हाथरस,जन सामना। नेहरू युवा केन्द्र के निर्देशन में गांव एहन में जल संरक्षण की शपथ दिलाई। बचेगा जल तो सुरक्षित होगा कल। कुछ इन्हीं नारों के साथ बच्चों ने जल संरक्षण की शपथ ली। अपने घर से पानी बचाने की शुरुआत करने और आसपास के लोगों को पानी की बर्बादी रोकने के प्रति जागरूक करने का संकल्प लिया। पोस्ट ऑफिस चौराहे पर हुए नेहरू युवा केंद्र के स्वयंसेवक रॉकी चौहान ने बच्चों को जल संरक्षण के प्रति शपथ दिलाई। उन्होंने कहा कि सामान्य जीवन में हम काफी जल व्यर्थ बहा देते हैं। सिर्फ स्नान करते समय ही आवश्यकता से तीन गुना तक पानी व्यर्थ बहा दिया जाता है। यही नहीं घरों में साफ सफाई के काम भी काफी पानी बचाया जा सकता है। इसके अलावा घरों में टंकियां फुल होने के बाद भी पानी बहता रहता है। लोग ध्यान नहीं देते। कई बार तो लोग घरों में टंकी की टोंटियां भी खुली छोड़ दी जाती हैं, जिससे पानी नालियों में ही बह जाता है। कृषि कार्यों में भी पानी का दुरुपयोग बढ़ता जा रहा है। तकनीक और जानकारी के अभाव में किसान ऐसी फसलें बो रहे हैं, जिससे पानी का अधिक उपयोग हो रहा है। उन्होंने कहा कि पहले गांवों से लेकर शहरों तक बरसात के पानी को सहेजने के लिए तालाब और पोखर हुआ करते थे, जहां पानी वापस जमीन में चला जाता था, लेकिन आधुनिक परिवेश की ओर बढ़ते मानवीय कदमों के बीच प्राकृतिक संसाधन विलुप्त होते जा रहे हैं। नतीजा यह है कि भूगर्भ जलस्तर निरंतर गिरता जा रहा है। ऐसे में यह आवश्यक है कि हम सभी को पानी का दुरुपयोग रोकना होगा। बूंद बूंद पानी से सागर बनता है। इस कल्पना को साकार करना होगा और अपनी दैनिक आदतों में बदलाव कर जल को बचाया जा सकता है। मसलन, स्नान के समय शाबर का उपयोग करने के बजाए, बाल्टी का प्रयोग किया जाए तो उतना ही पानी खर्च होगा, जितने की आवश्यकता है। घरों की टंकियां और टोंटियों का पूरा ध्यान रखें, ताकि जल बच सके और जीवन भी बच सके। उन्होंने बच्चों को स्वयं पानी का दुरुपयोग रोकने और अपनी आदतों में बदलाव जल संरक्षण में सहयोग करने का संकल्प दिलाया।
इस मौके पर नितेश चौहान, मोहित चैहान, कुलदीप, अंकुश, हरिदत्त, करण चौहान, हिमांशु आदि मौजूद रहे।
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