तैयार हो जाइए, क्योंकि ज़ी सिनेमा आपके लिए लेकर आ रहा है फिल्म कुली नं.1 का वर्ल्ड टेलीविजन प्रीमियर। डेविड धवन की फिल्मों का जादू, जोशीला संगीत और बेमिसाल कॉमेडी इसे एक हल्की-फुल्की फिल्म बनाते हैं, जिसमें पूरे परिवार के लिए मस्ती भरा मनोरंजन है। इस मल्टीस्टारर फिल्म में जोश से भरे वरुण धवन और खूबसूरत सारा अली खान के साथ-साथ हर दौर के सबसे बड़े सुपरस्टार्स की शानदार परफॉर्मेंस हैं, जिनमें परेश रावल, जॉनी लीवर, जावेद जाफरी और राजपाल यादव के साथ शिखा तलसानिया और साहिल वैद ने भी महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाई हैं। तो आप भी घर पर रहिए, सुरक्षित रहिए और ज़ी सिनेमा पर रविवार 25 अप्रैल को दोपहर 12 बजे, सुपर फैमिली एंटरटेनर कुली नं. 1 का वर्ल्ड टेलीविजन प्रीमियर जरूर देखिए।
Jan Saamna Office
चमत्कार कौन करेगा ? है कोई टोटका जो कोरोना को ख़त्म करें
किसीने एक बात नोटिस की ? देश के हर मुद्दों पर अपनी हाट खोलकर बैठ जाने वाले आज देश दुनिया पर आई विपदा के समय में कहाँ गायब है। कहाँ गए सारे बाबा जो चुटकी बजाते हथेलियों से भभूत निकालकर दर्द ठीक कर देते थे, कहाँ गए जाड़ फूँक करने वाले ओलिये, कहाँ गए वो ज्योतिष जो हर गतिविधियों की आगाही करते थे। कहाँ गए बड़े-बड़े शब्दों से लंबे-लंबे प्रवचन देने वाले साधु संत जो खुद को विष्णु के अवतार समझते है, कहाँ गई वो संस्थाएं जो चुनाव जीताने के लिए होम हवन करवाते है।
क्या कोरोना के आगे उनकी एक नहीं चलती, अगर सच में कोई टोटके काम करते है तो कोरोना ख़त्म करने के लिए भी कोई उपाय होना चाहिए, या सारी विद्याएं लोगों को लूटने का ढ़ोंग मात्र होता है।
चिकित्सीय ऑक्सीजन का औद्योगिक उपयोग तुरंत स्थगित हो – नागरिकों का जीवन बचाने ऑक्सीजन की अत्यंत तात्कालिक आवश्यकता
केंद्र सरकार को उद्योगों के ऑक्सीजन स्टॉक आपूर्ति को चिकित्सीय ऑक्सीजन में बदलना जरूरी – एड किशन भावनानी
वैश्विक रूपसे कोरोना महामारी 2021 का आघात बड़ी तेजी से और बहुत ही घातक हुआ है। हालांकि 2020 की अपेक्षा 2021 में इसका इंफ्रास्ट्रक्चर और पिछले वर्ष का अनुभव काफी बड़ा हैं और साथ ही साथ कोरोना मारक वैक्सीन भी कुछ देशोंने कई परीक्षणों और प्रक्रियाओंं के बाद खोज कर उपलब्ध कराईहै और टीकाकरण युद्ध स्तर पर जारी है फिरभी यह महामारी अपना उग्र रूप धारण किए हुए हैं।…बात अगर हम भारत की करें तो यहां विश्व का सबसे बड़ा टीकाकरण अभियान चल रहा है और 12 करोड़ से अधिक लोगों को टीका लगाया जा चुका है और तीसरे चरण का टीकाकरण 1 मई 2021 से 18 वर्ष के ऊपर वाले सभी नागरिकों को लगाना चालू होंगा, उसके बाद कुल 90 करोड़ नागरिक इस टीकाकरण को लगाने की योग्यता में आ जाएंगे।
मेडिकल वेस्ट के निस्तारण में सावधानी जरूरी – लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती
प्रत्येक राज्य में जिला प्रशासन स्तर पर कोरोना मेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट पर पैनी निगरानी रखना जरूरी – एड किशन भावनानी
वैश्विक रूप से कोरोना महामारी ने 2021 में दोबारा घातक तरीके से संक्रमण के द्वारा अति जनहानि पहुंचाई जा रही है जो काफी चिंता का विषय है। जिस के निराकरण के लिए वैश्विक स्तरपर उपाय, सावधानियां व टीकाकरण अभियान जोरदार ढंग से चलाया जा रहा है।… बात अगर हम भारत की करें तो यहां भी शासन-प्रशासन की पूरीताकत झोंक दी गई है, जिसे हम इलेक्ट्रॉनिक मीडिया द्वारा देख व सुन रहे हैं। मेरा एक सुझाव है कि कोविड-19 अस्पताल,क्वॉरेंटाइन सेंटर से निकलने वाले मेडिकल वेस्ट के निस्तारण के लिए अतिसावधानी बरतना जरूरी है।
संक्रमण को रोकने के लिए मास्क का प्रयोग जरूरी-जिलाधिकारी
संक्रमित व्यक्ति के परिवार का कोई भी सदस्य दुकानों पर न बैठे
प्रयागराज। जिलाधिकारी भानु चन्द्र गोस्वमी ने गुरूवार को संगम सभागार में व्यापार मण्डल के प्रतिनिधियों के साथ कोविड के प्रसार को रोकने के सम्बंध में बैठक की। व्यापार मण्डल के प्रतिनिधियों ने जिला प्रशासन का पूर्ण सहयोग करने का आश्वासन दिया। उन्होंने प्रशासन को आश्वस्त किया कि जो भी निर्देश आपकी तरफ से निर्गत होंगे, उसका पूरा-पूरा पालन व्यापार मण्डल करना सुनिश्चित करेगा। जिलाधिकारी ने कहा कि जीवन के साथ-साथ आजीविका भी जरूरी है, इसलिए हमें इस बात का भी ध्यान रखना होगा कि लोग सुुरक्षित रहें और उनकी आजीविका भी चलती रहे।
DM के निरीक्षण में पाये गये दोषी फार्मासिस्ट को CMO ने किया निलम्बित
कानपुर देहात। चिकित्सा अधीक्षक सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र सन्दलपुर एट हवासपुर कानपुर देहात में जिलाधिकारी जितेन्द्र प्रताप सिंह द्वारा दिनांक 15 अप्रैल को निरीक्षण किया गया। औषधि वितरण कक्ष में ड्यूटी पर उपस्थित फार्मासिस्ट विकास कुमार द्वारा एण्टीबायोटिक टेबलेट सिफेक्जिम 10 के स्थान पर 08 तथा टेबलेट पैरासीटामाॅल 15 के स्थान पर 10 दी गयी जिसकी शिकायत मरीज ने चिकित्सालय में औचक निरीक्षण हेतु आये जिलाधिकारी से की, जिस पर जिलाधिकारी द्वारा औषधि वितरण कक्ष में डेली मेडिसिन कन्जेप्सन रजिस्टर का भौतिक सत्यापन किया गया जिसमें एण्टीबाॅयोटिक टेबलेट सिफेक्जिम 10 तथा पैरासीटामाॅल 15 टेबलेट खारिज की गयी थी।
Read More »“पुरुष परिवार का एक सशक्त स्तंभ है”
कितने विमर्श, कितनी तारीफें, कितनी संवेदना लिखी गई है औरतों को लेकर। पर हर कोई भूल चुका है कि मर्द की आँखों में भी नमी होती है जो पलकों पर ही ठहर गई है, एक कतरा भी बहकर परिवार की खुशियाँ तितर-बितर नहीं होने देता। संसार रथ के दो पहिये जब कदम से कदम मिलाकर चलते है,,, तब हर मर्द की ये कोशिश रहती है अपनी साथी को रक्षते अगवानी में एक कदम आगे रहने की। वो जानता है वो परिवार का स्तंभ है, कभी टूटने नहीं देता खुद के होते परिवार की माला को।
कोरोना के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए सभी स्वास्थ्य सेवायें रहे दुरस्त: DM
कानपुर देहात। जिलाधिकारी जितेन्द्र प्रताप सिंह ने कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में कोविड-19 के बढ़ते संक्रमण दृष्टिगत व गोल्डन कार्ड की स्वास्थ्य विभाग के साथ समीक्षा की। उक्त बैठक में जिलाधिकारी ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को निर्देशित किया कि कोरोना वायरस बढ़ते रूख को देखते हुए सभी स्वास्थ्य सेवायें दुरस्त रहे तथा चिकित्सक समय से अस्पतालोें में उपस्थित रहे व दवा आदि की पर्याप्त मात्रा में सीएमची, पीएचसी तथा जिला अस्पताल में उपलब्ध रहे।
CDO ने जूम मीटिंग के माध्यम से RO व ARO के भ्रम का किया निवारण
कानपुर देहात। मुख्य विकस अधिकारी सौम्या पाण्डेय की अध्यक्षता में जिला विकास अधिकारी व जिला पंचायत राज अधिकारी ने प्रातः जूम मीटिंग कर मतदान से सम्बन्धित जो भी अस्पष्टता या भ्रम की स्थितियां आरो या एआरओ के सामने उत्पन्न हो रही थी उनका निवारण किया। सभी निर्वाचन अधिकारी व सहायक निर्वाचन अधिकारी को नाम निर्देशन पत्रों की स्क्रूटनी या समीक्षा कैसे की जाती है उसको दोबारा जिला विकास अधिकारी व जिला पंचायत राज अधिकारी द्वारा स्पष्ट किया गया। आरओ झींझक, जीएमडीआईसी और आरओ अकबरपुर ने कई प्रश्न उठाये और उनके प्रश्नों का सम्बन्धित अधिकारियों द्वारा समाधान किया गया।
प्रवासी मजदूरों की बेबसी बयां करती त्रासदी – मजदूरों की मजबूरी – फिर गांव वापसी जरूरी
कोरोना की दूसरी लहर और लॉकडाउन से असमंजस में वापसी को मजबूर हैं प्रवासी मजदूर – एड किशन भावनानी
भारत में पिछले वर्ष हमने प्रवासी मजदूरों के विशाल तादाद ने अपने गांव की ओर लौटने का मंजर पैदल साइकल, दो पहिया वाहन वाहन, ट्रक, बस के रूप में देखा था।और उनकी बेबसी, त्रासदी अनेक मजबूरियां, मजदूरों की मृत्यु हमने इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के माध्यम से पूर्ण लॉकडाउन में देखी थी। वह मंजर भूले नहीं हैं, लेकिन बड़े दुख की बात है कि एक बार फिर प्रवासी मजदूरों की बेबसी बयान करती त्रासदी, मजदूरों की बेबसी, पूर्ण लॉकडाउन का भय, ट्रेनों के बंद होने का भय, बड़ी तेजी के साथ प्रवासी मजदूरों में आज फैल रहा है।
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