ऊंचाहार,/रायबरेली,पवन कुमार गुप्ता। जिले की यातायात व्यवस्था लचर है। सब लोग नियम तोड़ रहे हैं। अब तो हाल ये है कि लोग खुलेआम अपनी गाडिय़ों में काला शीशा लगा कर बेखौफ घूम रहे हैं। यदि इन वाहनों पर कोई कार्यवाही नहीं हुई तो काला शीशा लगे इन वाहनों से आपराधिक घटनाओं को भी भविष्य में अंजाम दिया जा सकता है। अब बारी छोटे शहरों की है। छोटे शहरों में भी ऐसी घटनाएं हो सकती हैं। लेकिन इस मामले में प्रशासन गंभीर नहीं है। सरकार द्वारा काला शीशा पर प्रतिबंध लगाया गया है। बावजूद इसके सड़क पर काला शीशा लगे वाहन सरपट दौड़ रहे हैं। हालांकि क्षेत्र में अब तक ऐसी कोई घटना नहीं हुई है। लेकिन इसे लेकर सतर्कता भी नहीं दिख रही है। बताते चलें कि जनपद के ऊंचाहार के तहसील परिसर में इसके तहत सभी नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। दोपहर में देखा गया कि तहसील परिसर के अंदर और अधिकारियों के कार्यालय के सामने से घूम रहे वाहन ऐसे थे जिनमें सभी चीजों में काली फिल्म लगी हुई थी जिससे अंदर बैठे हुए व्यक्ति की पहचान कर पाना मुश्किल हो रहा था और खासकर चुनाव के इस दौर में जबकि क्षेत्र में राजनीतिक माहौल गर्म है आपराधिक प्रवृत्ति के लोग किसी भी समय कहीं भी कोई भी घटना को अंजाम दे सकते हैं इस हाल में तहसील परिसर के अंदर बिना नंबर प्लेट और काली फिल्म लगी गाड़ी के घूमने से लोगों में दहशत है कि ना जाने कौन किस विचारधारा का व्यक्ति इन वाहनों में तहसील परिसर के अंदर घूम रहा है।
क्या हो सकते हैं अपराध
काला शीशा लगे वाहन के अंदर कौन है, अपराधी हैं या वीआईपी, इसका पता न तो पुलिस को चल पाता है न जनता को। बिना नंबर प्लेट और काला शीशा लगे वाहनों का उपयोग अक्सर आपराधिक गतिविधियों के लिए होता आया है। कारों से हत्या और अपहरण की वारदातों को अंजाम भी दिया जा सकता है। ऊंचाहार क्षेत्र में और खासकर तहसील परिसर में चुनाव के दरमियान आचार संहिता लागू होने के बावजूद घूम रही ऐसी गाड़ियां प्रशासन को सिर्फ और सिर्फ चीढ़ाने का काम कर रही हैं।
कोतवाली प्रभारी ने बताया कि क्षेत्र में प्रायः चेकिंग की जाती है। इस दरम्यान मिलने वाले ऐसे वाहनों पर कार्यवाही होती रही है।
क्या है नियम
केंद्रीय मोटर वाहन नियमावली, 1989 के नियम 100 के तहत वाहनों की खिड़कियों के शीशे काले या रंगीन नहीं होने चाहिए। केंद्रीय मोटरवाहन नियमावली, 1989 के नियम ((2)) के तहत वाहनों में लगे काले शीशे को हटाने का प्रावधान है। मोटर वाहन अधिनियम 1988 की धारा 177 और 179 के तहत काला शीशा लगाने वाले वाहन मालिकों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई का प्रावधान है।
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