लखनऊ। मुख्य सचिव एस.पी. गोयल की अध्यक्षता में उत्तर प्रदेश में भारत लैंड स्टैक के कार्यान्वयन के लिए गठित राज्य स्तरीय संचालन समिति की प्रथम बैठक आयोजित की गई। बैठक में प्रदेश के विभिन्न विभागों के भूमि संबंधी आंकड़ों को एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराने, परियोजना के प्रभावी क्रियान्वयन तथा विभागों के मध्य समन्वय स्थापित करने के संबंध में विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।
मुख्य सचिव ने कहा कि भारत लैंड स्टैक परियोजना भूमि प्रशासन में पारदर्शिता, दक्षता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण एवं परिवर्तनकारी पहल है। इसके पूर्ण रूप से लागू होने पर नागरिकों को भूमि एवं संपत्ति से संबंधित समग्र जानकारी एक ही डिजिटल पोर्टल पर ऑनलाइन उपलब्ध हो सकेगी। इससे सरकारी कार्यालयों के बार-बार चक्कर लगाने की आवश्यकता कम होगी तथा भूमि एवं संपत्ति संबंधी सेवाएं अधिक सरल, सुगम, त्वरित और पारदर्शी बन सकेंगी।
उन्होंने अन्य राज्यों के अनुभवों का अध्ययन करते हुए उत्तर प्रदेश की आवश्यकताओं के अनुरूप प्रभावी कार्ययोजना तैयार करने पर बल दिया और यह निर्देश दिए कि परियोजना के समयबद्ध एवं प्रभावी क्रियान्वयन के लिए प्रमुख सचिव, स्टाम्प एवं रजिस्ट्रेशन की अध्यक्षता में एक समिति गठित की जाए। समिति में आयुक्त एवं सचिव, राजस्व परिषद सहित अन्य संबंधित विभागों के अधिकारियों को सदस्य के रूप में शामिल किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय से अपने-अपने विभागों के भूमि संबंधी आंकड़ों के डिजिटलीकरण एवं एकीकरण की कार्यवाही प्राथमिकता के आधार पर सुनिश्चित करें, ताकि परियोजना को निर्धारित समयसीमा में धरातल पर उतारा जा सके।
बैठक में आयुक्त एवं सचिव, राजस्व परिषद श्रीमती कंचन वर्मा ने बताया गया कि भारत लैंड स्टैक एक जीआईएस आधारित डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना है, जिसके माध्यम से भूमि और उस पर निर्मित भवनों से संबंधित विभिन्न विभागों के आंकड़ों को अलग-अलग डिजिटल लेयर के रूप में एकीकृत किया जाएगा। इससे भूमि स्वामित्व, भूखंडों की सीमाओं, संपत्ति पंजीकरण, भवन निर्माण की स्वीकृति, मास्टर प्लान, भूमि उपयोग, सर्किल रेट सहित अन्य महत्वपूर्ण जानकारियां एक ही प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध हो सकेंगी।
इस डिजिटल प्लेटफॉर्म पर भूमि अधिकार अभिलेख , कैडस्ट्रल मैप, ड्रोन एवं सैटेलाइट इमेज, संपत्ति पंजीकरण अभिलेख, भवन निर्माण संबंधी स्वीकृतियां, मास्टर प्लान, भूमि उपयोग, सर्किल रेट, किरायेदारी एवं लीज संबंधी विवरण तथा भूमि पर दर्ज बंधक, न्यायालयीन विवाद और अन्य प्रतिबंधों से संबंधित जानकारियां भी उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाएगी।
भारत लैंड स्टैक के माध्यम से भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया को सुगम बनाने, शहरी नियोजन को बेहतर करने, संपत्ति कर के निर्धारण, बिजली एवं जल जैसी बुनियादी उपयोगिताओं के बेहतर प्रबंधन तथा नागरिक सेवाओं की डिलीवरी को गति देने में महत्वपूर्ण मदद मिलेगी। इसके साथ ही भूमि स्वामित्व अधिकारों की सुरक्षा मजबूत होगी और भूमि संबंधी मामलों में नागरिकों को प्रमाणिक एवं एकीकृत जानकारी उपलब्ध कराने में सुविधा होगी।
बैठक में प्रमुख सचिव, स्टाम्प एवं रजिस्ट्रेशन अमित गुप्ता, मुख्य कार्यपालक अधिकारी, इन्वेस्ट यूपी वजय किरण आनंद सहित विभिन्न संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
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